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अलगाववादियों के खिलाफ मोदी सरकार का अबतक का सबसे बड़ा एक्शन, कश्मीर टूटने से बचा लिया मोदी ने

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नई दिल्ली : जिस थाली में खाया, उसी में छेद करने वाले कश्मीरी अलगाववादियों पर इंडिया टुडे के स्टिंग ऑपरेशन ने सारे देश को सन्न करके रख दिया है. फंडिंग के लालच में खुफिया कैमरे के सामने आतंकियों से मिले पैसों से कश्मीर में हिंसा व् तनाव फैलाने का दावा करने वाले हुर्रियत के नेता के वीडियो ने मानो देशभर में तहलका मचा कर रख दिया है. खबर आयी है कि अब इन अलगाववादियों के खिलाफ मोदी सरकार ने ऐसा कदम उठाया है, जैसा आजतक कोई नहीं कर सका.


हुर्रियत नेताओं का हुक्का-पानी बंद करेगी सरकार !

आतंकियों के पैसों से कश्मीर में आतंक का तांडव मचाने वाले अलगाववादियों को मोदी सरकार ने बड़ा झटका दिया है. इस बारे में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जिंतेद्र प्रसाद ने कहा है कि हम हुर्रियत नेताओं के खिलाफ बड़ा एक्शन लेने जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक़ मोदी सरकार ने इन अलगाववादियों को सरकार की ओर से मिलने वाले खर्च को देना बंद करने का फैसला ले लिया है.

मोदी सरकार हुर्रियत के इन अलगाववादी नेताओं का हुक्का-पानी बंद करने जा रहीं है. इन दोगले आतंक समर्थक अलगाववादी नेताओं को मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाओं पर रोक लग रही है. दरअसल पहले भी इस बारे में विचार किया गया था लेकिन तब इसे राज्य सरकार का फैसला कहकर टाल दिया गया था और राज्य सरकार ने इस बारे में कोई ख़ास कडा कदम नहीं उठाया था.

लेकिन इन नेताओं द्वारा कश्मीर में आतंकवाद फैलाने के सबूत मिलने के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने खुद इस फैसले को लेने का निश्चय किया है, सरकार का कहना है कि किसी भी हुर्रियत नेता को आर्थिक सहायता नहीं दी जाएगी. यदि उन्हें पैसों की जरूरत है तो खुद नौकरी करें, कमाएं और खाएं, लेकिन पैसों की बर्बादी को मोदी सरकार रोकेगी.


3 हुर्रियत नेताओं को एनआईए का समन

वहीँ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी हुर्रियत नेताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है, एनआईए ने तरहीक-ए-हुर्रियत के नेता नईम खान, फरूक अहमद डार उर्फ विट्टा कराटे और गाजी जावेद बाबा के खिलाफ समन जारी कर दिए हैं.

सबसे हैरानी की बात तो ये है कि कैमरे के सामने अपनी चोरी पकडे जाने के बावजूद हुर्रियत नेता नईम खान पूरी बेशर्मी से अपना बचाव करता हुआ और खुल कर पाकिस्तान से मिली फंडिंग को कबूल करता हुआ नज़र आया. मीडिया के सवाल के जवाब में नईम ने अपनी आतंकी गतिविधियों को आंदोलन का नाम देते हुए कहा कि उसके आंदोलन को पैसे की जरुरत है, कोई आंदोलन सिर्फ 500 रुपये में नहीं चलता. पूरी बेशर्मी के साथ उसने कहा कि भारत में पाकिस्तान करेंसी पर कोई बैन नहीं लगा है और कश्मीर में विरोध प्रदर्शन के लिए पाकिस्तानी फंडिंग की बात कोई नई नहीं हैं.

हुर्रियत को आतंकी संगठन घोषित करके बैन किया जाए !

वहीँ विदेश राज्य मंत्री और पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वी. के. सिंह ने कहा है कि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं से किसी तरह की बातचीत नहीं होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि हुर्रियत को आतंकी संगठन घोषित करने के साथ इस पर बैन लगाने का वक्त आ गया है. बहरहाल ये बात साफ़ हो चुकी है कि अलगाववादियों के दिन अब लड़ गए और उनका आतंकी खेल भी अब ख़त्म हो चुका है.

समन जारी होने के बाद एनआईए अपनी तरह से पूछताछ करेगी, जिसमे अच्छे सच उगल देते हैं. इनसे मिली जानकारियों के आधार पर हवाला के पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया जाएगा. साथ ही अब इन हुर्रियत के नेताओं का लम्बे समय के लिए जेल जाना भी तय माना जा रहा है यानी इंडिया टुडे ने एक स्टिंग ऑपरेशन से अलगाववादियों के ताबूत में आखिरी कील ठोक दी.


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