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अमेरिका में मिली मोदी को सबसे बड़ी कामयाबी, इस्लामाबाद में नवाज रह गए हैरान, पाक फ़ौज में हड़कंप

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नई दिल्ली : आतंकवाद का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के साथ जंग लड़ ली जाए, ऐसा जज्बा तो देश के बच्चे-बच्चे में है, लेकिन क्या भारतीय सेना इसके लिए पूरी तरह से तैयार भी है? इस सवाल का जवाब काफी कम लोगों को ही पता है. बहरहाल अभी-अभी मोदी सरकार की सफलता से जुडी एक बेहद अहम् खबर अमेरिका से सामने आ रही है.

भारतीय वायुसेना को मिलेंगे एफ-16 लड़ाकू विमान

पिछले 60 सालों से देश पर एक छात्र राज कर रही कांग्रेस ने घोटालों के सिवा कुछ ना किया. यहाँ तक कि दोगले और महाभ्रष्ट कोंग्रेसी नेताओं ने रक्षा सौदों तक को नहीं बक्शा था. भारतीय वायु सेना की फिलहाल हालत काफी खस्ता हो चुकी है, वायुसेना के पास सोवियत संघ से मिले पुराने पड़ चुके लड़ाकू विमान हैं, जिनसे बड़ी जंग आसानी से नहीं जीती जा सकती. वहीँ दूसरी ओर पाकिस्तान एयरफोर्स के पास अमेरिका के ऍफ़-16 लड़ाकू विमान हैं. भारतीय वायुसेना को पुराने विमानों की जगह सैकड़ों नए विमानों की जरूरत है.

वायुसेना की इसी जरूरत को समझते हुए पीएम मोदी ने इस दिशा में काम करना शुरू किया था और अब उन्हें बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पीएम मोदी के 25 जून को प्रस्तावि‍त अमेरिकी दौर से पहले भारत में अमेरिकी निवेश से संबंधित एक बड़ी खबर आई है. अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने भारत में एफ-16 लड़ाकू विमान बनाने के लिए सोमवार को टाटा समूह से करार किया है.

“मेक इन इंडिया” से पैदा होंगी नौकरियां भी

सबसे ख़ास बात तो ये है कि अभी तक एफ-16 लड़ाकू विमानों को कंपनी के फोर्ट वर्थ, टेक्सॉस स्थ‍ित प्लांट में बनाया जाता थे, लेकिन पीएम मोदी की कोशिशों के चलते लॉकहीड कंपनी ने भारत में अपना प्लांट लगाने की तैयारी शुरू कर दी है और भारत में एफ-16 ब्लॉक 70 के उत्पादन के लिए लॉकहीड मार्टिन और टाटा एडवांस सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) के बीच ऐतिहासिक समझौता भी हुआ है.

एफ-16 ब्लॉक 70 विमान भारतीय वायुसेना के सिंगल इंजन फाइटर जरूरतों के लिए उपयुक्त हैं. इससे देश के निजी क्षेत्र में रक्षा उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा. इसके पहले टीएएसएल ने सी-1390 जेड विमान के लिए एयरफ्रेम कम्पोनेंट बनाया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने यह स्पष्ट किया था कि विदेशी कंपनियां यदि भारत को लड़ाकू विमानों की आपूर्ति करना चाहती हैं तो उन्हें ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में ही बनाना होगा, यानी भारत में किसी पार्टनर के साथ मिलकर यहीं निर्माण करना होगा.

भारत और अमेरिका दोनों जगहों पर नौकरियां !

पेरिस एयर शो में इस करार का ऐलान करते हुए लॉकहीड और टाटा ने कहा कि भारत में उत्पादन शुरू होने के बाद भी अमेरिका में नौकरियों की छंटनी नहीं की जाएगी. वहीँ “मेक इन इंडिया” के तहत इन्हे बनाने से भारत में भी नई नौकरियां पैदा होंगी. इसके साथ-साथ लॉकहीड कंपनी भारतीय प्लांट से विमान बनाकर अन्य देशों को निर्यात भी कर सकती है.

गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी 25 जून को अमेरिका के दौरे पर जा रहे हैं और 26 जून को उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से पहली मुलाकात होनी है. F-16 बेहद उम्दा तकनीक से लैस लड़ाकू विमान हैं और फिलहाल दुनिया के 26 इनका इस्तमाल कर रहे हैं. वहीँ भारत की इस डील को मजूरी मिलने के बाद से पाकिस्तानी सेना में हलचल बढ़ गयीं हैं. इस सौदे के बाद भारतीय वायुसेना इतनी ताकतवर हो जायेगी कि पाकिस्तान सपने में भी भारत से जंग नहीं जीत पायेगा.

दुनिया के सबसे आधुनिक व् घातक जेट है F-16

F-16 फाइटर फलकॉन, एक इंजन वाला सुपरसोनिक मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट है, जोकि चौथी जनेरेशन का सबसे आधुनिक फाइटर जेट है. इसमें सबसे आधुनिक रडार सिस्टम है. इसके अलावा इसका जीपीएस नैविगेशन भी बेहद उम्दा है.

आधुनिक हथियारों से लैस, इस फाइटर जेट में एडवांस स्नाइपर टारगेटिंग पॉड भी लगा होता है. F-16 ध्वनि की गति से भी तेज उड़ता है और इसकी अधिकतम गति 1,500 मील प्रति घंटे हैं. इस जेट की सबसे ख़ास बात ये हैं कि ये किसी भी मौसम में काम कर सकता है. इसमें फ्रेमलेस बबल कॉनोपी है, जिससे तेज रफ़्तार में उड़ने के दौरान देखने मे सुविधा होती है. साथ ही इसकी सीटें 30 डिग्री पर मुड़ी है, जिससे पॉयलट को जी-फोर्स की अनुभूति कम होती है.

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