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पाकिस्तान, म्यांमार के बाद अब इस देश में गरजीं भारतीय सेना की बंदूकें, लाशों के ढेर देख दुनिया हैरान

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नई दिल्ली : पिछले साल पहले म्यांमार और फिर पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक करके भारतीय सेना ने आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था और इसी के साथ भारतीय सेना का डंका पूरी दुनिया में बज गया था. इस साल भी हाल ही में म्यांमार में घुसकर भारतीय सेना ने उग्रवादियों के कैंप को नष्ट करते हुए कई उग्रवादियों की लाशें बिछा दी. साथ ही कश्मीर में भी आतंकियों का सफाया जोर-शोर के साथ किया जा रहा है. भारतीय सेना की ऐसी बहादुरी देख सारी दुनिया दंग है. ताजा खबर के मुताबिक़ एक बार फिर भारतीय सेना ने विदेशी धरती पर गजब का पराक्रम दिखाया है और कांगो में उग्रवादियों की लाशें बिछा दी हैं.


यूएन मिशन के तहत कांगों में भारतीय सेना ने बिछाई लाशें

दरअसल यूएन मिशन के तहत भारतीय सेना के कई जवान कांगो में तैनात हैं. कांगो में उग्रवादियों ने गजब का आतंक मचा कर रखा हुआ है. सेना के अधिकारियों के मुताबिक 6 अक्टूबर को हथियारबंद ‘मे-मे’ विद्रोहियों ने कांगों में भारतीय सेना की लुबेरो चौकी पर हमला कर दिया था. यह चौकी नोर्थ किवु के मुख्य शहर गोमा से उत्तर में 300 किलोमीटर दूर स्थित है.

बस फिर क्या था, भारतीय जवानों ने कांगों की धरती पर अपने साहस का ऐसा परिचय दिया कि हमला करने वालों की रूह काँप गयी. भारतीय जवानों ने एक बार ट्रिगर दबाया और फिर ट्रिगर से हाथ तब हटाया जब सभी उग्रवादियों की लाशें खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थी.


22 बच्चों को विद्रोहियों के कब्जे से बचाया

एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि साल 2017 की शुरुआत से ही नॉर्थ और साउथ किवु में उग्रवादी लगातार भारतीय सेना की चौकियों पर हमला कर रहे हैं. उग्रवादी चाहते हैं कि सेना वहाँ से चली जाए ताकि वो मासूमों का शोषण आसानी से कर सकें. कई इस्लामिक संगठन भी कांगो को इस्लामिक स्टेट बनाकर वहां शरिया क़ानून थोपने की कोशिशों में लगे हैं और आये दिन मासूम नागिरकों की ह्त्या करते रहते हैं. कांगो एक गरीब देश है, इसलिए वहां यूएन द्वारा इन उग्रवादियों व् आतंकियों को मार गिराने के लिए सैन्य सहायता दी जाती है.

6 अक्टूबर को भारतीय सेना की टुकड़ी ने उनके हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया. ऑपरेशन के दौरान हमला करने वाले सभी विद्रोहियों को मार गिराया गया, हालांकि इस कार्रवाई में भारतीय सेना के दो जवान भी मामूली रूप से घायल हो गए. सेना के अधिकारी ने यह भी बताया कि पिछले महीने भी भारतीय सेना ने कांगो में 22 बच्चों को विद्रोहियों के कब्जे से बचाया था. उग्रवादियों की इन बच्चों को बाल सैनिक के तौर पर भर्ती करने की योजना थी.

सेना पर कीचड उछालते हैं, भारत के कुछ नीच नेता

भारतीय सेना की तारीफ़ दुनियाभर में की जा रही है. जिस सेना की बहादुरी के गुणगान यूएन तक कर रहा है, उसी बहादुर सेना को कायर और ना जाने क्या-क्या कहते हैं भारत के कुछ नीच नेता. ये तमाचा भारत के उन गद्दारों के मुँह पर भी है, जो अपनी गन्दी राजनीति और वोटबैंक के लिए सेना के ऊपर कीचड उछालने में शर्म नहीं करते.


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