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अभी-अभी – मोदी सरकार ने रद्द की इस बड़े नेता की भारतीय नागरिकता, राहुल समेत कांग्रेस में हड़कंप !

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नई दिल्ली : मोदी सरकार बिना किसी भेदभाव के दोषियों के खिलाफ सख्त फैसले लेती है, आज इसका सबसे बड़ा उदाहरण देखने को मिला है. मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एक बहुत बड़ी करवाई को अंजाम दिया है, जिसे देख तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) पार्टी की नींद हराम हो गयी है. दरअसल टीआरएस पार्टी के एमएलए ने क़ानून तोड़ा है, जिसकी उसे भयानक सजा देते हुए मोदी सरकार ने दिखा दिया कानून से ऊपर कुछ नहीं.

तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) की छवि एक हिन्दू विरोधी पार्टी के तौर पर जानी जाती है. जिस तरह से ये पार्टी एक ख़ास समुदाय के तुष्टिकरण की राजनीती करती आई है, वो किसी से नहीं छुपा है. इसके चलते इस पार्टी के मुख्यमंत्री सोशल मीडिया पर भी कई बार आलोचना का शिकार हो चुके हैं. इनपर आरोप लगते रहे हैं कि जब भी कोई मुस्लिम त्यौहार होता है तो ये मुसलमानों के लिए कुछ ना कुछ जरूर करते हैं लेकिन हिन्दू त्योहारों पर कभी कुछ ख़ास नहीं करते.

अब इनकी पार्टी के बड़े विधायक रमेश चेन्नामनेनी के खिलाफ मोदी सरकार ने सख्त करवाई की है और उनकी भारतीय नागरिकता को रद्द कर दिया है. सत्तारूढ़ टीआरएस पार्टी के विधायक रमेश चेन्नामनेनी करीमनगर जिले के वेमुलावाडा से विधायक हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारत की नागरिकता हासिल की और तीन बार चुनाव जीतकर विधायक बने. उन्हें जर्मन पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया है, जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कार्रवाई करते हुए उनकी भारतीय नागरिकता रद्द कर दी.

इस फैसले से कांग्रेस भी खासी परेशान है क्योंकि बीजेपी के वरिष्ठ नेता डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी के मुताबिक़ राहुल गांधी भी दोहरी नागरिकता रखते हैं. उन्होंने राहुल पर भी सबूतों के साथ ऐसे आरोप लगाए हैं और मामला अदालत में है. यदि आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो राहुल के साथ भी ऐसा हो सकता है.


दरअसल पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब चेन्नामनेनी के एक राजनीतिक प्रतिद्वंदी ने हाईकोर्ट में याचिका दी कि चेन्नामनेनी एक जर्मन नागरिक हैं. इस कारण से उनका चुनाव लड़ना ही अवैध है. उन्होंने झूठे दस्तावेज पेश करके खुद को भारतीय नागरिक साबित किया ताकि तुष्टिकरण करके नेता बन जाएँ.

इस याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया कि चेन्नामनेनी के पास जर्मनी का भी पासपोर्ट है और वह कभी लगातार 12 महीने से ज्यादा भारत में नहीं रहे. एक विदेशी नागरिक झूठे दस्तावेजों के आधार पर देश में नेता बन बैठा रहा और खुद को निष्पक्ष कहने वाले मीडिया ने इसपर मौन साधे रखा. क्या वाकई में देश का मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ रह गया है?

बहरहाल अब केंद्र सरकार ने तेलंगाना के टीआरएस विधायक रमेश चेन्नामनेनी की नागरिकता रद्द कर दी है. आपकी जानकारी के लिए बता दें की टीआरएस नेता चेन्नामनेनी अब तक एक उपचुनाव सहित तीन बार विधानसभा चुनाव जीता चुका है. ये इतना बड़ा फर्जीवाड़ा करता रहा लेकिन इसकी पार्टी के मुख्यमंत्री तक ने इस पर चुप्पी साधे रखी. चेन्नामनेनी के एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी ने उसके जर्मन पासपोर्ट धारक होने के आधार पर आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में उनके निर्वाचन को चुनौती दी थी, जिसे अदालत में सही पाया गया और इसके बाद ये बड़ा फैसला आया है .


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