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अभी-अभी – सुप्रीम कोर्ट को मोदी सरकार ने दिया करारा जवाब, देशहित में न दें दखल

नई दिल्ली : रोहिंग्या मुस्लिम आज कई वामपंथी पत्रकारों की बदौलत भारत में बड़ा राजनितिक मुद्दा बन गए हैं. जिसकी वजह यह है कि आज ये लोग सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गए हैं और उस देश से अपने अधिकार मांग रहे हैं. यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार से जवाब माँगा था. जिस पर अब मोदी सरकार ने कोर्ट को अपना फैसला सुना दिया है.


सुप्रीम कोर्ट को दिया करारा जवाब

अभी-अभी बड़ी खबर सामने आ रही है जिसमें आज सोमवार को मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को अपना रोहिंग्या मुस्लिमों के फैसले पर 16 पन्नों का हलफनामा दायर किया है. जिसमें साफ़-साफ़ शब्दों में मोदी सरकार ने कह दिया है कि म्यांमार में अशांति और हिंसा फैला चुके करीब 40,000 रोहिंग्या मुस्लिम भारत में अवैध तरीके से घुस गए हैं. यही नहीं इसके आगे मोदी सरकार ने कहा कि जांच एजेंसियों के पास ख़ुफ़िया सूचना है कि रोहिंग्या मुसलमानों के पाकिस्तान के ISI और IS जैसे आतंकी संगठनों से संबंध हैं. जिससे ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं और कोर्ट को इसमें दखल देने की ज़रूरत नहीं है.

इसके आगे कहा गया कि रोहिंग्या देशविरोधी और अवैध गतिविधियों में शामिल हैं जैसे हुंडी, हवाला चैनल के जरिये पैसों का लेनदेन, रोहिंग्याओं के लिए फर्जी भारतीय पहचान संबंधी दस्तावेज़ हासिल करने और मानव तस्करी आदि में शामिल हैं. सरकार ने कहा कि कई रोहिंग्या अवैध नेटवर्क के जरिये भारत में घुस आते हैं और पैन कार्ड और वोटर कार्ड हासिल कर लेते हैं.

आपको बता दें इन्ही रोहिंग्या मुसलमानो में से दो रोहिंग्या शरणार्थियों मोहम्मद सलीमुल्लाह और मोहम्मद शाकिर ने कोर्ट में याचिका दायर करी थी जिसमें मोदी सरकार की रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस म्यांमार भेजने की योजना का विरोध किया गया था और कहा गया था कि मोदी सरकार अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन कर रही है.


म्यांमार में मचाया गया कत्लेआम

कुछ महीनो पहले ही म्यांमार जैसे शांतिप्रिय बौद्ध देश में बड़े स्तर पर हिंसा हुई. जिसमें रोहिंग्या मुस्लिमों ने सड़कों पर ज़बरदस्त दंगा काटा, महिलाओं बच्चों की निर्मम तरीके से हत्या की गयी. जिसके बाद म्यांमार सेना ने एक साथ सभी 4 लाख रोहिंग्या मुस्लिमों को देश के बाहर खदेड़ दिया. जिसमें से चालीस हज़ार खासकर जम्मू, दिल्ली, हैदराबाद और मेवात में अवैध रूप से जा बसे हैं. तो लाखों रोहिंग्या बांग्लादेश में जा घुसे हैं. जिससे अब बांग्लादेश को भी अपनी सुरक्षा पर खतरा मंडराते हुए दिखने लगा है.

आपको बता दें अभी जयपुर के रामगंज में भी जो दंगा हुए 4 क्षेत्रों में कर्फ्यू तक लगाने की नौबत आ गयी थी. उसमें भी रोहिंग्या मुस्लिमों की बस्ती के लोग शामिल थे. जिसमें 4 गाड़ियों एक एम्बुलेंस में आग लगायी गयी. साथ ही पावर हाउस को भी फूंक दिया गया. जिसकी जांच में जब ड्रोन से पूरे इलाके की निगरानी में पाया गया कि सभी घरों कि छतों पर पत्थर जमा किये गए थे.

तो वहीँ अब इस मुद्दे पर सियासत भी बढ़ गयी है सबसे पहले बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने राष्ट्रिय सुरक्षा को ताक पर रखते हुए कहा था कि “सभी रोहिंग्या मुसलमानों का बंगाल में स्वागत है. यही नहीं ममता ने तो UN तक की मदद मांगी थी और मोदी सरकार को विरोधी बताया था”. इसके बाद ओवैसी, मायावती, लालू, अखिलेश, कांग्रेस सभी रोहिंग्या मुस्लिमों के समर्थन में कूद पड़े हैं.


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