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डीयू विवाद के बाद सामने आया जेएनयू का ये सनसनीखेज पोस्टर कांड, देखकर यकीन ही नहीं होगा

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नई दिल्ली : दिल्ली यूनिवर्सिटी में चल रहा विवाद अभी ख़त्म भी नहीं हुआ कि दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी एक बार फिर से सुर्ख़ियों में आ गयी. अभी हाल ही में दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज में छात्रों के बीच हाथापाई और देशविरोधी नारे लगाने की बात सामने आयी थी. अब जेएनयू से भी ऐसी ही एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आयी है.


गौरतलब है कि पिछले साल जेएनयू में भी देश विरोधी नारे लगाने की ख़बरें सामने आयी थी जिनमे कुछ छात्रों पर आरोप लगे थे कि उन्होंने कश्मीर की भारत से आजादी के पक्ष में नारेबाजी की थी. अब खबर आयी है कि जेएनयू के कैंपस में अभी भी देश विरोधी पोस्टर लगे हुए हैं. एक हिंदी न्यूज़ चैनल के मुताबिक़ जेएनयू के कैंपस में लगे इन पोस्टरों में साफ़-साफ़ लिखा है कि कश्मीर को भारत से आजादी चाहिए.

ये पोस्टर एक दबी हुई चिंगारी की तरह से सुलग रहे हैं और किसी भी वक़्त जेएनयू में एक बार फिर वैसा ही बवाल खड़ा हो सकता है. आपको बता दें कि पिछले साल जेएनयू में हुई देश विरोधी नारेबाजी में कन्हैया कुमार और उमर खालिद जैसे छात्रों का नाम सामने आया था और दिल्ली यूनिवर्सिटी में इस बार हुए विवाद में भी उमर खालिद का नाम सामने आया है.


जेएनयू के कैंपस के कई हिस्सों में ऐसे विवादित पोस्टर लगे हैं जिनसे वहां भी ऐसा ही विवाद किसी भी वक़्त खड़ा हो सकता है. उमर खालिद पर जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने के आरोप लगे थे जिसके बाद एबीवीपी ने उमर खालिद को इस साल दिल्ली यूनिवर्सिटी में होने वाले कार्यक्रम में बुलाने का विरोध किया था. ख़बरों के मुताबिक़ इसके बाद ही दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी देश विरोधी नारे लगे और छात्रों के बीच हाथापाई तक हो गयी. पूरे दंगल को रोकने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज तक करना पड़ा था.

हॉकी जेएनयू के कुछ छात्रों के मुताबिक़ वो इन विवादित पोस्टरों से इतिफाक नहीं रखते हैं और उनके मुताबिक़ जेएनयू में सभी प्रकार के मुद्दों पर चर्चा की जाती है. लेकिन फिर भी कश्मीर की आजादी से जुड़े ऐसे पोस्टरों के कारण यूनिवर्सिटी का माहौल किसी भी वक़्त बिगड़ सकता है. जेएनयू कैंपस में एबीवीपी की ओर से भी कुछ पोस्टर लगाए गए हैं जिनमे उन्होंने तमाम आतंकवादी संगठनों को एक बताया है. वहीँ कश्मीर की भारत से आजादी की पोस्टर डीएसयू संगठन की ओर से लगाए गए हैं.

आपको बता दें कि उमर खालिद भी डीएसयू संगठन से जुड़ा हुआ था लेकिन विवाद में नाम आने के बाद उसने इस्तीफा दे दिया था. कश्मीर की भारत से आजादी के नारे बुलंद करने वाले वाामपंथी छात्र संगठन एसएफआई के छात्रों के मुताबिक़ उन्हें विचारों की अभिव्यक्ति की आजादी है. हालांकि अपने बचाव में वामपथी अक्सर कहते नज़र आते हैं कि वो कश्मीर की आजादी की बात नहीं करते हैं लेकिन कैंपस में लगे पोस्टर तो कुछ और ही कहानी बयान करते नज़र आ रहे हैं.


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