Home > ख़बरें > नोटबंदी, GST के बाद मोदी सरकार का एक और ऐतिहासिक फैसला, जिसका सबको था बेसब्री से इंतज़ार

नोटबंदी, GST के बाद मोदी सरकार का एक और ऐतिहासिक फैसला, जिसका सबको था बेसब्री से इंतज़ार


नई दिल्ली : मोदी सरकार ज़बरदस्त तेज़ी से कैशलेस युग की ओर बढ़ती जा रही है. नोटबंदी , GST के बाद मोदी सरकार का ये फैसला आम जनता की वर्षों पुरानी मुसीबत साथ ही घण्टों लम्बी कतारों से हमेशा के लिए आज़ादी दिला देगा.

मोदी सरकार का ज़बरदस्त फैसला

अभी-अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक मोदी सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के इस शानदार फैसले से अब आपको इन टोल प्लाजा की लम्बी कतारों में लग कर अपना समय ओर ईंधन दोनों की बचत होगी. पीएम मोदी ने नोटबंदी के वक़्त लाइन में लगे लोगों के लिए कहा था “बस ये आखिरी बार इस लाइन में लग जाइये उसके बाद धीरे-धीरे सभी लम्बी कतारों को ख़त्म कर देंगे”.

लम्बी कतारों से मिलेगी आज़ादी

पीएम मोदी अपने वादे अनुसार तेज़ी से लम्बी कतारों ओर घंटों की परेशानी से आज़ादी दिला रहे हैं. इससे पहले हवाई यात्रा में भी अब आपको घंटों मशक्कत करने की ज़रूरत नहीं है सिर्फ आधारकार्ड से आप लम्बी कतारों से बच सकेंगे. इसके बाद अब ये टोल प्लाजा पर लम्बी कतारें सिर्फ इतिहास बन कर रह जाएँगी.


भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण देशभर के टोल प्लाजा को हाईब्रिड करने की तैयारी कर रहा है. टोल के ई- भुगतान को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार से यानी एक सितम्बर से फास्टैग लेन चालू कर दी गई है. इससे इन टोल प्लाजा पर वाहनों को रुकने की जरूरत नहीं होगी और वे तेजी से निकल सकेंगे.

प्रदुषण और समय दोनों बचेंगे एक साथ

FASTag आरएफआईडी टैग है, जो बैंकों और साझा सेवा केंद्रों के जरिये ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से उपलब्ध हैं. आपको बता दें बेहद काम समय में हज़ारों लोग इस एप को डाउनलोड कर रहे हैं. साथ ही, फास्टैग खरीद रहे हैं. 31 अगस्त, 2017 तक फास्टैग की पहुंच बढ़कर 18 फीसदी हो गई है. सरकार ने एक अक्‍टूबर, 2017 से बेचे जाने वाले सभी वाहनों पर FASTag को अनिवार्य कर दिया है. इससे यात्रियों का समय तो बचेगा ही, साथ में प्रदूषण से भी मुक्ति मिलेगी.

कैशलेस युग की ओर बड़ा कदम

आपको बता दें टोल प्लाजा पर अक्सर खुले पैसे ये अन्य किसी कारण की वजह से झगडे और मार पीट की खबरें आती रहती हैं. लेकिन इस इ-टोल से अब आम आदमी अनेक मुसीबतों से छुटकारा पा सकेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत देशभर के टोल प्लाजा को डिजिटल करने का जो सपना देखा था वो अब सच हो गया है.

कैसे काम करेगा फास्टटैग?

गाड़ीकी विंडशील्ड पर फास्टैग चिप लगाई जाती है और टोल प्लाजा पर सेंसर लगा रहता है. जैसे ही गाड़ी टोल प्लाजा पर लगे सेंसर के 20 मीटर के दायरे में आती है, सेंसर चिप को पढ़ लेता है. जिसके साथ ही शुल्क का भी भुगतान अपने आप हो जाता है. टोल प्लाजा का बैरियर ऑटोमेटिक खुल जाता है और गाड़ी बिना रुके पार हो जाती है.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।
सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments