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नक्सलियों के खात्मे के लिए भारत के साथ आया इजराइल, नक्सलियों के साथ-साथ आतंकियों में भी हड़कंप

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नई दिल्ली : पिछले सोमवार को सीआरपीएफ के जवानों पर हुए नक्सली हमले में देश के 25 जवानों की जान चली गयी. जिसके बाद खबर आयी कि पीएम मोदी ने सीआरपीएफ को 75 दिनों के लिए खुली छूट दीं और बुद्धवार देर शाम सीआरपीएफ जवानो ने कम से कम 10 नक्सलियों को मार भी गिराया. अब इसी कड़ी में पीएम मोदी ने एक और जबरदस्त फैसला ले कर नक्सलियों और आतंकियों को हिला कर रख दिया है.

घने जंगलों में नक्सलियों को ढूंढेगा इजरायली रडार !

दरअसल नक्सली घात लगाकर हमला करते हैं और उसके बाद घने जंगलों में रफू-चक्कर हो जाते हैं. जिसके चलते नक्सलियों को पकड़ना बेहद मुश्किल हो जाता है. हालांकि सुरक्षाबल नक्सिलयों की लोकेशन का पता लगाने के लिए अलग-अलग तरह के यूएवी इस्तेमाल तो करते हैं लेकिन घने जंगलों में ये यूएवी ज्यादा कारगर साबित नहीं हो पाते.

खबर है कि ऐसे घने जंगलों में भी नक्सलियों को ढून्ढ निकालने के लिए अब इजरायल भारत की सहायता करेगा. पीएम मोदी जल्द ही इजरायल के साथ एक रक्षा सौदा करने जा रहे हैं, जिसके तहत नक्सलियों का मूवमेंट जानने के लिए खास तरीके के रडार खरीदे जाएंगे.

बताया जा रहा है कि इजरायल से ये रडार खरीदने की तैयारी शुरू हो गयी है. बेहद उन्नत टेक्नोलॉजी पर आधारित इस रडार का नाम “फोलिएज पेनेट्रेटिंग राडार” है, इसकी खूबी है कि इसके इस्तमाल से घने से घने जंगलों में भी किसी हलचल की जानकारी आसानी से मिल जाती है.

यानी नक्सल प्रभावित इलाकों व् जंगल में उनके छुपने के इलाकों में यदि इस रडार का प्रयोग किया जाए तो सुरक्षाबलों को नक्सलियों के मूवमेंट और उनकी लोकेशन की जानकारी बड़ी आसानी से मिल जायेगी. ऐसे में उन्हें धर-दबोचने में सुरक्षाबलों को ज्यादा वक़्त नहीं लगेगा और जवानों पर नक्सली हमले की संभावना भी ना के बराबर हो जायेगी.

गाडी की शक्ल में टैंक वाली खूबियां !

केवल इतना ही नहीं बल्कि सुरक्षाबलों को बमों व् लैंड माइनों के खतरे से बचाने के लिए सरकार ने ऎसी बख्तरबंद गाड़ियों के आर्डर दे दिए हैं, जिनमे बैठे हुए जवानों का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता. इन गाड़ियों पर बमों और राकेट तक का कोई असर नहीं होता. यहाँ तक कि लैंड माइन के ऊपर से गुजर जाने पर भी इन गाड़ियों का कुछ नहीं बिगड़ता. सबसे ख़ास बात तो ये है कि इन बख्तरबंद गाड़ियों को महिंद्रा, टाटा व अशोक लेलैंड जैसी भारतीय कंपनियां ही बना रही हैं.

बख्तरबंद गाड़ियों व् इसरायली रडार की मदद से घने जंगलों का फायदा उठाने वाले नक्सलियों का खेल सदा के लिए ख़त्म हो जाएगा.

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