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भारतीय सेना ने की जंग की तैयारी, 20 हज़ार जवानों ने बख्तरबंद गाड़ियों और टैंकों से खेला खूनी खेल

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जयपुर : पाकिस्तान ने सभी हदें पार की हुई हैं. एक और तो वो आये दिन सीजफायर का उलंघन करके भारतीय सेना और स्थानीय लोगों पर फायरिंग कर रहा है, दूसरी और कुलभूषण जाधव केस में तो वो अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय तक की सुनने को तैयार नहीं है. सेना प्रमुख कह चुके हैं कि पाकिस्तान को भारतीय सैनिकों के सर काटने की सजा भी जरूर दी जायेगी. अब इसी सिलसिले में सीमा से एक बेहद एहम खबर सामने आ रही है.

रेत के समंदर में गरजी सेना की तोपें

भारतीय सेना के जवानों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वो पाकिस्तान के छक्के छुड़ाने के लिए हर कसौटी पर खरे उतरने को तैयार है. खबर है कि इस मिशन में भारतीय सेना ने अपने करीब 20 हज़ार सैनिक, बख्तरबंद गाड़ियों, टैंक एवं तोप आदि उतार दिए हैं.

इन दिनों थार का रेगिस्तान प्रचंड गर्मी से भट्टी के जैसे तप रहा है. सुबह 10 बजे के बाद रेगिस्तानी इलाकों में घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है. बीकानेर जिले में सीमा के पास दिन के वक़्त धूप में पारा 50 डिग्री के पार चला जाता है और वहीं तपती धरा पर पैर रखने से पहले सोचना पड़ता है. ऐसी भीषण गर्मी में बीकानेर के महाजन फिल्ड फायरिंग रेंज में चारों तरफ रेत का समंदर और रेत के समंदर के बीच गरजती तोपे.

पाक सीमा के पास टैंक से बरसाए गोले

ये नज़ारा महाजन के रेत के समंदर में देखने को मिला जहां भारतीय सैनिकों का युद्धाभ्यास चल रहा है. भारतीय सेना की चेतक कोर ने मंगलवार को राजस्थान के रेगिस्तान में लू के थपेड़ों के बीच ‘थार शक्ति’ नामक युद्धाभ्यास किया. जवानों ने ऐसे भीषण गर्म मौसम में कई बार तपती रेत पर लेट कर अपनी पोजिशन ली तो कई बार घंटों घात लगाकर बैठा रहना पड़ा.

इसे हाल ही में सेना प्रमुख बिपिन रावत के पाकिस्तान को सबक सिखाने वाले बयान से जोड़कर देखा जा रहा है. गौरतलब है कि पाकिस्तान के साथ रिश्तों में तनाव बढ़ने के बाद से भारत ने लगातार ब्रह्मोस, अग्नि मिसाइल, इसरायली स्पाइडर मिसाइल के साथ-साथ तेजस से हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है

सेना का ये युद्धाभ्यास बड़े पैमाने पर भारतीय सेना की किसी भी युद्ध के लिए तैयारी को परखने के लिए किया गया. इस युद्धाभ्यास में अत्याधुनिक सर्विलांस सेंसर का प्रयोग भी किया गया. लेफ्टिनेन्ट जनरल अश्वनी कुमार समेत अनेक वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने अंतिम चरण में इस युद्धाभ्यास का अवलोकन किया.

पाकिस्तान के लिए अंतिम चेतावनी

लेफ्टिनेंट जनरल अश्वनी कुमार ने इस युद्धाभ्यास की सफलता पर अपनी संतुष्टि जताई और इतनी भीषण गर्मी में भी रेगिस्तान में इस युद्धाभ्यास को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए सभी सैनिकों की सराहना भी की. इस युद्धाभ्यास में सेना ने अपने लिए तय किए गए सभी युद्धात्मक पैमाने और कठिन आॅपरेशनल चुनौतियों को सफलतापूर्वक हासिल किया, जिससे आधुनिक युद्ध में जीत सुनिश्चित की जा सके.

इस युद्धाभ्यास के बाद पाक मीडिया में इसकी चर्चा की जानी शुरू हो चुकी है. पाक मीडिया भी इसे हाल ही पाकिस्तान के साथ बिगड़ते हुए रिश्तों से जोड़कर देख रही है. कई पाकिस्तानी जानकारों के मुताबिक़ यदि पाकिस्तान ने जल्द ही सीमा पर आतंकी गतिविधियां बंद नहीं की तो पाकिस्तान को एक और युद्ध का मुँह देखना पडेगा और इस बार का युद्ध अब तक हुए सभी युद्धों से भयानक होगा क्योंकि इस बार ना केवल भारत की सैन्य ताकत कई गुना अधिक है बल्कि इस बार पीएम भी नरेंद्र मोदी हैं जो पाकिस्तान के खिलाफ अपने सख्त रुख के लिए प्रसिद्द हैं.

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