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प्राइवेट और सरकारी नौकरी करने वालों को पीएम मोदी का सबसे शानदार तोहफा, रच दिया इतिहास !

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नई दिल्ली : मोदी सरकार आज एक साथ दो-दो बड़ी खुशखबरियाँ लेकर आयी है. सरकारी व् प्राइवेट दोनों ही सेक्टरों में काम करने वाले लोगों की चांदी हो गयी है. इसी के साथ मोदी सरकार को भला-बुरा कहने वाले विपक्ष का मुँह भी बंद हो गया है. पीएम मोदी ने अपने इन फैसलों से साबित कर दिया है कि वो देश की जनता से किया हर वादा निभाएंगे.


सरकारी कर्मचारियों को तोहफा !

मोदी सरकार ने अपने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता (डीए) 1 प्रतिशत बढ़ाकर 5 प्रतिशत कर दिया है. इस फैसले से उसके 50 लाख कर्मचारियों और 61 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ये फैसला लिया गया. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मूल्यवृद्धि से राहत के लिए मूल वेतन-पेंशन पर डीए की 1 प्रतिशत बढ़ी हुई किस्त जारी की जाएगी.

बता दें कि महंगाई भत्ते की नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी. इस वित्त वर्ष के 8 महीनों के दौरान (जुलाई, 2017 से फरवरी, 2018) महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (डीआर) से सरकार पर क्रमश: 3068 करोड़ रुपये और 2045 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. इस कदम से केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 61 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा.

प्राइवेट कर्मचारियों को तोहफा !

प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों को अब तक 10 लाख रुपये से अधिक की ग्रैच्यूटी राशि पर टैक्स देना होता था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया जाएगा. कैबिनेट ने पेमेंट ऑफ ग्रैच्यूटी (संशोधन) बिल, 2017 को संसद में पेश करने की मंजूरी दे दी है. इस बिल के तहत प्राइवेट कर्मचारियों को ग्रैच्यूटी पर मिलने वाले टैक्स छूट सीमा को दोगुना किया जाएगा.


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रिटायरमेंट के बाद नियोक्ता की ओर से कर्मचारी को ग्रैच्यूटी की रकम दी जाती है. इसके अलावा कंपनियां उन कर्मचारियों को भी ग्रैच्यूटी देती हैं, जिन्होंने वहां 5 साल या उससे अधिक समय तक नौकरी की हो.

कांग्रेस द्वारा लागू किये गए मौजूदा पेमेंट ऑफ ग्रैच्यूटी ऐक्ट, 1972 के तहत केवल सरकारी कर्मचारियों को ग्रैच्यूटी की राशि पर टैक्स छूट मिलती है, यानी सरकारी कर्मचारियों को ग्रैच्यूटी पर कोई टैक्स नहीं देना होता. जबकि प्राइवेट कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार रखते हुए उनके लिए टैक्स छूट केवल ग्रैच्यूटी की 10 लाख रुपये तक की राशि पर ही था, इससे ऊपर की राशि पर टैक्स चुकाना होता था.

इन संस्थानों पर लागू है नियम !

10 या उससे अधिक कर्मचारियों की संख्या वाले प्राइवेट कंपनियों पर ग्रैच्यूटी ऐक्ट लागू होता है. इस ऐक्ट के तहत यदि एक बार कोई प्राइवेट कंपनी इस ऐक्ट के दायरे में आ जाती है तो कर्मचारियों की संख्या 10 से कम होने पर भी उस पर यह नियम लागू रहता है. यदि कोई प्राइवेट संस्थान या कंपनी इसके अंतर्गत नहीं है तो वह अपने कर्मचारियों को एक्सग्रेशिया पेमेंट कर सकता है.


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