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अब केरल हाई कोर्ट ने पीएम मोदी के पक्ष में दिया फैसला, कांग्रेस याचिकाकर्ता के मुँह पर जड़ा तमाचा

केरला : केंद्र में मोदी सरकार ने अभी मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए नियम बनाया था. जिसके अनुसार पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम के तहत सख्त ‘पशु क्रूरता निरोधक (पशुधन बाजार नियमन) नियम, 2017’ को अधिसूचित किया गया है. इस नियम के बनते ही कई राज्य विरोध में उतर आये थे, जैसे बंगाल में ममता बनर्जी ने कहा “कि उनके मुस्लमान भाइयों की इससे भावनाएं आहत हो जाएगी. हमारी मर्ज़ी हम क्या खाये ये तय करने वाली मोदी सरकार कौन होती है.”

यही नहीं मोदी सरकार के इस फैसले से युथ कांग्रेस के सदस्यों ने तो केरल के कन्नूर में बीच सड़क पर गाय का बछड़ा काट कर पार्टी करी थी. जिसके बाद से कांग्रेस की पुरे देश में थू थू हो रही है. साथ ही आईआईटी मद्रास के सत्तर से अस्सी छात्रों ने गौ मांस की पार्टी भी रक्खी थी. जिसमे सूरज नाम के छात्र ने पुरे कॉलेज कैंपस में गाय का मांस बांटा था. इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी कड़ा विरोध जताया था.

राजस्थान हाई कोर्ट ने किया था पीएम मोदी का समर्थन

एक दिन पहले ही इस मामले से क्रोधित राजस्थान हाई कोर्ट ने मोदी सरकार को आदेश दिया था कि गाय को जल्द से जल्द राष्ट्रिय पशु घोषित कर दिया जाना चाहिए. राजस्थान हाई कोर्ट के जज महेश शर्मा ने यह भी कहा था कि मोदी सरकार कानून में बदलाव करे और कड़ा कानून बनाये जिसके तहत गोहत्या के मामले में उम्रकैद की सजा दी जाय.

अब केरल हाई कोर्ट ने भी कहा मोदी सरकार ने कोई भी संवैधानिक उल्लंघन नहीं किया है.

राजस्थान के बाद अब केरल हाई कोर्ट भी पीएम मोदी के समर्थन में आ गया है उसने उस जनहित याचिका पर रोक लगा दी जिसमे ये मांग की गयी थी की केंद्र सरकार के फैसले को रद्द कर देना चाहिए. अदालत ने कहा कि पशुओं की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध वाले मोदी सरकार के नियमों में कोई संवैधानिक उल्लंघन नहीं किया है. इससे किसी भी नागरिक के अधिकारों का उल्लंघन नहीं हो रहा है.

कांग्रेस याचिकाकर्ता को वापस लेनी पड़ी अपनी फरियाद

चीफ जस्टिस नवनीति प्रसाद सिंह ने कांग्रेस के प्रदेश सचिव एजी सुनील की याचिका को यह कह कर ठुकरा दिया कि केंद्र सरकार के पशुओं की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगने वाले नियम में कोई बदलाव करने की ज़रूरत नहीं है और न ही इसमें किसी तरह की दखल अंदाज़ी की ज़रूरत है. जज के इतना कहते ही कांग्रेस के याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस ले ली.

संविधान के अनुसार ये राज्यों की ज़िम्मेदारी है कि गौ हत्या पर रोक लगनी चाहिए

यहाँ आपको बता दें संविधान के अनुच्छेद 48 में कहा गया है कि राज्य गाय, बछड़ों व अन्य दुधारू, गैर दुधारू पशुओं का संरक्षण करे और इनके हत्या पर रोक लगाए. अनुच्छेद 51ए (ग) में जीवों के प्रति दया रखने और पर्यावरण के संरक्षण की बात भी कही गई है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का कर रही है मोदी सरकार पालन

मोदी सरकार ने नया कानून सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही बनाया है. एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को मवेशियों की तस्करी रोकने के लिए सख्त से सख्त कानून बनाने का निर्देश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों मवेशियों की तस्करी को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाने में देरी पर सरकार को फटकार भी लगाई थी.

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