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ब्रेकिंग – भारतीय सेना को मोदी सरकार का जबरदस्त तोहफा, देश में आज तक नहीं हुआ था ऐसा

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नई दिल्ली : भारतीय सेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना बनाये जाने के लिए मोदी सरकार लगातार प्रयास करती आ रही है. आज इस मुहिम में एक बड़ी सफलता मिली है, जिसने पाकिस्तान और चीन को काफी परेशान कर दिया है. दरअसल कांग्रेस के वक़्त नौसेना की काफी बदनामी हो रही थी क्योंकि पनडुब्बियों में आये दिन धमाके या तकनीकी खराबियां आ रही थी. मगर अब भारतीय नौसेना को दुनिया की सबसे घातक पनडुब्बी मिल गयी है.


भारतीय नौसेना को मिली दुनिया की सबसे घातक पनडुब्बी !

भारतीय नौसेना को पहली स्कॉर्पीन पनडुब्बी, INS कलावरी सौंप दी गई. दुनिया की सबसे घातक पनडुब्बी में से एक माने जाने वाली आईएनएस कलवारी के मिलने से नौसेना की समुद्र में ताकत कई गुना तक बढ़ जाएगी. ख़ास तौर पर चीन के दिमाग ठिकाने लगाने के बेहद काम आएगी.

भारतीय नौसेना को ये पनडुब्बी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने सौंपी. केवल एक नहीं बल्कि ऐसी 5 और पनडुब्बियों को नौसेना में शामिल करने का फैसला किया गया है, जिनमें दो और पनडुब्बियों ‘खंडेरी’ और ‘करंज’ का परीक्षण अभी जारी है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कलवारी डीजल और इलेक्ट्रिक पनडुब्बी है. इसमें ऐसे खतरनाक हथियार लगे हैं, जिनसे दुश्‍मन पर बेहद सटीक हमला कर उसे पलभर में तबाह किया जा सकता है. टॉरपीडो के साथ हमलों के अलावा इससे पानी के अंदर भी हमला किया जा सकता है. साथ ही सतह पर पानी के अंदर से दुश्‍मन पर हमला करने की खासियत भी इसमें है.


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यह डीजल और बिजली दोनों ही ताकतों से लैस है. इस पनडुब्‍बी को इस बात का ख़ास ध्यान रख कर बनाया गया है कि इसे किसी भी तरह के युद्ध में इस्तमाल किया जा सकता है. इस पनडुब्‍बी में ऐसे कम्‍युनिकेशन मीडियम लगाए गए हैं कि दूसरी नेवल टास्‍क फोर्स के साथ आसानी से कम्‍युनिकेट किया जा सके.

भारत ने ऐसी 6 पनडुब्बियों का ऑर्डर दिया था, कलवारी इसमें पहली है. आईएनएस कलवारी को फ्रांस की कंपनी DCNS के साथ मिलकर मुंबई स्थित मझगांव डॉकयार्ड में तैयार किया गया है. आईएनएस कलवारी का नाम कलवारी दरअसल एक प्रकार की शार्क मछली से लिया गया है, जिसे टाइगर शार्क भी कहा जाता है.

मेक इन इंडिया के तहत बनी यह पनडुब्बी दुश्मन की नजरों से बचकर सटीक निशाना लगा सकती है. ये टॉरपीडो और ऐंटी शिप मिसाइलों से हमले कर सकती है. कलवरी के बाद दूसरी पनडुब्बी खंदेरी का समुद्र में परिक्षण जून में शुरू हो गया था. अगले साल इसे भी भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा. तीसरी पनडुब्बी वेला को इसी साल पानी में उतारा जाएगा. अन्य सभी पनडुब्बियों को 2020 तक नौसेना में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है.


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