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ब्रेकिंग- जीएसटी के बाद पीएम मोदी का एक और धमाकेदार फैसला, देश में आज तक नहीं हुआ था ऐसा


नई दिल्ली : किसी भी देश को खोखला करने में सबसे आसान तरीका होता है गैरसरकारी संगठनों (एनजीओ ) को विदेशी चंदे के रूप में पैसा दे कर, देश में भ्रष्टाचार फैलाना, आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देना, साम्प्रदायिकता दंगे करवाना, देश विरोधी ताक़तों को पैसा पहुंचना. पिछली कांग्रेस सरकारों में ऐसा धड़ल्ले से चलता रहता था. कभी भी इन एनजीओ की जाँच पड़ताल नहीं करवाई जाती थी. लेकिन पीएम मोदी ने अब इन सबकी दुकान बंद करने का रास्ता निकाल लिया है.

पीएम मोदी का सबसे बड़ा कदम – कालेधन और देशद्रोह जैसी गतिविधियों पर अब लगेगी लगाम

अभी अभी पीटीआई न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक हज़ारो देश में ऐसी गैरसरकारी संगठन हैं जो अपने विदेशी चंदों का ब्यौरा सरकार को नहीं दे रहे हैं. ऐसे में इन एनजीओ पर शक करना आम बात है. लेकिन अब विदेशी चंदे से चलने वाले इन हज़ारों एनजीओ पर खतरे की तलवार लटक रही है. सरकार को विदेश से मिलने वाले चंदे की जानकारी नहीं दे रहे लगभग करीब 6000 से ज़्यादा गैरसरकारी संगठनों (एनजीओ) का लाइसेंस अब खतरे में पड़ गया है. इन संगठनों को केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने अपनी पूरी आय, संपत्ति का ब्यौरा देने का नोटिस दिया गया था जिसका जवाब न मिलने के कारण इन्हे अब अंतिम चेतावनी दे दी गयी है.


विदेशी चंदों पर पल रहे एनजीओ की दुकान होगी बंद

गृह मंत्रालय ने इन एनजीओ को अपने पिछले पांच साल का आय व्यय का ब्यौरा देते हुए 23 जुलाई का आखिरी वक़्त दिया है. अगर इस वक़्त तक जवाब नहीं आया तो आय और खर्चे का विवरण न देकर नियमों का उल्लंघन करने के अपराध में इन सभी एनजीओ का लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा. आपको जानकार हैरानी होगी कि केवल इस साल मई में मंत्रालय द्वारा 18523 एनजीओ ऐसे हैं जो अपनी संपत्ति सरकार से छुपा लेते हैं. इन्ही विदेशी चंदों से बहुत जगह देश में धर्म परिवर्तन, साम्प्रदायिकता, उन्माद फैलाया जाता है.

मंत्रालय प्रवक्ता ने बताया कि तय समय सीमा में जवाब नहीं दे पाने वाले एनजीओ का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी. इस बीच मंत्रालय ने 30 जून को देश भर में पंजीकृत उन 3,768 एनजीओ को मिल रही विदेशी धन राशि को एक ही बैंक खाते में जमा कराने और इसका ब्योरा सरकार को मुहैया कराने का निर्देश दिया था.

मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि नियमानुसार विदेशी सहायता प्राप्त कर रहे एनजीओ को विदेशी सहायता नियमन कानून (फेरा) के तहत पंजीकरण कराना, एक ही बैंक खाते में विदेशी सहायता प्राप्त करना और इस खाते को प्रमाणित कराना अनिवार्य होता है ऐसा नहीं करने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा.


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