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खुली छूट के बाद 10 नक्सलियों के मरते ही मोदी ने जारी किये और भी सख्त आदेश, नक्सलियों ने जोड़े हाथ !

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नई दिल्ली : सुकमा में नक्सलियों द्वारा सीआरपीएफ जवानो पर हमला किये जाने को लेकर पीएम मोदी कितना आगबबूला हो गए थे और उनके सख्त निर्देशों के बाद सीआरपीएफ ने दो ही दिनों में नक्सलियों को इस कदर ठोका है कि नक्सलियों में डर के मारे हाहाकार मच गया है. इसी कड़ी में अभी-अभी एक ऎसी खबर आयी है, जिसे देख नक्सलियों के मन में पीएम मोदी के डर को साफ देखा जा सकता है.

डर के मारे जारी किया ऑडियो टेप !

दरअसल पीएम मोदी ने सीआरपीएफ को 75 दिनों की खुली छूट दीं हुई है, उन्हें सख्त निर्देश हैं कि नक्सलियों को जड़-मूल से उखाड़ फेंका जाए. जिसके बाद खबर आयी कि बुद्धवार को सीआरपीएफ ने 10 नक्सलियों को ठोक डाला. देखते ही गोली मारने के आदेश के बाद नक्सली इतना घबरा गए हैं कि उन्होंने एक ऑडियो जारी कर सीआरपीएफ को धमकी दे दीं.

नक्सलियों ने अपने इस टेप में खुद को मासूम बताते हुए उलटे सीआरपीएफ पर ही आरोप लगा दिए. नक्सलियों ने कहा कि सीआरपीएफ के जवान आदिवासी महिलाओं का यौन शोषण करते हैं और आदिवासी महिलाओं की गरिमा और सम्मान के लिए ही उन्होंने ये हमला किया था. नक्सलियों ने खुद को मासूम बताते हुए अपने खूनी खेल को जायज ठहराया और कहा कि उनके हमलों को जनहित में देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के जवानों के साथ उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिलकुल ऐसा ही बहाना कश्मीर के अलगाववादी भी लगाते हैं, जब-जब सरकार व् सेना उन्हें ठोकने के मिशन में निकलती है.

बचाव का वही पुराना पैंतरा !

दरअसल पहले तो ये लोग जवानों पर हमले करते हैं, जब सरकार सख्त एक्शन लेती है तो डर के मारे ये लोग ऐसे फर्जी आरोप लगाते है, जिसके बाद देश में उच्च पदों पर बैठे कुछ सफेदपोश आतंकी इन्ही फर्जी आरोपों को लेकर सरकार पर कीचड उछालने व् कोर्ट में सरकार को रोकने के लिए याचिकाएं डालने शुरू हो जाते हैं.


इस ऑडियो में बोल रहे शख्स ने अपना नाम विकल्प बताते हुए खुद को DKSZC का प्रवक्ता बताया है. सबसे ख़ास बात तो ये है कि 16 मिनट और 42 सेकेंड का ये ऑडियो किसी स्थानीय भाषा में नहीं बल्कि हिंदी में जारी किया गया है. इस ऑडियो में नक्सलियों ने दावा किया है कि 2016 में सरकार ने नक्सलियों के कैडर्स पर हमले किए जिसमें छत्तीसगढ़ में छह नक्सली और ओडिशा में 21 नक्सली मारे गए थे. इसी बात का बदला लेने के लिए नक्सलियों ने सीआरपीएफ पर हमला किया.

ऑडियो में ये भी दावा किया गया है कि माओवादियों ने ही 11 मार्च और 24 अप्रैल को सीआरपीएफ के जवानों पर हमले किए. सरकार के ऑपरेशन “ग्रीन हंट” का जवाब देने के लिए उन्होंने ये हमले किए. जानकारों के मुताबिक़ पीएम मोदी ने सीआरपीएफ को जो खुली छूट दीं है और साथ ही अत्याधुनिक हथियारों की मदद से नक्सलियों को ठोकने के आदेश दिए हैं. ये उसी का नतीजा है.

ख़बरों के मुताबिक़ नक्सलियों के राज्य छोड़ कर भागने के सभी रास्तों पर सीआरपीएफ की टीमें तैनात हैं और जंगलों व् गाँवों में सीआरपीएफ की टीमें तेजी से नक्सलियों की तालाश कर रही हैं. ऐसे में नक्सली समझ चुके हैं अब उनका बचना मुश्किल है, इसी के चलते उन्होंने सहानभूति बटोरने के लिए ऐसा ऑडियो जारी किया है. ये भी कहा जा रहा है कि देश के कई वामपंथी अब इन नक्सलियों के बचाव में खड़े हो सकते हैं.


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