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म्यांमार सेना चीफ ने खोला वो बड़ा राज़, इस वजह से म्यांमार से भगाये गए 4 लाख रोहिंग्या मुस्लिम

नई दिल्ली : रोहिंग्या मुस्लिमों को लेकर एक के बाद एक बड़े खुलासे हो रहे हैं. म्यांमार जैसे सबसे शांत बौद्ध देश में ऐसा क्या उत्पात मचा जिससे म्यांमार सेना को इतना बड़ा एक्शन लेना पड़ा और बौद्धों को भी सड़कों पर प्रदर्शन करना पड़ा. ऐसा ही एक बेहद चौंकाने वाली बात अब म्यांमार सेना ने बताई है जिसे सबसे पहले मानवाधिकार आयोग और उन लोगों को देखना चाहिए जो रोहिंग्या को भारत में बसाने की वकालत कर रहे हैं.


म्यांमार सेना ने हिन्दुओं को लेकर बताई इतनी बड़ी बात

अभी बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है जिसमें म्यांमार सेना के चीफ बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि हिंसा प्रभावित रखाइन प्रांत में 28 से ज़्यादा हिन्दुओं की कब्र मिली हैं. सेना के दावों के मुताबिक रोहिंग्या मुस्लिम आतंकियों ने इन हिंदुओं का बड़ी क्रूरता की हद पार करते हुए क़त्ल किया है. इसमें 20 करीब महिलाएं हैं और 8 पुरुष हैं. कुछ महिला की उम्र 10 साल से भी कम है. म्यांमार सरकार के प्रवक्ता जा थे ने भी इन शवों के मिलने की पुष्टि की है. एक कब्र में कम से कम 10-15 शव दफनाए गए हैं.

क्रूरता की भी हद पार करी गयी

म्यांमार सेना प्रमुख की वेबसाइट पर जारी बयान के मुताबिक “सुरक्षाबलों को 28 हिंदुओं के शव बरामद हुए हैं, जिन्हे ARSA (अराकन रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी) ने बहुत ही क्रूरता के साथ मारा है. खासकर महिलाओं को गाँवो से उठा लिया गया”. ARSA ने 25 अगस्त से पुलिस पोस्ट पर हमला और बौद्धों और हिन्दुओं का कत्लेआम किया है स्थिति इतनी बिगड़ गयी कि इसके बाद से सेना को बचाव के लिए उतरना पड़ा. बड़े स्तर पर हुई इस नरसंहार के चलते अब तक 4.30 लाख रोहिंग्या बांग्लादेश भाग चुके हैं.

प्रशांत भूषण और कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में रोहिंग्या के हैं रखवाले

बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में इतनी व्यापक स्तर पर हिंसा करी गयी कि करीब 30,000 हिंदू और बौद्ध लोगों को भी अपने घर छोड़कर भागना पड़ा क्यूंकि रोहिंग्या आतंकवादियों ने यहाँ बड़े स्तर पर कत्लेआम मचाना शुरू कर दिया था. हमारे देश में बैठे प्रशांत भूषण, कपिल सिब्बल, फली नरीमन, राजीव धवन, अश्वनी कुमार, कोलिन गोंसाल्वेस जो इस वक़्त सुप्रीम कोर्ट में रोहिंग्या की वकालत कर रहे हैं उन्हें यह देखना चाहिए कि कैसे म्यांमार में नरसंहार की भी हद पार कर दी गयी तब जाकर म्यांमार सेना ने कड़ा कदम उठाया और ये भारत में अवैध रूप से घुसे 40,000 रोहिंग्या को भारत में बसाना चाहते हैं उन्हें नागरिकता दिलवाना चाहते हैं.

बांग्लादेश में शुरू हुआ जनसँख्या जिहाद

म्यांमार सेना के बड़े एक्शन के बाद अब ये 4 लाख से ज़्यादा रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश में शरणार्थी बन कर जा बसे हैं. जिसके बाद अब बांग्लादेश सरकार को भी डर सताने लगा है. बांग्लादेश को खुफिया एजेंसियों द्वारा सूचना मिली है कि बड़ी संख्या में रोहिंग्या मुस्लिम पाक आतंकी संगठनों से संपर्क में हैं. यही नहीं आतंकी संगठनों के इशारे पर इन्होने जनसँख्या जिहाद फैलाना शुरू कर दिया है. कई हज़ारों रोहिंग्या महिलाओं के पहले से 7 से 10 बच्चे हैं फिर भी वो अभी भी गर्भवती हैं. इसके चलते बांग्लादेश सरकार अब इन्हे परिवार नियोजन किट बाँट रही है और म्यांमार से इन्हे वापस लेने की गुजारिश कर रही है.


 

मोदी सरकार ले चुकी है कड़ा एक्शन

भारत में मोदी सरकार पहले से ही इस खतरे को भांप चुकी है इसीलिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले रोहिंग्या शरणार्थियों को जवाब दे चुकी है कि रोहिंग्या मुस्लिम भारत के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं इनके पाकिस्तान के ISI और ISIS आतंकी संगठन से सीधा सम्बन्ध हैं. लेकिन हमारे देश में कई बुद्धिजीवी और वामपंथी पत्रकार और ओवैसी मौजूद हैं जो मानवाधिकार की दुहाई देते रहते हैं. सीएम ममता बनर्जी ने तो यहाँ तक कह दिया है कि बंगाल में सभी रोहिग्या का स्वागत है. यही नहीं ममता ने UN से रोहिंग्या के लिए मदद मांगी है और कहा है भारत सरकार मदद नहीं कर रही है.

सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हुआ

तो अभी एक सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक शख्स कहता दिखा रहा है कि अगर एक भी रोहिंग्या को देश से बाहर निकला तो हम हिन्दुओ का नामो निशान मिटा देंगे, नक़्शे से गायब कर देंगे.

 


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