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अभी-अभी : एक बार फिर एक्शन में आये पीएम मोदी, देश की जनता के लिए पहली बार लिया ऐसा फैसला

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नई दिल्ली : पीएम मोदी ने पद का भार संभालते के साथ स्पष्ट किया था कि वो देश के लिए जी-जान से दिन के 18 घंटों तक काम करेंगे. उन्होंने अपने अधिकारियों से भी कहा था कि वो ना खुद बैठेंगे, ना दूसरों को बैठने देंगे. कई अधिकारियों ने तो उनकी बात को समझते हुए दिल लगाकर काम करना शुरू कर दिया लेकिन कुछ को बात समझ नहीं आयी. ऐसे लापरवाह व् गैरजिम्मेदार सरकारी अधिकारियों को अब पीएम मोदी के कोप का भाजन बनना पड़ा है.

काम न करने वाले 129 अधिकारियों की छुट्टी

मोदी सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए काम न करने वाले 129 अधिकारियों से कहा है कि वो सार्वजनिक हित को देखते हुए खुद अपने पद से हट जाएं. इसमें ग्रुप ए के 30 और ग्रुप बी के 99 अधिकारी शामिल हैं, इन सभी अधिकारियों पर काम न करने का आरोप है.

विभिन्‍न मामलों में केंद्र सरकार के 24415 ग्रुप ए और 42521 ग्रुप बी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है. काम ना करने के अलावा इन पर भ्रष्‍टाचार, नॉन परफॉर्मेंस और अनुशासनहीनता के साथ-साथ कई अन्य आरोप भी हैं. बताया जा रहा है कि जांच में आरोप साबित होने के बाद इन अधिकारियों के खिलाफ एक्शन भी लिए जाएंगे.

कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्‍य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि यह दिन के 24 घंटे काम करने वाली सरकार है. इसलिए सरकारी अधिकारियों से भी अपेक्षा की जाती है कि वो भी पूरी ईमानदारी व क्षमता से अपनी भूमिका निभाए.

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जहां इस मामले में लापरवाही दिखती है, वहां एक्शन लेना जरूरी हो जाता है ताकि बाकी अधिकारियों को सीख मिले. उन्‍होंने कहा कि मोदी सरकार में अधिकारियों को अच्‍छा काम करने की खुली छूट है. वो पाबंदी के एहसास के बिना काम कर सकते हैं. अच्‍छे कर्मचारियों के प्रोत्साहन के लिए को सरकार उन्हें पुरस्‍कृत भी करती है.

बताया जा रहा है कि काम न करने वाले अधिकारियों पर केंद्र सरकार ने पहली बार इतना बड़ा एक्‍शन लिया है, वरना इससे पहली की सरकारों में तो नेता व् अधिकारी मिलके देश की जनता के पैसों की खुलेआम लूट करते थे. कार्मिक एवं लोक शिकायत मंत्रालय ने गुड गवर्नेंस के लिए जनहित में यह फैसला लिया है.

इससे पहले मोदी सरकार ने कार्यालय में देरी से आने वाले अधिकारियों पर नकेल कसने का काम किया. काफी सख्‍ती के बाद अधिकारी और कर्मचारी समय पर आने लगे. कामकाज में सुधार के लिए यह कार्रवाई भी सरकार की बड़ी पहल मानी जा रही है. यदि आप मोदी सरकार के इस फैसले से सहमत हैं तो इस पोस्ट को शेयर जरूर करें.

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