Home > ख़बरें > गोहत्या को पूरी तरह से बंद करने के लिए मोदी सरकार ने लिया हाहाकारी फैसला, बिलबिला उठे मांस-विक्रेता

गोहत्या को पूरी तरह से बंद करने के लिए मोदी सरकार ने लिया हाहाकारी फैसला, बिलबिला उठे मांस-विक्रेता

modi-against-cow-slaghter

नई दिल्ली : पीएम मोदी ने देश की जनता से वादा किया था कि वो गोवध रोकेंगे. खबरों के मुताबिक़ आज मोदी सरकार ने इस बारे में एक बेहद अहम् फैसला लिया है. मोदी सरकार ने देश में पूरी तरह से गौ हत्या पर पाबंदी लगाते हुए गोकशी को रोकने का एक नया तरीका ढूंढ निकाला है. सरकार ने पशु क्रूरता अधिनियम, 1960 के अंतर्गत स्लॉटर हाउस में गायों के साथ कई अन्य जीवों की खरीद-फरोख्त पर नए नियम बनाए हैं.


नए निमयों के मुताबिक अब गोवंश के किसी भी जीव को किसानों के अलावा किसी और को बेचा ही नहीं जा सकता. गोवंश के किसी भी जीव को खरीदने के लिए खरीददार को दस्तावेजों के आधार पर ये सत्यापित करना होगा कि वह एक किसान है. साथ ही अब कोई भी मवेशी को तब तक बाजार में बेचने के लिए नहीं ला सकता, जब तक कि वह यह लिखित घोषणापत्र नहीं देता कि मवेशी को मांस करोबार के लिए हत्या करने के मकसद से नहीं बेचा जा रहा है.

साथ ही सरकार ने वध के लिये पशु बाजारों में मवेशियों को खरीदने-बेचने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. नए नियम के मुताबिक, अब देश में गाय, बैल, भैंस, बछड़े और ऊंट को कत्लखानों के लिए खरीदने-बेचने पर पूरी तरह से रोक लगेगी. पर्यावरण मंत्रालय ने पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम के तहत सख्त ‘पशु क्रूरता निरोधक (पशुधन बाजार नियमन) नियम, 2017’ को अधिसूचित किया है.


अधिसूचना के मुताबिक पशु बाजार समिति के सदस्य सचिव को ये सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी शख्स पशु बाजार में अवयस्क पशु को बेचने के लिये ना लाये. साथ ही पशु बाजार में मवेशी लाने से पहले पशु के मालिक द्वारा एक हस्ताक्षरित लिखित घोषणा-पत्र देना होगा, जिसमे मवेशी के मालिक का नाम और पता हो और फोटो पहचान-पत्र की एक प्रति भी लगी हो. इसके अलावा ये भी स्पष्ट करना होगा कि मवेशी को वध करने के लिए नहीं बेचा जा रहा है.

पर्यावरण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिसूचना पशु कल्याण के निर्देश के अनुरूप है. बता दें कि देशभर में प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख करोड़ रुपए का मांस कारोबार होता है, साल 2016-17 में लगभग 26 हजार करोड़ रुपए का निर्यात भी किया गया. मांस निर्यात के मामले में सबसे आगे उत्‍तर प्रदेश था, उसके बाद आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना का नंबर आता है. ज्यादातर राज्यों में पशु वध के लिए ही साप्‍ताहिक पशु बाजार लगते आये हैं, इनमे बड़े पैमाने पर वध करने के लिए मवेशियों को खरीदा-बेचा जाता था.

लेकिन अब ये सब बंद होगा. केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए ये नियम अगले तीन महीनों के अंदर-अंदर लागू कर दिए जाएंगे. इन नियमों के बाद प्रभावी तौर पर गोवंशियों को सिर्फ किसान ही खरीद पाएंगे, कत्लखाने चलाने वाले व् मांस का व्यापार करने वाले नहीं. वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर मुस्लिम व्यापारियों पर पड़ेगा.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।

सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments