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कश्मीर में पीएम मोदी आये एक्शन में, उठाया अब तक का सबसे बड़ा कदम, अब आतंकियों की खैर नहीं

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श्रीनगर : पिछले कुछ वक़्त से कश्मीर के हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं. आतंकियों के समर्थन में सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की घटनाए होने पर सेना प्रमुख को पत्थरबाजों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के आदेश भी देने पड़ गए हैं. कश्मीर में बढ़ती देशविरोधी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने अमन के फूल खिलाने का मन बना लिया है.

पीएम मोदी का मिशन 2017

घाटी से आतंक का पूरी तरह से सफाया करने के लिए बाकायदा एक बुलेट-प्रूफ योजना बनायी गयी है. रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी रॉ और सेना की खुफिया एजेंसी इस योजना में मुख्य भूमिका में होंगे. ख़बरों के मुताबिक़ पीएम मोदी की इस ऐतिहासिक योजना का नाम रखा गया है मिशन 2017. योजना को कई चरणों में अंजाम दिया जाएगा.

सबसे पहले चरण का नाम है “हिलिंग टच“, इस चरण का मूलमंत्र है “आ अब लौट चलें फिर बहार की ओर“. इस चरण के तहत जो लोग राह भटक कर गलती से आतंक के रास्ते पर चल पड़े हैं और वापस आना चाहते हैं, उन्हें वापसी का मौक़ा दिया जाएगा. कोशिश की जायेगी कि भटके हुए नौजवान जो गलती से आतंकी बन गए हैं उनके परिवार के लोगों, दोस्तों और अध्यापकों की सहायता से उनसे आत्मसमर्पण करा लिया जाये. ये वही नौजवान है जो पाकिस्तान के बहकावे में आकर आतंकी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं और भारत के खिलाफ जेहाद छेड़ देते हैं.

भटके हुए स्थानीय नौजवानों को आतंकवाद छोड़ कर वापस मुख्यधारा में शामिल करवाने के लिए “मौज छय नाद दिवान” यानी “मां बुला रही है” जैसे भावनात्मक कश्मीरी गीतों का सहारा लिया जाएगा. इन गीतों के जरिये से इन नौजवानों को उनकी माताओं की वेदना के बारे में समझाया जाएगा जो अपने बच्चों की मौत का दुःख झेल रही हैं. गौरतलब है कि पाकिस्तान के झांसे में फसकर आतंकी बने कश्मीर के कई नवयुवक अब तक पुलिस और सेना के एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं. इसके अलावा पाकिस्तान की नापाक करतूतों के बारे में बताने के लिए धार्मिक गुरूओं और मौलवियों की सहायता भी ली जायेगी.

योजना के दूसरे चरण के तहत खुफियां एजेंसियां पूरी कोशिश करेंगी कि 2017 में और लोग आतंक के रास्ते पर ना जाने पाए और कश्मीर आतंक मुक्त हो पाए. इसके लिए उन आतंकियों के खिलाफ सैन्य बल का इस्तमाल किया जाएगा जो बुलाने पर वापस नहीं आते और भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहते हैं. ऐसे आतंकियों को उन्ही की भाषा में सख्त जवाब दिया जाएगा.

बड़े पैमाने पर चलाए जाने वाले पीएम मोदी के इस मिशन 2017 में गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, सेना की खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर सरकार की सहायता भी ली जायेगी. वापस आने वाले नौजवानों को मुख्य धारा में शामिल होने का एक और मौक़ा दिया जाएगा और आतंक फैलाना जारी रखने वाले आतंकियों का सफाया कर दिया जाएगा.

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