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अभी-अभी : पीएम मोदी ने दिखाया अपनी ताकत का नमूना, एक ही चाल से पाकिस्तान में मचा बवाल

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के बाद से ही पाकिस्तान को दुनिया से अलग-थलग करने की मुहिम चलाई हुई है. पाकिस्तान की आतंकी गतिविधयों को दुनिया के सामने लाने और उसे कूटनीतिक तरीके से घेरने की भी पूरी कोशिशें जारी हैं. पीएम मोदी की कोशिशों ने अब रंग लाना शुरू कर दिया है और पाकिस्तान को लगातार दूसरा बड़ा झटका लगा है, जिसे देख पाक में हड़कंप की स्थिति आ गयी है.

दरअसल धोखे से पाकिस्तान के एक हिस्से पर कब्जा करके पाकिस्तान दुनियाभर के देशों को वहां निवेश करने के लिए मना रहा था, एक बार यदि वहां विदेशी कंपनियों का निवेश हो गया तो उस इलाके को पाकिस्तान के कब्जे से छुड़वाने में काफी दिक्कतें आएँगी. लेकिन पीएम मोदी की कूटनीति के कारण दुनियाभर के देश अब पाकिस्तान से कन्नी काट रहे हैं.

द. कोरिया ने पीओके में निवेश से इंकार किया

दक्षिण कोरिया की डायलिम इंडस्ट्रियल कंपनी लिमिटेड ने पीओके में निवेश करने से मना कर दिया है. डायलिम पीओके में झेलम के तट पर मुजफ्फराबाद में 500 मेगावॉट का चकोती हट्टियन हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट विकसित करने वाली कंपनियों के संघ की प्रमुख कंपनी है. डायलिम के साथ-साथ एशियन डेवलपमेंट बैंक, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन और एक्जिम बैंक ऑफ कोरिया ने भी पीओके में निवेश करने से इंकार कर दिया है.

पीओके के सूचना मंत्री मुश्ताक अहमद मिन्हास ने इस खबर की पुष्टि की है. जिसके बाद पाक मीडिया में मातम मनाया जाना शुरू हो गया है. पाकिस्तान में इसे मोदी की ताकत माना जा रहा है. पाक मीडिया के मुताबिक़ पीएम मोदी का जादू दुनिया के सर चढ़कर बोल रहा है और चीन हो या पाकिस्तान, दोनों देश अकेले पड़ गए हैं.


कोई नहीं चाहता पाकिस्तान में पैसे फंसाना

कोरियाई वित्त कम्पनियाँ भी पीओके में निवेश नहीं करना चाहती है. जिसके चलते पीओके का कोहला हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी स्थगित होने वाला है. पाकिस्तान बेहद आक्रामक रूप से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और चीन, दक्षिण कोरिया जैसे देशों पर पीओके में निवेश करने के लिए जोर दे रहा है लेकिन चीन के अलावा उसे कोई और साथी नहीं मिल रहा है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी पीएम मोदी के मुरीद हैं और दक्षिण कोरिया के अमेरिका के साथ घनिष्ठ सम्बन्ध हैं. यानी दक्षिण कोरिया और भारत भी मित्र देश हुए. अभी हाल ही में अमेरिका ने अपनी एक रिपोर्ट में ये भी मान लिया है कि पाकिस्तान अपने देश में आतंकवाद को पालता है, जिसके कारण अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उसकी बड़ी फजीहत हुई है और दुनियाभर के देशों ने उससे मुँह फेरना शुरू कर दिया है.

सेंटर फॉर चाइना एनालिस्ट और स्ट्रैटजी के प्रेसिडेंट जयदेव रानाडे के मुताबिक़ भारत के लिए ये एक बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि भारत को इन कंपनियों को अपने देश में निवेश करने के अवसर देने चाहिए. शुरुआत में एक-आध देशों ने पीओके में निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन पीएम मोदी के अमेरिका और इजराइल दौरों के बाद सभी ने अपने-अपने हाथ पीछे खींच लिए. इससे पहले एशियन डेवलपमेंट बैंक ने 14 बिलियन डॉलर के डायमर-भाषा डैम को फंड करने से मना कर दिया था.


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