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भारतीय नौसेना के लिए मोदी ने लिया अब तक का सबसे शानदार फैसला, चीन में मची खलबली

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नई दिल्ली : 2014 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद से पीएम मोदी लगातार देश की सैन्य शक्ति को बढ़ाने के लिए एक के बाद एक बड़े फैसले लेते जा रहे हैं. देश की सुरक्षा के साथ मोदी सरकार कोई भी समझौता करने के मूड में नहीं है. अब इसी सिलसिले में एक ऐसी बड़ी खबर सामने आयी है जिसने भारत के दुश्मनों के दिल में खलबली मचा दी है.

नौसेना के 20 हज़ार करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी

खबर आयी है कि रक्षा मंत्रालय ने भारत की नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए नौसेना के 20 हज़ार करोड़ रुपये के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. नौसेना की ओर से रक्षा मंत्रायल को चार अत्याधुनिक युद्धपोतों को खरीदने का प्रस्ताव भेजा गया था. ये अत्याधुनिक युद्धपोत बेहद आधुनिक उपकरणों और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों से लैस होंगे. यानी इनके आने के बाद भारत इन युद्धपोतों से ब्रह्मोस मिसाइलें दाग पायेगा.

इन में से दो युद्धपोत रूस से ख़रीदे जाएंगे और दो युद्धपोतों को भारत में ही बनाया जाएगा. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की अगुवाई में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने इन युद्धपोतों को खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इन्हें खरीदने की प्रक्रिया के तहत अब नौसेना के अधिकारी रुस से इन युद्धपोतों को बनाने में आने वाली लागत के बारे में बात करेंगे.


नौसेना के अधिकारियों द्वारा सारी कार्यवाही पूरी कर लिए जाने के बाद इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट के पास भेजा जाएगा. जिसके बाद पीएम मोदी की मंजूरी मिलते ही युद्धपोतों को खरीद लिया जाएगा.

पनडुब्बी से अंडर वाटर मिसाइल का सफल परीक्षण

इस ऐतिहासिक सौदे से भारतीय नौसेना की शक्ति कई गुना बढ़ जायेगी और भारत की समुद्री सीमाएं पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगी. अभी हाल ही में भारतीय नौसेना ने अरब सागर में कलवरी पनडुब्बी से एक अंडरवाटर मिसाइल का भी सफलतापूर्वक परिक्षण किया था. इस परिक्षण में नौसेना ने पहली ही बार में कामयाबी हासिल कर ली थी.

इसके साथ-साथ नौसेना ने कलवेरी क्लास की सभी 6 पनडुब्बियों को एंटी-शिप मिसाइल तकनीक से भी लैस किया है. जिसके प्रयोग से दुश्मन के जहाज़ों को दूर से पहचान कर उन्हें तबाह किया जा सकता है. पीएम मोदी द्वारा जलसेना, थलसेना और वायुसेना तीनों पर बराबरी से ध्यान दिया जा रहा है. सबसे अहम् बात ये भी है कि कांग्रेस के वक़्त में की गयी कई सैन्य डील में घोटाले और कमीशन खोरी की जांच चल रही है लेकिन मोदी सरकार में की जा रही किसी भी सैन्य डील में किसी तरह के घोटाले की कोई खबर नहीं आयी है.


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