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ये है गौरी लंकेश का क़ातिल, नाम सुनकर कांग्रेस के छूटे पसीने, मोदी से माफ़ी मांगेंगे अब राहुल गाँधी ?

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नई दिल्ली : आरएसएस और बीजेपी के खिलाफ पत्रकारिता करने वाली वामपंथी पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या होने के बाद तेजी से कांग्रेस ने इसका आरोप हिंदूवादी संगठनों पर लगाया था. यहाँ तक की खुद राहुल गांधी ने इसके लिए पीएम मोदी से जवाब तलब कर लिया था. मगर अब गौरी लंकेश की हत्या के मामले में खुलासा होने के बाद कांग्रेस के होंठ सिल गए हैं.


नक्सली नेता विक्रम गौड़ा ने की हत्या !

कन्नड़ न्यूज़ चैनल सुवर्ण टीवी ने खुलासा किया है कि गौरी लंकेश की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि नक्सली नेता विक्रम गौड़ा ने की है. चैनल का दावा है कि कर्नाटक सरकार द्वारा बनाई गई एसआईटी को भी इस बारे में पक्के सुराग मिले हैं. अब जांच का सारा फोकस इसी एंगल पर आ गया है. अब सवाल ये है कि क्या राहुल गांधी और कांग्रेस के तमाम नेता व् सभी डिज़ाइनर पत्रकार अब पीएम मोदी से माफ़ी मांगेगे?

क्योंकि एसआईटी के मुताबिक़ जिस तरह से हत्या की गयी है, उसमे नक्सलियों का हाथ साफ दिखाई दे रहा है. गौरी लंकेश नक्सलियों को मेन स्ट्रीम में लाने की कोशिश कर रही थी, जो नक्सली नेताओं को नागवार गुजरा. इस खुलासे ने दिल्ली में बैठे नक्सली पत्रकारों की भी पोल खोल के रख दी है, जिन्होंने हत्या के फौरन बाद हिंदुत्ववादी संगठनों पर दोष मढ़ दिया था.

नक्सलियों की नाराज़गी मोल ली !

सुवर्ण टीवी चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक़ पिछले कुछ वर्षों में गौरी लंकेश की पहल से कई बड़े नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया था. लंकेश बीजी कृष्णमूर्ति, लता मुंडरेगा और प्रभा जैसे नक्सली गुटों को हथियार छोड़ने के लिए मना रही थीं. यही वजह है कि कट्टरपंथी नक्सली नेताओं को उनसे ख़तरा दिखने लगा और उन्होंने लंकेश को रास्ते से हटा दिया.

पूरे मामले में सबसे प्रमुख नाम है नक्सली कमांडर विक्रम गौड़ा का. दरअसल राज्य में नक्सलियों के 2 सबसे बड़े ग्रुप तुंग और भद्रा सक्रिय हैं. विक्रम गौड़ा भद्रा टीम का कमांडर है, जबकि कृष्णमूर्ति तुंग का कमांडर है. कर्नाटक के चिकमंगलूर इलाके में विक्रम गौड़ा के गुप का दबदबा है. जबकि उसके पड़ोस के शिमोगा में कृष्णमूर्ति ग्रुप की चलती है. चैनल ने नक्सलियों के हवाले से बताया कि गौरी लंकेश तुंग टीम के नक्सलियों के संपर्क में थीं और उन्हें आत्म समर्पण करने के लिए मना रही थीं.


विक्रम गौड़ा ने ही मारी थी गोली ?

चैनल के मुताबिक़ गौरी लंकेश की इन्ही कोशिशों के कारण विक्रम गौड़ा काफी नाराज था और उसका मानना था कि यदि तुंग टीम के लोगों ने हथियार डाल दिए तो इससे पूरे मलनाड इलाके में नक्सली आंदोलन की पकड़ कमजोर हो जाएगी. देखा-देखी उसकी टीम के लोग भी हथियार डालने लगेंगे.

विक्रम कर्नाटक में सक्रिय सबसे कट्टर नक्सलियों में से एक है. उसकी मंशा है कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर कर्नाटक में भी ‘लिबरेटेड ज़ोन’ बना ले. कर्नाटक सरकार इस बात को पहले ही साफ़ कर चुकी है कि नक्सली समस्या से निपटने में गौरी लंकेश उनकी सहायता कर रही थीं. एसआईटी को सबूत मिले हैं कि विक्रम गौड़ा हत्या करने के लिए खुद बैंगलोर आया था और उसी ने गौरी लंकेश को गोली मारी है.

पुलिस के खबरियों के मुताबिक़ गौरी को गोली मारकर वो चिकमंगलूर के घने जंगलों में जा छिपा है. गौरी लंकेश के घर के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में हत्यारों की तस्वीर कैद हुई है. हालांकि सभी हत्यारों ने हेलमेट पहने हुए थे. मगर फुटेज के मुताबिक़ हत्यारों की लंबाई 5 फुट 1 इंच से लेकर 5 फुट 4 इंच के बीच है. पुलिस के मुताबिक विक्रम गौड़ा की लंबाई भी 5 फुट 2 इंच ही है. अब पुलिस इस फुटेज में दिख रहे नक्सलियों की पहचान करने के लिए जेल में बंद नक्सलियों की मदद ले रही है.

माफ़ी मांगेंगे अब राहुल ?

सवाल ये है कि अब जब हत्यारों का खुलासा हो चुका है तो क्या राहुल गाँधी को देश की नाता के सामने पीएम मोदी से माफ़ी नहीं मांगनी चाहिए थी? क्या एनडीटीवी जैसे चैनलों को, जिन्होंने बिना पूरी सच्चाई जाने एक एजेंडे के तहत बीजेपी और पीएम मोदी को बदनाम करने की साजिश की, उन्हें माफ़ी नहीं मांगनी चाहिए? क्या मीडिया की आजादी के नाम पर देशद्रोहियों के एजेंडे चलाने वाले ऐसे पत्रकारों को सलाखों को पीछे नहीं डालना चाहिए?


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