Home > ख़बरें > सुप्रीम कोर्ट में एक्शन में आयी मोदी सरकार, सुना दिया ऐतिहासिक फरमान, भौचक्के रह गए कोंग्रेसी !

सुप्रीम कोर्ट में एक्शन में आयी मोदी सरकार, सुना दिया ऐतिहासिक फरमान, भौचक्के रह गए कोंग्रेसी !

modi-rohingya-muslims-supreme-court

नई दिल्ली : तो भई बात ये है कि अब देश में है मोदी सरकार, जिसे चट्टान जैसे इरादों के सामने किसी विरोधी की एक नहीं चलने वाली. जितना जोर लगाना है लगा लें देश के दुश्मन, लेकिन पीएम मोदी को रोकना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. देश की सुरक्षा के लिए मानवाधिकार संगठनों को दो टूक सुनाते हुए मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ हलफनामा दाखिल कर दिया है और देश की जनता को दिखा दिया है कि वो जो कहते हैं, उन्हें पूरा भी करके दिखाते हैं.


देश की सुरक्षा के लिए ख़तरा हैं रोहिंग्या मुसलमान, जरूर निकालेंगे !

केंद्र की मोदी सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करके कहा है कि रोहिंग्या मुसलमान राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं. केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दलील दी गयी है कि रोहिंग्या मुसलमान देश की सुरक्षा व् अखण्डता के लिए खतरा हैं, इसलिए इन्हें वापस भेजना देशहित में है. सरकार ने ये भी कहा कि कई रोहिंग्या मुसलमान आतंकी गतिविधियों में लिप्त हैं और इनमें से कुछ आतंकी दिल्ली, जम्मू और मेवात में सक्रिय हैं.

बाज नहीं आ रही कांग्रेस और वामपंथी !

खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार ने मानवाधिकार संगठनों के मुँह पर करारा तमाचा जड़ते हुए सुप्रीम कोर्ट में साफ़ कर दिया है कि देश की सुरक्षा के सामने सरकार कुछ नहीं देखेगी. वोटबैंक की राजनीति नहीं करेगी. सत्ता से सड़क पर आ चुकी कांग्रेस के दिमाग अभी तक ठीक नहीं हुए हैं, इसलिए उन्हें अभी भी रोहिंग्या मुद्दे पर वोटबैंक राजनीति सूझ रही है.

कश्मीर में जनमत संग्रह कराकर कश्मीर को पाकिस्तान को सौंप देने की वकालत करने वाला गद्दार प्रशांत भूषण रोहिंग्याओं को ना निकालने की वकालत कर रहा है. बता दें कि अभी हाल ही में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी रोहिंग्या मुस्लिमों को देश के लिए खतरा बताया था. राजनाथ ने कहा था कि रोहिंग्या शरणार्थी देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं और गैरकानूनी ढंग से भारत में रह रहे विदेशी प्रवासियों से सख्ती से निपटा जाएगा.

गृहमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने के मामले में कार्रवाई जरूर की जाएगी. हम सुरक्षा के लिए खतरे की आशंका को खारिज नहीं कर सकते. मैंने अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर अपने रुख को पहले ही साफ कर दिया है. और अब उनकी बात सही साबित हुई है, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया है.


तीन तलाक के खात्मे के बाद अगला मिशन रोहिंग्या !

तीन तलाक के खात्मे की ही तरह जल्द ही अवैध रोहिंग्याओं को भी देश से निकाल दिया जाएगा. हालांकि संयुक्त राष्ट्र (यूएन) का दिल रोहिंग्याओं के लिए पसीजा जा रहा है. यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर बिगड़े हालातों पर चिंता जताते हुए कहा है कि रोहिंग्याओं के साथ जो हो रहा है, वो मानवता के खिलाफ है. हालांकि उन्होंने किसी भी मुस्लिम देश से रोहिंग्यों को शरण देने को नहीं कहा लेकिन भारत रोहिंग्यों को निकाल रहा है, इस बात पर उन्होंने दुःख जाहिर जरूर किया.

कमाल की दोगलापंथी है ये, भाई यदि आप अपने देश में रहकर वहां गद्दारी करोगे, वहां आतंक मचाओगे, वहां के मूल निवासियों के खिलाफ हिंसा करोगे तो वो जवाब तो देंगे ही. हैरानी की बात है कि यूएन जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्था को रोहिंग्यों का दुःख-दर्द तो दिख रहा है लेकिन उनकी करतूतें नहीं दिख रही हैं. बहरहाल मोदी सरकार ने साफ़ कर दिया है कि मानवाधिकार वाले जाएँ भाड़ में, देशहित में वो समझौता नहीं करने वाली और अवैध तरीके से भारत में रहने वालों को निकाला जरूर जाएगा.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।

सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments