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कश्मीर में मोदी सरकार की सबसे बड़ी कामयाबी, आ गयी वो खबर जिसका सबको था बेसब्री से इंतज़ार

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नई दिल्ली : कश्मीर में जांच एजेंसी को बड़ी सफलता हाथ लगी है. एनआईए ने अलगाववादियों, आतंकियों और पाकिस्तान के गठजोड़ को ध्वस्त कर दिया है. अलगावादियों और पाकिस्तान के बीच मुख्य लिंक का काम करने वाले गद्दार को धर-दबोचा गया है. सबसे बड़ा खुलासा तो ये हुआ है कि देश में आतंक फैलाने में पाक उच्चायोग भी शामिल था. इस खुलासे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. बताया जा रहा है कि कारोबारी ज़हूर वटाली पकिस्तान उच्चायोग से भी पैसे लेकर कश्मीर में हुर्रियत के बड़े नेताओं तक पहुंचाने का काम करता था.

पकड़ा गया हवाला रैकेट का सबसे बड़ा खिलाड़ी !

एनआईए की टीम ने खुलासा किया है कि दुबई से आने वाले हवाला के पैसे को सैय्यद अली शाह गिलानी के बेटे नसीम गिलानी तक पहुंचाने का काम कारोबारी ज़हूर वटाली करता था. ज़हूर वटाली ही वो व्यक्ति है, जो पूरी घाटी की नब्ज़ की परख रखता है. ज़हूर वटाली की देश की कई राजनीतिक पार्टियों समेत सभी अलगाववादी नेताओं तक पहुंच रही है.

वटाली को सभी राजनीतिक पार्टियों की अंदर की बातें पता हैं. वो जानता है कि किस पार्टी का रिश्ता किस हद तक किस-किस के साथ है. गुरुवार को एनआईए ने ज़हूर वटाली को धर-दबोचा और उसके बाद शुक्रवार को उसे अदालत के सामने पेश किया गया.

बताया जा रहा है कि ज़हूर वटाली कश्मीर का सबसे बड़ा हवाला ट्रेडर है. हवाला का पैसा अलगाववादियों तक पहुंचाने में उसकी मदद उसका चार्टर्ड अकाउंटेंट करता है. एनआईए ने ज़हूर वटाली से सम्बंधित कई ठिकानों पर छापेमारी करके कई संदिग्ध कागजात बरामद किये. इन्ही छापेमारी में एनआईए ने ज़हूर वटाली के सीए की 6 डायरियां भी बरामद की हैं.


कमीशन के लालच में करता था देश से गद्दारी !

इन डायरियों में पूरा लेखा-जोखा मौजूद है कि वो किस अलगाववादी नेता को हर महीने कितने पैसे देता था. कोर्ट ने पूछताछ के लिए वटाली को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर एनआईए को सौंप दिया है. जिसके बाद अब कूट-कूट कर उससे पूछताछ की जा रही है. बताया जा रहा है कि उसके पास से बरामद हुए दस्तावेज काफी संगीन हैं और दिखाते हैं कि कैसे वो पिछले कई सालों से देश से गद्दारी कर रहा था.

बताया जा रहा है कि ज़हूर वटाली भारत में पाक ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तान के हवाला रैकेट का सबसे बड़ा पार्ट था. हवाला के जरिये दुबई व् अन्य देशों से आने वाले पैसे को वो अलगावादियों तक पहुंचाता था और बदले में 8 से 9 प्रतिशत कमीशन के तौर पर लेता था.

अपना कमीशन काटने के बाद बचे हुए हवाला के पैसे को वो हुर्रियत नेताओं तक पहुंचाता था. एनआईए को शुरूआती जांच में कई सौ करोड़ के लेन-देन होने के पुख्ता सबूत मिले हैं. बताया जा रहा है कि एनआईए द्वारा तबियत से कुटाई किये जाने के बाद ज़हूर वटाली ने कबूल किया है कि गिलानी के बेटे नसीम गिलानी को पाक हाई कमीशन से पैसे मिलते थे. इसके अलावा वो दुबई से हवाला के जरिये आने वाले पैसे को हुर्रियत के टॉप लीडर तक पहुंचाने का काम भी करता था. इसे एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. अलगावादियों के खिलाफ केस और भी ज्यादा मजबूत हो गया है. अब उनके बचने का कोई सवाल ही नहीं उठता. कश्मीर में शान्ति स्थापित करने के मिशन में मोदी सरकार एक कदम और आगे बढ़ गयी है.


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