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शर्मनाक- सरस्वती पूजा करने की मांग कर रहे छात्रों को ममता की पुलिस ने पीटा

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नई दिल्ली : बंगाल के हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब लगने लगा है कि केंद्र सरकार को वहां राष्ट्रपति शासन लगा कर ममता बनर्जी को फ़ौरन गिरफ्तार कर लेना चाहिए. ममता के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में शासन-व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल हो चुकी है. एक के बाद एक हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को देखकर तो अब लगने लगा है कि मानो बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हिंदुओं से बेइंतहा नफरत करती है.

बच्चों के सरस्वती पूजन से ऐतराज

अभी-अभी बंगाल से ऐसी ही एक और बेहद शर्मनाक खबर आयी है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ हावड़ा जिले में स्थित उलबेड़िया के तेहट्टा हाई स्कूल में स्कूली बच्चों को सरस्वती पूजा तक नहीं करने दी जा रही. मंगलवार को पूजा करने देने के लिए जब बच्चों ने शांतिपूर्ण तरीके से मांग की तो ममता की पुलिस ने मासूम बच्चों को बर्बरता से पीटा, उन पर लाठी चार्ज कर दिया जिसके कारण दर्जनों मासूम बच्चे बुरी तरह घायल हो गए.

तुष्टिकरण की हदें पार

इन्डियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि 27 जनवरी को स्कूली छात्रों ने जब सरस्वती पूजा के आयोजन के लिए तैयारियां शुरू की तो इस्लामिक कट्टरपंथियों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ. उन्होंने स्कूल पर हमला कर दिया और जम के तोड़फोड़ की. जिसके बाद यहां धारा 144 लागू कर दी गयी और स्कूल के प्रधानाध्यापक उत्पल मलिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. हैरानी की बात तो ये है कि इस्लामिक कट्टरपंथियों से स्कूल और छात्रों को सुरक्षा मुहैया कराने की जगह उलटा ममता बनर्जी सरकार ने स्कूल को ही बंद कर दिया और हिन्दू बच्चों को सरस्वती पूजन करने से रोक दिया ताकि इस्लामिक कट्टरपंथी खुश रहें.

प्राचीन परंपरा पर रोक

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में सरस्वती पूजा की एक लंबी परंपरा रही है. इस अवसर पर स्कूली बच्चे और उनके शिक्षक स्कूलों में, अपने घरों में और मोहल्लों में सरस्वती पूजा का आयोजन करते हैं. इस दिन सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद बच्चे नए कपडे पहन कर स्कूल आते हैं और विद्या की देवी सरस्वती की पूजा-आराधना करते हैं.


लेकिन तुष्टिकरण करने में अंधी हो चुकी ममता सरकार को मासूमों का पूजा करना भी गवारा नहीं. भला आपने कहीं किसी भी राज्य में छोटे-छोटे मासूम बच्चों पर पुलिस को लाठी-डंडे बरसाते देखा है? बंगाल में बच्चों पर लाठीचार्ज की यह घटना इस बात को साबित करती है कि राज्य सरकार इस्लामिक कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है.

दुर्गा पूजा भी नागवार

आपको बता दें कि पूजा ना करने देने के विरोध में स्कूली बच्चे जब राष्ट्रीय राजमार्ग 6 पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, उस वक्त ममता की निष्ठुर पुलिस उन पर टूट पड़ी और जमकर लाठीचार्ज किया. बच्चों के मुताबिक़ उनके स्कूल में पिछले 65 सालों से हर साल सरस्वती पूजा का आयोजन किया जाता रहा है. वो शांतिपूर्ण मांग कर रहे थे कि उन्हें इस साल भी इसका आयोजन करने दिया जाए.

इससे पहले भी बंगाल के कुछ इलाकों में दुर्गा पूजा ना करने देने की ख़बरें आती रही हैं क्योंकि वहां पर इस्लामिक आबादी बढ़ गयी है और दुर्गा पूजा से उनकी भावनाएं आहात हो जाती हैं. शान्ति बनाये रखने के नाम पर दुर्गा पूजा तक नहीं करने देती ममता की सरकार. हिंदुओं का इतना उत्पीडन कहीं और नहीं हुआ होगा जितना भारत के कश्मीर और बंगाल में हो रहा है.


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