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अलगाववादी नेताओं की गिरफ़्तारी के बाद सेना ने किया बड़ा धमका, कश्मीर में छाया मौत का सन्नाटा

श्रीनगर : जिस तरह इराक से आतंकवादी संगठन ISIS का खात्मा किया जा रहा है उसी तरह अब दुगनी तेज़ी से कश्मीर में भी आतंकवादियों का नामोनिशान मिट रहा है. बहुत जल्द वापिस अमन और शांति स्थापित होगी. अभी NIA ने गिलानी के दामाद सहित 7 अलगाववादियों को गिरफ्तार कर 10 दिन की रिमांड पर ले लिया है. तो वहीँ दूसरी तरफ सेना ने आज सुबह घाटी में ज़बरदस्त ऑपरेशन चलाया जिससे ऐना को बड़ी सफलता मिली है.


भारतीय सेना की एक और ज़बरदस्त कार्यवाही, मिली बड़ी सफलता

आपको बता दें सिर्फ इसी साल जुलाई तक सेना ने खास ऑपरेशन कासो जिसे मोदी सरकार ने चलाने की खुली छूट दी हुई है . उसकी मदद से अब तक 104 आतंकवादियों को मौत के घाट उतरा जा चुका था. लेकिन अब ये आंकड़ा और तेज़ी से बढ़ता जा रहा है. अभी अभी एएनआई न्यूज़ एजेंसी से खबर मिली है कि जम्मू कश्मीर के गुरेज सेक्टर में तीन खूंखार आतंकवादी बड़ी साज़िश रचने के फ़िराक़ में थे.

सेना को सुचना मिलते ही स्पेशल फोर्सेज, सीआरपीफ के साथ मिलकर खास ऑपरेशन चलाया जिसमें तीन आतंकवादियों को घेर कर गोलियों की बारिश शुरू कर दी. आतंकवादी इससे पहले कुछ समझ पाते तब तक सेना यमराज का रूप धर उन्हें जहन्नुम पंहुचा चुकी थी. फिलहाल सेना का ऑपरेशन जारी है पूरे इलाके को सेना ने सील कर दिया है और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी है. इससे अब ये आंकड़ा बढ़कर 107 हो गया है.


रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि इस बात की सूचना मिली थी कि गुरेज सेक्टर में कुछ आतंकी छिपे हुए हैं. जिसके बाद सेना ने ऑपरेशन शुरू कर आतंकियों की तलाश शुरू की और मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराया. तो वहीँ अभी तीन दिन पहले भी माछिल सेक्टर में एक आतंकवादी को घेरकर मार दिया गया था.

‘ऑपरेशन हुर्रियत’ का बड़ा असर, कश्मीर में पत्थरबाजी में भारी गिरावट

सबसे खास बात इस बार ऑपरेशन में यह रही कि NIA की अलगाववादियों की ज़बरदस्त गिरफ्तारी से पथरबाज़ी में भारी गिरावट देखी गयी. हुर्रियत पर नकेल कसने के बाद से ही पत्थरबाजों तक पैसा नहीं पहुंच पा रहा है और इसी वजह से घाटी में पत्थरबाजी कम हुई है. एनआईए ने अलगावादियों पर FIR भी दर्ज कर ली गयी अब जल्द ही अदालत में पेश किया जायेगा.

घाटी में बैंक लूटने की बढ़ती घटनाओं से ये साफ़ देखा गया कि पिछले साल 8 नवंबर 2016 से नोटबंदी का अलगाववादियों और आतंकियों और पत्थरबाज़ी पर गहरा असर पड़ा. दरअसल ये अलगाववादी आतंकवादियों के एटीएम की तरह से काम करते हैं. नोटबंदी के बाद के कश्मीर घाटी में लश्कर और हिजबुल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकी संगठन पाई-पाई के लिए मोहताज हो गए हैं.


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