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प्राइवेट नौकरी करने वालों को मोदी सरकार का सबसे शानदार तोहफा, देश में आज तक नहीं हुआ था ऐसा

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नई दिल्ली : देश के विकास के लिए रात-दिन एक किये पीएम मोदी की पूरी कोशिश रही है कि देश के सभी वर्गों का सामान रूप से विकास किया जाए. सरकारी कर्मचारियों के वेतन-भत्ते के बढ़ने और पे कमीशन की खबर तो अक्सर आती रही है लेकिन अब मोदी सरकार जो करने जा रही है उससे प्राइवेट नौकरी करने वालों को जबरदस्त फायदा होने जा रहा है.


प्राइवेट सेक्टर वालों की मौज !

मोदी सरकार प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों को बड़ा तोहफा देने जा रही है. सरकार की इस योजना के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की तरह ही प्राइवेट नौकरियाँ कर रहे लोगों को भी 20 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी मिल सकती है. दरअसल सरकार ग्रेच्युटी भुगतान कानून में संशोधन करके टैक्स फ्री ग्रेच्युटी की सीमा को दोगुनी कर 20 लाख रुपये करने पर विचार कर रही है.

आपको बता दें कि ग्रेच्युटी भुगतान की सीमा पहले 10 लाख थी, जिसे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सातवे वेतन आयोग में बढ़ा कर 20 लाख कर दिया गया था. लेकिन अब मोदी सरकार प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए भी इस सीमा को 20 लाख करने जा रही है. ग्रेच्युटी भुगतान कानून में संशोधन करने के बाद प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी भी 20 लाख रुपये तक की टैक्स फ्री ग्रेच्युटी के हकदार होंगे.

फिलहाल प्राइवेट कंपनियों के कर्मियों के लिए ग्रेच्युटी की लिमिट 10 लाख रुपये है यानी यदि आप 10 लाख से ज्यादा की ग्रेच्युटी के हकदार है तब भी कंपनी की ओर से केवल 10 लाख रुपये ही दिए जाएंगे. वहीँ केंद्र, राज्य सरकार और स्थानीय निकायों के तहत आने वाले कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी पूरी तरह से टैक्स फ्री होती हैं.


सरकारी कर्मचारी और प्राइवेट कर्मचारी एक समान !

लेकिन अब मोदी सरकार ना केवल प्राइवेट कंपनियों के कर्मियों के लिए ग्रेच्युटी की लिमिट को बढ़ा कर 20 लाख करने जा रही बल्कि सरकारी कर्मियों की ही तरह प्राइवेट कर्मियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी राशि पूरी तरह से टैक्स फ्री होगी.

मोदी सरकार का मानना है कि सारे फायदे केवल सरकारी कर्मचारियों को ही क्यों मिले? काम तो प्राइवेट सेक्टर के लोग भी करते हैं, देश के विकास में उनका भी उतना ही योगदान है जितना कि सरकारी कर्मचारियों का है. तो फिर क्यों केवल सरकारी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की राशि दोगुनी हो और क्यों केवल उन्हें मिलने वाली सारी राशि टैक्स फ्री हो.

हाल ही में श्रम मंत्रालय की एक बैठक में इस विषय पर चर्चा की गयी थी और इस पर सहमति बनी थी. श्रममंत्री बंडारू दत्तात्रेय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में फैसला लिया गया था कि संसद में ऐसा विधेयक लाया जाए कि जब भी केंद्रीय कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की राशि बढ़ाई जाए तो प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की ग्रेच्युटी भी अपने आप ही बढ़ जाए.


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