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रक्षाबंधन के मौके पर प्राइवेट कर्मचारियों को पीएम मोदी का सबसे शानदार तोहफा, ख़ुशी से झूमे लोग

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नई दिल्ली : देश के विकास के लिए पीएम मोदी तेजी से नयी-नयी योजनाएं शुरू करते जा रहे हैं. जहाँ पिछली सरकारों का पूरा ध्यान सरकारी कर्मचारियों के वेतन-भत्ते को बढ़ाने में ही लगा हुआ था, वहीँ मोदी सरकार ने सरकारी कंपनियों में काम करने वालों के साथ-साथ प्राइवेट नौकरी करने वालों को जबरदस्त फायदा पहुंचाने वाली एक योजना को शुरू करने का फैसला लिया है.

प्राइवेट सेक्टर वालों की बल्ले-बल्ले !

प्राइवेट सेक्टर और सरकारी कंपनियों (PSUs) में काम करने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए सरकार ग्रैच्युटी की समय सीमा को घटाने जा रही है. श्रम मंत्रालय की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव भी भेज दिया गया है. इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही कर्मचारी को एक साल नौकरी करने के बाद नौकरी छोड़ने पर या नौकरी से निकाले जाने पर ग्रैच्युटी का पैसा मिलने लगेगा. इसके साथ-साथ मोदी सरकार टैक्‍स फ्री ग्रैच्‍युटी भुगतान की सीमा को भी दोगुना करने जा रही है.

बता दें कि अभी कम से कम 5 साल तक नौकरी करने पर ही कर्मचारियों को ग्रैच्युटी मिलती है. श्रम मंत्रालय द्वारा इस प्रस्ताव को अन्य मंत्रालयों के पास विचार के लिए भेजा जा चुका है. मंत्रालयों से इस प्रस्ताव को जल्द ही हरी झंडी मिल सकती है.

नहीं देना होगा टैक्स !

इसके साथ-साथ पेमेंट ऑफ ग्रैच्युटी ऐक्‍ट में भी संशोधन किये जाने का फैसला लिया गया है. बता दें कि पेमेंट ऑफ ग्रैच्युटी ऐक्ट, 1972 के अनुसार सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली 20 लाख तक ग्रैच्युटी की राशि पर सरकार आयकर नहीं लेती. प्राइवेट नौकरी करने वालों को रिटायर होने के बाद मिलने वाली ग्रैच्युटी के केवल 10 लाख रुपये तक होने पर आयकर नहीं लगता है, लेकिन इससे ज्यादा राशि होने पर आयकर लिया जाता है.


सरकार की योजना है कि प्राइवेट नौकरी करने वालों को मिलने वाली टैक्स फ्री ग्रैच्युटी राशि को भी बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया जाए. श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि प्राइवेट सेक्टर में भी टैक्स फ्री ग्रैच्युटी की सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया जाए.

सरकारी कर्मचारी और प्राइवेट कर्मचारी एक समान !

मोदी सरकार का मानना है कि सारे फायदे केवल सरकारी कर्मचारियों को ही क्यों मिले? काम तो प्राइवेट सेक्टर के लोग भी करते हैं, देश के विकास में उनका भी उतना ही योगदान है जितना कि सरकारी कर्मचारियों का है. तो फिर क्यों केवल सरकारी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की राशि दोगुनी हो और क्यों केवल उन्हें मिलने वाली सारी राशि टैक्स फ्री हो.

यानी प्राइवेट नौकरी पेशा लोग अब केवल एक वर्ष तक नौकरी करने के बाद भी अपना ग्रैच्युटी का पैसा निकाल सकेंगे और उसपर सरकार को कोई टैक्स भी नहीं देना होगा. यानी पूरा पैसा अब आपका. संसद में एक ऐसा विधेयक लाने पर भी विचार चल रहा है, जिससे जब भी केंद्रीय कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की राशि बढ़ाई जाए तो प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की ग्रेच्युटी भी अपने आप ही बढ़ जाए.


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