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मोदी ने पाकिस्तान पर चलाया अपना सबसे ताकतवर हथियार, कजाकिस्तान में खून के आंसू रोयेगा ना’पाक

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नई दिल्ली : पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आएगा, ये बात तो अब तक भारत समझ ही चुका है. पीएम मोदी भी शायद मान चुके हैं कि पाकिस्तान लातों का वो भूत है, जो बातों से नहीं समझेगा, इसीलिए अभी-अभी उन्होंने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिसे देख पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है.

सिंधु समझौते पर पाकिस्तान को झटका देंगे मोदी

दरअसल पीएम मोदी कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में आयोजित होने वाले SCO समिट में हिस्सा लेने के लिए निकल चुके हैं. पीएम मोदी के निकलते ही आनन्-फानन में नीति आयोग के सीईओ ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अधिकारियों के साथ बैठक की और पाकिस्तान के साथ भारत के सिंधु जल समझौते की समीक्षा की. इसके साथ-साथ दो हाइड्रो प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करने पर भी चर्चा की गयी.

30 मिनट चली इस बैठक में नीति आयोग ने सिंधु जल समझौते के मामले में दोबारा से अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के विकल्प की बात कही है. जिससे साफ़ जाहिर है कि पाकिस्तान के खिलाफ पीएम मोदी सख्त रुख इख्तियार कर चुके हैं और सिंधु जल समझौते को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं.

पीएमओ ने अस्ताना में मंगाई रिपोर्ट

पीएम मोदी इस बारे में कितना गंभीर हैं, ये इसी बात से साफ़ जाहिर होता है कि इस बैठक में नीति आयोग की रिपोर्ट SCO समिट में शिरकत करने अस्ताना पहुंचे पीएम मोदी को वहीँ दी जाएगी

इस बात के पूरे-पूरे आसार हैं कि पीएम मोदी SCO समिट में सिंधु जल समझौते का मुद्दा उठाएं और पाकिस्तान को बेनकाब करते हुए इस संधि में बदलाव की जरुरत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर रखे. नीति आयोग के मुताबिक़ इस मामले में पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता सशर्त की जानी चाहिए.

सिंधु जल समझौते के तहत भारत अपनी जरूरतों को नज़र-अंदाज करके पाकिस्तान को पानी देता है लेकिन भारत का शुक्रगुजार होने की जगह पाकिस्तान उलटा भारत के ही खिलाफ साजिशें करता आया है. भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में एक बार फिर बढ़े तनाव और सीमा पर लगातार सीजफायर उल्लंघन के कारण अब वो वक़्त आ गया है, जब भारत अपने हितों की ओर ध्यान देते हुए हाइड्रो प्रोजेक्ट लगा कर बिजली का उत्पादन करे और पाकिस्तान को दिए जाने वाले पानी में कटौती करे.

प्यासा मरेगा पाकिस्तान !

इसी के मद्देनजर नीति आयोग की ये समीक्षा बैठक सामने आई है. भारत-पाकिस्तान सीमा पर लगातार जारी गोलीबारी और घुसपैठ की वजह से दोनों देशों के बीच तनाव गहरा गया है. भारत की ओर से पाकिस्तान को लाख बार समझाने के बावजूद कोई हल निकलता नज़र नहीं आ रहा है, जिसके चलते दोनों देशों के बीच वार्ता भी ठप है.

इसके अलावा भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले को लेकर भी दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट आई है. उरी हमलों के बाद पीएम मोदी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए साफ़ शब्दों में कहा था कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते. अब इस मामले में भारत तेजी से कदम उठाएगा और ये तय माना जा रहा है कि भारत दोनों हाइड्रो प्रोजेक्ट पर काम दोबारा शुरू करेगा.

हाइड्रो प्रोजेक्ट तैयार होने पर पाकिस्तान को पानी की किल्लत का सामना करना पडेगा, एक बड़े पाकिस्तानी इलाके की कृषि पूरी तरह से तबाह हो जायेगी, जो पाकिस्तान को घुटनों पर आने के लिए मजबूर कर देगी. हाइड्रो डैम के बन जाने पर भारत जब चाहे पानी को रोक कर पाकिस्तान को प्यासा मार सकता है.

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