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कश्मीर में इस मौलवी ने किया ऐसा खौफनाक कांड, जिसे देख रो दिए घाटी के लोग, मोदी भी हैरान !

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श्रीनगर : सेकुलरिज्म के नाम पर देश का मीडिया तमाम ख़बरें आप तक पहुंचने ही नहीं देता. बाबा रहीम की ख़बरें तो सबने दिखाई, लेकिन हाल ही में कश्मीर से एक ऐसी खौफनाक खबर सामने आयी है, जिसने सारे देश को हिला कर रख दिया है. मामला कश्मीर का है, जहाँ स्थानीय लोगों के बीच मौलवी साहब के रूप में मशहूर पीर एजाज शेख ने जिन्नों को बुलाने के बहाने ऐसा कांड करते रहे, जिसे देख कश्मीरियों समेत सारे भारतवासी हैरान-परेशान हैं. (सबूत पोस्ट के अंत में देख सकते हैं)


छोटे-छोटे बच्चों का बलात्कारी मौलवी !

पीर एजाज शेख नाम के इस शख्स को यहाँ के लोग मौलवी साहब के नाम से जानते थे. मेल टुडे से बात करते हुए एक रेप पीड़ित ने बताया कि कैसे उसके साथ अमानवीय दुर्व्यवहार किया जाता रहा. पीड़ित ने बताया कि मौलवी साहब जिन्नों को बुलाकर बुरी बलाओं को दूर भगाने का दावा करते थे और इसकी आड़ में वो छोटे-छोटे बच्चों का बलात्कार किया करते थे.

मौलवी साहब के शिकार बच्चे इतने भोले हैं कि उनमे से कईयों को तो ये लगता था कि वो गर्भवती हो जाएंगे और सालों से इसी डर में जी रहे हैं कि उन्हें सेक्स से जुडी संक्रामक बीमारियां हो गयी हैं. बलात्कार के शिकार कई बच्चों को तरह-तरह की तकलीफें हो गयी हैं.

सबसे आकर्षक बच्चे का करता था बलात्कार !

बलात्कार के पीड़ितों ने बताया कि मौलवी साहब पर उनके परिवार की अंधश्रद्धा के कारण वो मौलवी साहब की बातों को चुपचाप मानने पर मजबूर थे. फिलहाल मौलवी साहब जमानत पर बाहर हैं और इस केस की अगली सुनवाई 27 सितम्बर को होनी है.

बलात्कार के पीड़ित एक बच्चे ने बताया कि उसकी उम्र केवल 11 साल थी, जब उसके परिवार वाले उसे मौलवी साहब के पास ले गए थे. मौलवी साहब ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया. मौलवी साहब अपने घर पर 11 से 14 साल के करीब 10 बच्चों को तरह-तरह की सेक्सुअल पोजीशन बनाने को कहता था और उनमे से जो उसे सबसे अच्छा लगता था उसके साथ रातभर यौन शोषण करता था.

हवस में अंधा और बेहद क्रूर है मौलवी !

एक अन्य पीड़ित ने बताया कि मौलवी वासना से इस कदर ग्रसित है कि वो अन्य बच्चों के सामने ही सबका यौन शोषण करता था. एक बार मौलवी ने उसका इतनी बुरी तरह से यौन शोषण किया कि वो बुरी तरह से जख्मी हो गया और जमीन पर गिर पड़ा. उस वक़्त वो बच्चा इतना भोला-भाला था कि उसने अपने मन में सोचा कि क्या वो गर्भवती हो जाएगा? यदि ऐसा हुआ तो वो अपने परिवार वालों से क्या कहेगा?

सालों तक वो अपने में इसी डर के साथ जीता रहा कि शायद उसे सेक्स से सम्बंधित संक्रामक बीमारियां हो गयी हैं. पीड़ित ने बताया कि मौलवी के खिलाफ शिकायत करने के बाद अब उसे अपनी जान जाने का डर लग रहा है.

उसके शिकार कई बच्चे, जो अभी भी किशोरावस्था में हैं, उन जुल्मों को आज भी भूल नहीं पाते. चार सालों तक मौलवी के यौन शोषण के शिकार एक अन्य बच्चे ने बताया कि मौलवी की हवस मिटाने के लिए उसका स्कूल तक छुड़वा दिया गया था. वो अब वापस स्कूल जाकर अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहता है.

कुरान और अरबी भाषा पढ़ाता था !

सबसे हैरानी की बात तो ये है कि मौलवी उस दौरान एक स्कूल में कुरान और अरबी भाषा भी पढ़ाता था और उन्ही बच्चों का बाद में यौन शोषण करता था. पीड़ित बच्चे ने बताया कि मौलवी अपने अंधभक्तों से कहता था कि वो अपने 12 साल या उससे छोटे बच्चे को उसके साथ रात गुजारने दें.


वो उस वक़्त चौथी कक्षा में था, जब मौलवी उसे अपने डंगरपोरा स्थित घर पर ले गया और उससे कहा कि आज रात उसे उसके कमरे में सोना है और बदले में उसे पैसे मिलेंगे. तब जाकर उसे मौलवी की काली सच्चाई पता चली. वो ऐसा दिखाता था कि जिन्न उसके शरीर में घुस गया है और उसके बाद उसका बलात्कार करता था.

मगर एक दिन मौलवी ने उसे सच बता दिया और तब जाकर उसे पता चला कि उसका बलात्कार किया जाता रहा है. पीड़ित बच्चे ने बताया कि सच्चाई सामने आने के बाद उसने साहस करके मौलवी को धमकी दी कि वो सबको बता देगा.

शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार बच्चे !

मेल टुडे में छपी इस खबर के मुताबिक़ पीड़ितों का इलाज कर रही मनोवैज्ञानिक ने बताया कि बलात्कार व् यौन शोषण के शिकार ये बच्चे अवसाद, चिंता, अपराध बोध और सर के शिकार हो गए हैं. उनके शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव पड़ा है. सालों तक यौन शोषण होने के कारण उनमे से कइयों की जीने की इच्छा तक ख़त्म हो गयी है.

भारत के क़ानून नहीं चलते कश्मीर में !

मौलवी के खिलाफ कश्मीर पुलिस ने मामला तो दर्ज किया है और केस अदालत में चल भी रहा है लेकिन कश्मीर में पोस्को जैसा कोई बाल संरक्षण क़ानून ना होने के कारण ऐसे केसों से उतनी संवेदनशीलता के साथ नहीं निपटा जा सकता. बाल अधिकारों के कार्यकर्ता और वकील अनंत अस्थाना के मुताबिक़ पोस्को जैसे क़ानून की जम्मू-कश्मीर में सख्त जरुरत है ताकि यौन अपराधों के शिकार बच्चों को अधिकारियों द्वारा तत्काल सहायता, मुआवजा दिया जा सके और साथ ही दोषी पर जल्द से जल्द सख्त एक्शन लिया जा सके.

देखिये टाइम्स ऑफ़ इंडिया का ये ट्वीट !


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