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ब्रेकिंग : भारत-चीन विवाद के बीच भारतीय वायुसेना ने तेजस से दागी डर्बी मिसाइल, चीनी सेना के उड़े होश

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नई दिल्ली : पाकिस्तान अपनी करतूतों से बाज नहीं आ रहा है और वहां बॉर्डर पर चीन भी घुसपैठ की फिराक में लगा है. पाक-चीन से निपटने के लिए पीएम मोदी भी तेजी से भारत की सैन्य शक्ति बढ़ाने में लगे हैं. खबर है कि इस दिशा में अब भारतीय एयर फाॅर्स को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है.

भारत ने बना लिया अपना महाविनाशक हथियार

भारत में बने हल्के कॉम्बेट एयरक्राफ्ट तेजस एयर टू एयर बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइल का परिक्षण सफल रहा है. ये परिक्षण रडार मोड पर किया गया और परिक्षण के लिए हवा से हवा में मार करने वाली डर्बी मिसाइल का इस्तेमाल किया गया. सफल परिक्षण में मिसाइल ने अपने लक्ष्य पर बिल्कुल सही निशाना लगाते हुए उसे तबाह कर दिया.

बता दें कि इस परिक्षण को करने के पीछे मुख्य मकसद तेजस लड़ाकू जेट से डर्बी मिसाइल की लक्ष्य पर हमला करने की क्षमता को चेक करना था. इसके अलावा इस परिक्षण में तेजस लड़ाकू जेट के फायर कंट्रोल रडार, लॉन्चर्स और मिसाइल वेपन डिलिवरी को भी टेस्ट किया गया.

एक बटन से इतिहास बन जाएंगे पाक और चीन

तेजस लड़ाकू जेट हवा से हवा और हवा से सतह पर मिसाइल दागने में सक्षम है. इस लड़ाकू जेट से एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट को भी दागा जा सकता है, यानी दुश्मन के लड़ाकू जहाज़ों, ड्रोन, मिसाइलों के साथ-साथ दुश्मन की जलसेना के युद्धपोतों व् जमीन पर दुश्मन के ठिकानों को भी तबाह किया जा सकता है.


तेजस लड़ाकू जेट 42% कार्बन फाइबर, 43% एल्यूमीनियम अलॉय और टाइटेनियम से मिलकर बनाया गया है. तेजस सिंगल सीटर विमान है और इसका ट्रेनर वेरिएंट 2 सीटर है. तेजस 50 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है. इसके डेवलपमेंट में 7 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.

चुटकियों में मचा देता है तबाही

तेजस जेट अपनी तरह का सबसे हल्का सुपरसोनिक (ध्वनि की गति से तेज उड़ने वाला) लड़ाकू विमान है. फाइनल ऑपरेशन क्लीयरेंस (FOC) वर्जन में इसकी अधिकतम गति 2205 किलोमीटर प्रति घंटे और इनीशियल ऑपरेशन क्लीयरेंस (IOC) में अधिकतम गति 2000 किलोमीटर प्रति घंटे होगी.

जानकारों के मुताबिक़ तेजस, फ्रांस के फाइटर जेट मिराज-2000 जैसी क्षमताएं रखता है. इसी के साथ इसमें फ्लाई बाय वायर तकनीक का इस्तमाल किया गया है, जिसके चलते इसे उड़ाना बेहद आसान है. एक और विशेषता जो इसे सबसे ख़ास बनाती है, वो है इसका इसरायली रडार. तेजस में दुनिया की बेहतरीन तकनीक से बना एक शक्तिशाली इजरायली रडार लगा हुआ है.

तेजस में लगा वॉर्निंग सिस्टम दुश्मन की मिसाइल या दुश्मन के लड़ाकू विमान का पलभर में पता लगा लेता है और तेजस उसे तबाह कर देता है. तेजस काफी छोटे, केवल 460 मीटर के रनवे पर दौड़ लगाकर उड़ान भर सकता है, यही वजह है कि ये छोटे हाइवे से भी उड़ सकता है या लैंड कर सकता है. वहीं इसके प्रतिद्वंद्वी JF-17 को उड़ने के लिए 600 मीटर तक के रनवे की जरूरत होती है. पायलट को रियल टाइम इन्फॉर्मेशन देने के लिए इसमें ग्लास कॉकपिट लगाया गया है, जिसके जरिये पायलट अपने चारों ओर देख सकता है. तेजस में एक बार में 2458 किलोग्राम ईधन भरा जा सकता है, जबकि JF-17 में केवल 2268 किलोग्राम ईधन की ही क्षमता होती है.


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