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नक्सलियों के खिलाफ मोदी सरकार ने शुरू किया अब तक सबसे बड़ा ऑपरेशन, नक्सलियों में मची भगदड़

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नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ के सुकमा हमले में 26 जवानों के शहीद हो जाने से जहां एक ओर पूरा देश दुःख और गुस्से से भर गया है, वहीँ पीएम मोदी ने नक्सलियों को जड़-मूल से ख़त्म करने लिए उनके खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान छेड़ दिया है. इसी कड़ी से जुडी अभी-अभी आयी एक बड़ी खबर ने नक्सलियों में हड़कंप मचा दिया है.


सभी 10 राज्यों में एक साथ चलाया जाएगा ऑपरेशन !

खबरों के मुताबिक़ इस बार हमले का बदला लेने के लिए केवल 10-12 नक्सलियों को मारने की योजना की जगह उनके जड़-मूल से खात्मे की योजना पर काम किया जा रहा है. अब तक नक्सली इसलिए बचते आये हैं क्योंकि नक्सलियों के लिए अलग-अलग राज्यों की अलग-अलग नीतियां हैं, जिसका लाभ उठाते हुए नक्सली हमला करने के बाद कई बार अन्य राज्यों में जा कर छिप जाते हैं और अपनी जान बचा लेते हैं.

इस बार भी सीआरपीएफ जवानो पर हमला करने के बाद नक्सली फ़ौरन अंडरग्राउंड हो गए हैं और उनकी तालाश के लिए सीआरपीएफ की कोबरा टीम द्वारा कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है. इसी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने 8 मई को सभी नक्सल प्रभावित राज्यों की एक बड़ी बैठक बुलाई है जिसमें नक्सलियों को लेकर नई रणनीति पर चर्चा की जायेगी.

पीएम मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह चाहते हैं कि नक्सलियों के खिलाफ सभी राज्यों में नई रणनीति के साथ उतरा जाए और एकसाथ हर राज्य में उन्हें घेर कर उनके खिलाफ ‘आर-पार‘ की लड़ाई लड़ी जाए ताकि कहीं भागने का मौक़ा तक ना मिले.

दो से ढाई महीने में पूर्ण विध्वंस !

केंद्र सरकार ने सुरक्षा बलों को निर्देश दिए हैं कि वो अब नक्सलियों के खिलाफ पूरी आक्रामकता से कार्रवाई करें और अगले कुछ ही हफ्तों में नक्सलियों का जड़-मूल से सफाया कर दें. जानकारी के मुताबिक़ मंगलवार को रायपुर में केंद्र और छत्तीसगढ़ के सुरक्षा अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार के. विजय कुमार और सीआरपीएफ के कार्यकारी डीजी सुदीप लखटकिया को निर्देश दिए हैं कि वे पता लगाएं कि कहाँ और कैसे चूक हुई और साथ ही यह भी देंखें कि किन कारणों से सीआरपीएफ पर लगातार बड़े हमले हो रहे हैं.


नक्सलियों के खिलाफ नई रणनीति तैयार करें और दो से ढाई महीने के अंदर जमीन पर इसके नतीजे दिखने चाहिए. इसी के साथ 8 मई को 10 नक्सल प्रभावित राज्यों की एक हाई लेवल मीटिंग दिल्ली में बुलाई गयी है, जिसमे नक्सलियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के लिए नई रणनीति पर चर्चा होगी. इस निर्णायक लड़ाई में सभी राज्य एक साथ मिलकर अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन चलाएंगे.

बताइये क्या चाहिए, मैं देने को तैयार हूं !

एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि नक्सलियों के खिलाफ रणनीति में बदलाव किया जाए और उनके खात्मे के लिए जो-जो जरूरी हो वह सब करें. नक्सलियों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई के लिए सुरक्षा बलों को जो भी मदद चाहिए, वो उन्हें उपलब्ध कराई जाए. गृह मंत्री ने बैठक में कहा, ‘आप बताइये क्या चाहिए? ज्यादा सुरक्षा बल, टेक्निकल सपॉर्ट, बेहतर संसाधन? जो कुछ भी चाहिए, मैं देने को तैयार हूं, लेकिन मुझे नतीजे चाहिए.’

इस बैठक में छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह भी मौजूद थे. यहां गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि सीआरपीएफ के जवानों पर लगातार नक्सलियों के हमले हो रहे हैं, जिससे फोर्स को भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने विजय कुमार और लखटकिया को निर्देश दिए कि जब तक नक्सलियों के खात्मे के लिए नई रणनीति नहीं बना ली जाती, तब तक वो दोनों छत्तीसगढ़ में ही रहें.

एक अधिकारी ने बताया कि 8 मई को नक्सल प्रभावित 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ होने वाली मीटिंग से पहले अधिकारियों को नई रणनीति तैयार करने के आदेश दिए गए हैं. बैठक में इस नई रणनीति के बारे में चर्चा की जायेगी और उसे फाइनल किया जाएगा. इस हाई लेवल बैठक में राज्यों के मुख्य सचिव, डीजीपी और नक्सल प्रभावित 35 जिलों के कलेक्टर भी शिरकत करेंगे.

केंद्र साकार के रुख से ये साफ़ हो गया है कि इस बार वो आर-पार की लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध हो चुकी है और सभी राज्यों में एक साथ बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाकर नक्सलियों के सफाये की योजना बना रही है, ताकि नक्सलियों को छिपने की जगह तक ना मिले. अगले कुछ ही हफ़्तों में इस मामले से जुडी बड़ी खबरे सामने आने की उम्मीद है.


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