Home > ख़बरें > कश्मीर में गरजीं सेना की बंदूकें, इसके बाद मचा ऐसा ग़दर, सेना की पूरी टुकड़ी के लिए फांसी की मांग

कश्मीर में गरजीं सेना की बंदूकें, इसके बाद मचा ऐसा ग़दर, सेना की पूरी टुकड़ी के लिए फांसी की मांग

indian-army-kashmir

नई दिल्ली : जैसे कर्नल पठानिया के खिलाफ साजिश की गयी थी, ठीक वैसी ही साजिश कश्मीर में एक बार फिर शुरू हो गयी है. कर्नल पठानिया के बारे में तो आप जानते ही होंगे. नहीं जानते तो बता दें कि अप्रैल 2010 में जब मच्छिल सैक्टर में पाकिस्तानी आतंकियों ने कत्लेआम मचाया हुआ था और दिल्ली में बैठी कांग्रेस सरकार से आतंकियों के खिलाफ कोई भी एक्शन लेने के कोई सन्देश नहीं मिल रहे थे. तब उन्होंने खुद फैसला लेते हुए कुछ आतंकियों को मार गिराया था. बदले में कांग्रेस ने इन वीर सैनिकों की वर्दी उतरवा ली और उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा दे दी गयी.

आतंकी बशीर को मासूम बता कर सेना के खिलाफ साजिश !

वैसा ही अब कश्मीर में एक बार फिर किये जाने की साजिश हो रही है. दरअसल पीएम मोदी ने सेना को अपने मुताबिक़ सही फैसले लेने की छूट दी हुई है. इसी के चलते कश्मीर के हंदवाड़ा इलाके में हंगनकोटि के पास हफूराडा के जंगलों में मंगलवार को भारतीय सेना ने शाहिद बशीर वानी नाम के एक कश्मीरी आतंकी को मुठभेड़ में मार गिराया था.

बशीर ने सेना के साथ काफी देर तक आमने-सामने की मुठभेड़ की और अंत में उसे ढेर कर दिया गया. सेना के मुताबिक़ बशीर पाकिस्तान में ट्रेनिंग लिया हुआ एक खतरनाक आतंकी था, क्योंकि जितनी देर उसने सेना के प्रशिक्षित जवानों के साथ मुठभेड़ की, वो कोई सामान्य व्यक्ति कर ही नहीं सकता.

सेना ने उसे बार-बार आत्म समर्पण करने के लिए भी कहा था. मगर जैसे ही बशीर की लाश स्थानीय पुलिस के माध्यम से उसके घर पहुंची. अचानक ही उसके घरों में तमाम कट्टरपंथी मज़हबी ठेकेदारों का जमावड़ा लग गया. इनमे से कई तो वो लोग भी थे जिन्हे पत्थरबाजों का आका तक कहा जाता है.

परिवार को नहीं मालूम कहाँ था बेटा !

इन कट्टरपंथियों ने परिवार को भड़का दिया और फिर अचानक ही वो परिवार घर से बाहर आया और सेना को हत्यारा कहते हुए अपने बेटे को निहायत ही मासूम और नेक इंसान घोषित कर दिया. जिन सैनिकों ने एनकाउंटर किया, उन्हें सजा देने के लिए प्रदर्शन किये जाने शुरू हो गए हैं.


परिवार का कहना है कि उनका बेटा महज 19 साल का था और वो अपराध कर ही नहीं सकता. हालांकि परिवार वाले ये नहीं बता पा रहे हैं कि उनका बेटा जो कुछ दिन से गायब था, वो आखिर गया कहाँ था. यदि उन्हें अपने बेटे की इतनी ही फ़िक्र थी तो उन्होंने उसे तलाशने के लिए स्थानीय पुलिस पर ठीक वैसे ही दबाव क्यों नहीं बनाया, जैसे वो अब भारत की फ़ौज के खिलाफ बना रहे हैं?

सेना की पूरी टुकड़ी के लिए मांगी जा रही फांसी !

अब हालात ये हैं कि शाहिद बशीर वानी को एक शरीफ छात्र बताते हुए कश्मीर में जोरदार प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. प्रदर्शनकारियो की मांग है कि सेना के एक या दो जवान नहीं बल्कि पूरी टुकड़ी को ही जेल भेजा जाए. कइयों ने तो बशीर को मार गिराने वाली सेना की पूरी टुकड़ी को फांसी देने तक की मांग कर दी है.

प्रदर्शन इतना उग्र है कि प्रशासन को उत्तर कश्मीर के हंदवाड़ा के सारे शैक्षणिक संस्थान बंद करने पड़ गए हैं. साथ ही पूरे इलाके में सेना के साथ सीआरपीएफ और पुलिस को भी बड़ी संख्या में तैनात किया गया है. मौक़ा पा कर इस प्रदर्शन में ऐसे लोग भी शामिल हो गए हैं, जिन्होंने अभी तक उस संदिग्ध और उसको मारने वाले जांबाज़ों की तस्वीरें तक नहीं देखी हैं. वो बस बिना जाने और सोचे-समझे इसको केवल सेना के खलाफ आवाज बुलंद करने का एक मौक़ा देख रहे हैं.

घाटी में एक और कर्नल पुरोहित और एक और कर्नल पठानिया बनाने की पूरी पठकथा रची जा चुकी है. यदि ये साजिश सफल रहती है तो भारत की उस जांबाज़ सेना के मनोबल के खिलाफ एक जहर का काम करेगी, जिसने डोकलाम में चीन तक को झुका दिया. हालांकि भारतीय मीडिया पहले की ही तरह बाबा रहीम में व्यस्त है और इस बड़ी खबर की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।
सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments