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अभी-अभी : चीन बॉर्डर पर बुरी तरह बिगड़े हालात, भारतीय सेना ने शुरू किया अपना एक्शन !

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नई दिल्ली : डोकलाम विवाद पर पिछले दो महीने से चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी अहम् खबर सामने आ रही है. हालांकि चीन की ओर से अपनी सेना 100 मीटर पीछे हटाने की पेशकश की गयी थी, लेकिन अब लग रहा है कि भारत और चीन के बीच युद्ध छिड़ कर ही रहेगा. भारतीय सेना ने चीन के खिलाफ बड़ी तैयारियां शुरू कर दी हैं.

किसी भी वक़्त छिड़ सकता है युद्ध

नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि सरकार को बॉर्डर से संवेदनशील जानकारियां मिली हैं. जिसके बाद बॉर्डर पर भारी संख्या में फाॅर्स भेजना शुरू किया गया है. केवल सिक्किम ही नहीं बल्कि अरुणाचल से लगी चीन सीमा पर भी भारी संख्या में सैनिकों की तैनाती की गयी है.

बताया जा रहा है कि अपनी सेना को पीछे हटाने की पेशकश करने वाला नापाक चीन कभी भी धोखा दे कर युद्ध की शुरुआत कर सकता है. चीन एक साथ कई मोर्चों पर हमला कर सकता है, यही वजह है कि अरुणाचल से लगी चीन सीमा और उत्तराखंड सीमा पर भी सेना की तैनाती बढ़ाई गयी है.

अधिकारी ने बताया कि बॉर्डर पर तैनात सैनिकों से बेहद सावधान व् सतर्क रहने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा कि डोकलाम पर चीन के आक्रामक रूख को देखते हुए मौजूदा हालात के गहन विश्लेषण के बाद यह फैसला लिया गया है. 1400 किलोमीटर लंबी चीन-भारत सीमा पर सिक्किम से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक तैनात सैनिकों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है.

भारत-चीन बॉर्डर के ईस्टर्न थियेटर की हिफाजत के लिए अरुणाचल और असम में तैनात 3 और 4 कॉर्प्स के जवानों के साथ सेना की सुकना स्थित 33 कॉर्प्स को भी चीन बॉर्डर पर भेजा गया है. हालांकि कितने जवान भेजे गए हैं और किस तरह की योजना बनायी गयी है, इस बारे में अभी कुछ खुलासा नहीं किया जा सकता.


45 हजार जवानों की ट्रेनिंग

वहीँ लगभग 45 हजार जवानों ने वेदर एक्लीमेटाइजेशन प्रोसेस को पूरा किया है. इस ट्रेनिंग के जरिये जवानों को किसी भी मौसम व् हालात में किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने की ट्रेनिंग दी जाती है. ट्रेनिंग के तहत जवानों को 9 हजार फीट ऊंचाई पर तैनात किया गया और 9 दिनों तक एक्लीमेटाइजेशन की प्रक्रिया चली.

हालांकि डोकलाम में ट्राई जनक्शन पर अभी सैनिकों की संख्या बढ़ाई नहीं गयी है. लेकिन पीछे तैनात सैनिकों से भी सावधान रहने के लिए कहा गया है. आगे तैनात जवानों की ओर से हमले का कोई भी सिग्नल मिलते ही पीछे की पांत के जवान सारा गोला-बारूद लेकर लाशें बिछाने निकल पड़ेंगे.

सुषमा ने कहा- सेना वापस बुलाए चीन

भारत ने डोकलाम पर अपना रुख स्पष्ट किया हुआ है. विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने संसद के दोनों सदनों में स्पष्ट किया है कि भारत सरकार चाहती है कि दोनों देश अपनी सेनाएं वापस बुलाएं और सीमा विवाद का शांतिपूर्ण हल निकालें. भारतीय सेना पहले पीछे नहीं हटेगी. पहले चीन को ही अपनी सेना पीछे हटानी होगी और डोकलाम में चीन किसी भी हालत में सड़क निर्माण नहीं कर सकता क्योंकि इससे भारत की सुरक्षा चिंताएं प्रभावित होंगी.

खबर है कि डोकलाम को लेकर भारत और चीन की सेनाओं के बीच मेजर जनरल स्तर की बातचीत भी हुई है लेकिन चीन के अड़ियल रुख के चलते ये मुलाक़ात बेनतीजा रही. चीन की जिद है कि पहले भारत अपनी सेना पीछे हटाए. बताया जा रहा है कि भारत की ओर कड़े शब्दों में कहा गया है कि जब तक चीन सड़क निर्माण के औजार व् अन्य सामान डोकलाम से नहीं हटाता, तब तक भारतीय सेना को पीछे हटाने का सवाल ही नहीं उठता.


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