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देश के विकास के लिए मोदी सरकार ने उठाया नोटबंदी से भी बड़ा कदम, हैरान रह गए सोनिया-मनमोहन

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नई दिल्ली : देश से कालेधन को ख़त्म करने के लिए पीएम मोदी ने नोटबंदी जैसा बड़ा फैसला करके सबको चौंका दिया था. नोटबंदी से काफी हद तक कालेधन पर लगाम लगी भी, जिससे देश का काफी फायदा हुआ. अब वित्तीय घाटे पर नियंत्रण पाने के लिए मोदी सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है जिससे देश को सीधे 1 लाख करोड़ रुपए तक का मुनाफा प्राप्त होगा. जो काम 60 सालों में कांग्रेस नहीं कर पायी वो काम केवल ढाई साल में मोदी सरकार ने कर दिखाया. हालांकि इस फैसले से देश में सियासी हलचलें बढ़ गयी हैं और कई नेताओं ने विरोध करना भी शुरू कर दिया है.

शत्रु  संपत्ति बेचेगी सरकार !

ऐसा शत्रु संपत्ति विधेयक 2016 के पारित होने से होगा. बताया जा रहा है कि इससे भारत सरकार को तकरीबन 1 लाख करोड़ रुपए का फायदा मिलेगा. आपको बता दें कि वो भारतीय नागरिक जिनके रिश्तेदार देश के बंटवारे के बाद या फिर 1965 या 1971 की लड़ाई के बाद भारत को छोड़ कर पाकिस्तान के नागरिक हो गए थे या 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद देश छोड़कर चले गए थे, भारत में मौजूद उनकी अचल संपत्ति अब “शत्रु’ संपत्ति” के दायरे में आ गई है.

1968 के एनिमी प्रॉपर्टी ऐक्ट के तहत गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी के ऑफिस को शत्रु संपत्तियों की रखवाली, प्रबंधन और प्रशासन की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन इसके पास इनके निपटारे की या बेचने की शक्ति नहीं थी. लेकिन अब शत्रु संपत्ति विधेयक 2016 के पारित होने से इस ऑफिस के पास शत्रु संपत्ति को बेचने की शक्ति भी आ जायेगी.

यानी अब सरकार भारत में मौजूद शत्रु संपत्ति को बेच पायेगी, जिससे 1 लाख करोड़ रुपए तक का फायदा मिलेगा. संसद की सिलेक्ट कमिटी की रिपोर्ट से मिले आंकड़ों के मुताबिक़ भारत में पाकिस्तानी नागरिकों की 11,882 एकड़ में फैली 9,280 अचल संपत्तियां हैं जिनकी कीमत तकरीबन एक लाख करोड़ है.


अब कोई नहीं रोक सकता देश का विकास !

इसके अलावा कस्टोडियन ऑफिस के पास मौजूद चल संपत्तियों में 266 लिस्टेड कंपनियों में तकरीबन ढाई हज़ार करोड़ रुपये की वैल्यू के शेयर्स के साथ-साथ 318 अनलिस्टेड कंपनियों में 24 करोड़ रुपये की वैल्यू के शेयर्स भी हैं. इसके अलावा इन चल संपत्तियों में सैकड़ों करोड़ो रुपये का सोना, ज्वैलरी, बैंक बैलेंस के साथ-साथ गवर्नमेंट सिक्यॉरिटीज में डेढ़ सौ करोड़ रुपये और फिक्स्ड डिपॉजिट्स में 160 करोड़ रुपये का निवेश भी शामिल है.

इसके अलावा कस्टोडियन ऑफिस के पास पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और दिल्ली में मौजूद 149 अचल संपत्तियां उन लोगों की भी हैं जो 1962 भारत-चीन युद्ध के बाद चीनी नागरिक बन गए थे. अब शत्रु संपत्ति विधेयक के पारित होने से ‘कस्टोडियन ऑफिस को शत्रु संपत्ति को बेचने के साथ-साथ इन सम्पत्तियों पर अवैध कब्जा करने वालों को निकालने की भी शक्ति मिल गयी है.

कहा जा रहा है कि एक ओर तो बीजेपी के पास लोकसभा में बहुमत है और अब पांच राज्यों के चुनाव के बाद बीजेपी की राज्य सभा में भी स्थिति काफी मजबूत हो जायेगी. जिसके बाद अब इतना अधिक पैसा सरकार के पास आने से सरकार की “पाँचों उंगलियां घी में और सर कढ़ाई में” होगा. संख्या बल और भरपूर पैसे के मिलने से पीएम मोदी देश में विकास कार्यों की झड़ी लगा देंगे.


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