Home > ख़बरें > छात्रों को पत्थर फेकते देख ठनक गया सेना का माथा, एक ही दिन में उतार दिया पत्थरबाजी का भूत !

छात्रों को पत्थर फेकते देख ठनक गया सेना का माथा, एक ही दिन में उतार दिया पत्थरबाजी का भूत !

army-stone-pelter

कश्मीर : कश्मीर में हिंसक प्रदर्शनों का दौर एक बार फिर चल पड़ा है. पत्थरबाजी की घटनाओं से घाटी में तनाव का माहौल है. अभी पिछले ही हफ्ते कश्मीर के पुलवामा कॉलेज में छात्रों द्वारा सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की गयी थी. अब इसी कड़ी में एक बड़ी खबर सामने आ रही है.

प्रदर्शन कर रही छात्रा ने की तौबा !

दरअसल छात्रों द्वारा पत्थरबाजी करने के बाद सुरक्षाबलों की ओर से जवाबी कार्रवाई में दर्जनों छात्र घायल हो गए थे. खबर आयी है कि सुरक्षाबलों की ओर से की गयी सख्त कार्रवाई के बाद इन्ही घायलों में से एक 17 वर्षीय छात्रा इकरा ने प्रदर्शन करने से तौबा कर लिया है.

जवाबी कार्रवाई में इकरा के सिर पर गंभीर चोट आयी थी, फिलहाल वो अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी हैं. उसके सिर में फ्रैक्चर है और पट्टियां बंधी हैं. दरअसल छात्रों का कहना है कि हथियारों से लैस वाहनों में पहुंचे सैनिकों ने उनके कॉलेज पर छापेमारी की. जबकि सेना का कहना है कि वो एक कला प्रदर्शनी की चर्चा के लिए प्रिंसिपल से मुलाकात करने कॉलेज गई थी. कॉलेज में सेना के जवानों को देख छात्र भड़क गए और पत्थरबाजी करने लगे.

आंसूगैस और पेलेट गन से जवाबी कार्रवाई !

कश्मीर पुलिस के मुताबिक़ कॉलेज के बाहर एक सुरक्षा घेरा बनाना पड़ा. काफी वक़्त तक सुरक्षा घेरा बने रहने के बाद छात्रों की ओर से पत्थर फेके जाने शुरू हो गए. जिसकी वजह से सुरक्षाबलों को आंसूगैस और पेलेट गन से जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी.


जवाबी कार्रवाई के बाद अगले दिन प्रतिबंधित अलगाववादी समर्थक कश्मीर स्टूडेंट्स यूनियन ने कश्मीर के सभी शैक्षणिक संस्थानों में प्रदर्शन का आह्वान किया. इकरा की बहन साइमा के मुताबिक़, ‘नवकादल कॉलेज में फर्स्ट इयर की पढ़ाई कर रही उनकी बहन इकरा अपने दोस्तों के साथ शांतिपूर्वक ढंग से प्रदर्शन कर रही थी. साइमा के मुताबिक़ छात्र कॉलेज में सुरक्षाबल नहीं चाहते, क्योंकि वो वहां पढ़ाई करने जाते हैं.’

‘अब कभी नहीं करुँगी प्रदर्शन’

साइमा का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच एकाएक पत्थरबाजी होने लगी. जिसके बाद एक पत्थर उनकी बहन इकरा के सिर में जा लगा. दर्द के कारण इकरा कुछ बोल नहीं पा रही थी, लेकिन उसने इशारों में बताया कि उसके सिर पर लगने वाला पत्थर सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई का नतीजा था.

इकरा के परिवार में कुल 9 सदस्य हैं और परिवार की पूरी जिम्मेदारी अकेले उसके पिता के कन्धों पर है. ऐसे में इकरा के इलाज का खर्च वह करना उसके पिता के लिए कठिन है. इकरा से पूछा गया कि क्या ठीक होने के बाद वो दोबार प्रदर्शन करेगी? जिसके जवाब में उसने इशारे में ‘ना’ कहा.

वहीँ सुरक्षाबलों का कहना है कि यदि छात्र कुछ गलत नहीं कर रहे थे, तो सुरक्षाबलों को देखकर इतना भयभीत क्यों हो गए कि उन्हें रोकने के लिए पत्थरबाजी करने लगे. पुलिस व् प्रशासन अपना काम करता है, भला किस राज्य के छात्र पुलिस व् सुरक्षाबलों पर पथराव करते हैं?


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।
सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments