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मोदी ने इन लोगों के लिए किया 3000 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान, शर्म से झुकीं माँ-बेटे की आँखें

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रायपुर : आखिर क्यों नक्सली आंदोलन देश के कुछ ही राज्यों में लगातार पनप रहा है, बाकियों में नहीं? ये भी कांग्रेस की नाकाम नीतियों का ही परिणाम है. 60 सालों में कांग्रेस ने देश को कितना नुक्सान पहुंचाया है, ये आपको इस खबर को पढ़कर पता चलेगा. घोटालों में व्यस्त कांग्रेस का ध्यान देश के कुछ राज्यों की और कभी गया ही नहीं, नतीजतन यहां नक्सली लोगों ने विद्रोह करना शुरू कर दिया. मगर पीएम मोदी ने कांग्रेस द्वारा खोदे गए इस गड्ढे को भरने के लिए 3000 करोड़ रुपयों का फंड जारी किया है.


35 नक्सल जिलों के लिए 3000 करोड़ रुपये का पैकेज मंजूर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय केबिनेट ने देश के 35 सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिलों के लिए 3000 करोड़ रूपए का विशेष पैकेज मंजूर किया है. इस राशि से संबंधित जिलों में राज्य सरकारों को सुरक्षा और विकास गतिविधियों को बढ़ाने में मदद मिलेगी.

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों को भी अब तेजी से विकास व् सुरक्षा लाभ मिलेगा. ये फंड विशेष केन्द्रीय सहायता योजना के तहत मंजूर किया गया है. वहीँ इस बेमिसाल फैसले के लिए सीएम डॉ. रमन सिंह ने पीएम मोदी को धन्यवाद दिया है, साथ ही राज्य के वनमंत्री और नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के विधायक महेश गागड़ा तथा आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास मंत्री केदार कश्यप ने भी पीएम मोदी के प्रति आभार प्रकट किया है.

कांग्रेस की नाकामी से नक्सलवाद में बढ़ावा

दरअसल कांग्रेस की बदौलत विकास के पैमाने पर ये इलाके काफी पिछड़ चुके हैं, ना अच्छी सड़कें हैं, ना ही कोई अन्य सहूलियत. यहाँ के लोग मुख्य भारत से इतने कटे हुए हैं कि आसानी से नक्सलियों के बहकावे में आ जाते हैं. गागड़ा और कश्यप ने बताया कि वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित जिलों के लिए विशेष केन्द्रीय सहायता की जरूरत महसूस हो रही थी और सीएम डॉ. रमन सिंह खुद केन्द्र सरकार से बात करके इसके लिए लगातार पहल कर रहे थे.


बिना देर किये पीएम मोदी ने तुरंत फैसला लिया और 3000 करोड़ का फंड जारी कर दिया. इतनी बड़ी रकम की मंजूरी के बाद अब इन जिलों के सामाजिक आर्थिक विकास में और भी तेजी आएगी.

नक्सलवाद के खात्मे के लिए तेजी से काम

गागड़ा ने बताया कि दक्षिण बस्तर में बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा नक्सल समस्या से काफी प्रभावित हैं, जहां सीएम डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं. दंतेवाड़ा और सुकमा में एजुकेशन सिटी इसका बड़ा उदाहरण है. विशेष केन्द्रीय सहायता मिलने पर अब इस प्रकार के विकास प्रकल्पों में और भी ज्यादा तेजी आएगी.

आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने नारायणपुर कोण्डागांव, जगदलपुर और कांकेर जैसे जिलों को भी इस योजना का अधिकतम लाभ मिलने की उम्मीद जताई है. बता दें कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिपरिषद ने कल नई दिल्ली में आयोजित बैठक में वामपंथी उग्रवाद से सर्वाधिक प्रभावित 35 जिलों को तीन हजार करोड़ रूपए की विशेष केन्द्रीय सहायता का प्रावधान किया है, जिससे इन जिलों में सुरक्षा और विकास गतिविधियों में काफी मदद मिलेगी.

ऐसे ना जाने कितने ही अन्य गड्ढे कांग्रेस ने 60 सालों में खोद डाले हैं. चाहे सियाचिन हो या चीन बॉर्डर के नजदीक सड़कों का निर्माण, कश्मीर की धारा 370 हो या म्यांमार सीमा के निकट उग्रवादी आंदोलन, ऐसा लगता है मानो कांग्रेस ने घोटालों के अलावा कभी कुछ किया ही नहीं. गरीबी मिटाने का वादा करके वोट लेने वाली कांग्रेस ने कभी गरीबों की और ध्यान ही नहीं दिया, जगह-जगह खुदे ऐसे गड्ढों को भरने में ना जाने अभी कितना वक़्त और लगेगा.


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