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मिडिल क्लास वालों को मोदी सरकार का सबसे शानदार तोहफा, ख़ुशी से झूम उठी देश की जनता

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नई दिल्ली : देश के विकास में पूरी तत्परता के साथ प्रयासरत पीएम मोदी की पूरी कोशिश रही है कि देश के निचले स्तर के लोगों तक विकास लाभ पहुंचे. अमीरों के लिए तो हर सरकार काफी कुछ करती आयी है लेकिन अब मोदी सरकार ने जो फैसला लिया है, उससे मिडिल क्लास और लोअर मिडिल क्लास के लोगों का जबरदस्त फायदा होने जा रहा है.


मिडिल क्लास और लोअर मिडिल क्लास वालों की मौज !

दरअसल ज्यादातर मिडिल क्लास और लोअर मिडिल क्लास के लोग किराए के घरों में रहते हैं और हर महीने अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा मकान के किराए के रूप में चुका देते हैं, बचे-खुचे पैसों से बच्चों की पढ़ाई से लेकर खाने-पीने तक में खर्च हो जाता है और यदि डॉक्टर के यहाँ जाना पड़ जाए तो फिर तो हाथ और भी ज्यादा तंग हो जाता है.

सबसे ज्यादा मेहनत कर रहे मगर फिर भी गरीबी की चक्की में पिस रहे मिडिल क्लास व् लोअर मिडिल क्लास के लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए मोदी सरकार ने एक ऐसा कानून लाने का फैसला किया है, जिसके तहत किराए पर रहने वाले लोगों को सरकारी संस्थाओं से मकान किराए पर लेने की सुविधा होगी. केवल इतना ही नहीं बल्कि भविष्य में वो इस किराए के मकान के मालिक भी बन पाएंगे.

मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन पोवर्टी एविएशन के मुताबिक सरकार की इस स्कीम का नाम ‘रेंट टु ओन‘ होगा, जिसे केंद्र सरकार की नेशनल अर्बन रेंटल हाउसिंग पॉलिसी के तहत लांच किया जाएगा. केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री वेंकैया नायडू ने बताया है कि इस विधेयक को मंजूरी के लिए जल्दी ही कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा.

इस स्कीम के तहत शुरुआत में कुछ वर्षों के लिए लोगों को घर किराए पर दिया जाएगा, खरीददार को हर महीने ई.एम.आई. के बराबर किराया बैंक में जमा करना होगा. जमा की गयी राशि में से कुछ किराए के तौर पर होगी और बाकी जमा हो जायेगी. जैसे ही जमा राशि मकान की कीमत के 10 फीसदी के स्तर पर पहुंच जाएगी, वैसे ही मकान उसके नाम पर रजिस्ट्रर हो जाएगा.


यानी किरायेदार पर मकान को खरीदने के लिए अतिरिक्त ई.एम.आई का बोझ नहीं पडेगा और कुछ साल तक किराया चुकाने के बाद घर उसके नाम हो जाएगा. यदि किसी वजह से किरायेदार मकान की पूरी कीमत जमा नहीं भी करवा पाटा है तब भी उसका जमा किया गया पैसा वेस्ट नहीं होगा और सरकार उस पैसे को बिना ब्याज के वापस लौटा देगी.

गरीब तबके के लोगों को सब्सिडी !

इसके बाद सरकार उस मकान को दोबारा बेच देगी, जिससे सरकार को भी नुक्सान नहीं होगा. केवल इतना ही नहीं बल्कि निजी जमीन पर बने मकानों को खरीदने के लिए गरीब तबके के लोगों को मोदी सरकार डेढ़ लाख रुपए की सब्सिडी देने पर विचार कर रही है. बता दें कि अब तक ये सब्सिडी केवल राज्य सरकारों एवं निकायों की जमीन पर बने घरों के लिए ही दी जाती थी.

वेंकैया नायडू ने बताया है कि प्राइवेट डेवलपर्स की ओर से लांच किए गए अफोर्डेबल हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स के उद्घाटन के बाद से ही मंत्रालय इस बारे में विचार कर रहा था. उन्होंने बताया कि सरकार अब तक 2008 शहरों और कस्बों में 17.73 लाख शहरी गरीबों के लिए आवासों को मंजूरी दे चुकी है.

यानी देश में ऐसा पहली बार होगा जब मिडिल क्लास के लोग जीवनभर किराया चुकाने की जगह अपने खुद के घर में चैन की जिंदगी बसर कर सकेंगे. अपना घर हो जाने से पैसों की बचत हो सकेगी और जीवनशैली में सुधार आएगा.


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