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पुतिन आये पीएम मोदी के साथ, लिया बड़ा फैसला, रूस से आयी एक खबर से पाकिस्तान में मचा हड़कंप !

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नई दिल्ली : रूस भारत का पुराना साथी रहा है और अच्छे-बुरे हर तरह के दौर में भारत के साथ खड़ा रहा है. हालांकि भारत की अमेरिका से बढ़ती नजदीकियों को देख पाकिस्तान को लगा था कि भारत और रूस के सम्बन्ध कमजोर पड़ रहे हैं. इसके लिए पाकिस्तानी मीडिया ने अपनी ख़ुशी भी जाहिर की थी लेकिन पीएम मोदी की कूटनीति ही कुछ ऐसी है कि नए दोस्त भी बन रहे हैं और पुरानी दोस्ती भी मजबूत होती जा रही है. रूस से अब एक बड़ी खबर आ रही है, जिसने पाकिस्तान को हिला के रख दिया है.

मिल कर बनाएंगे दुनिया का सबसे घातक लड़ाकू विमान

खबर है कि भारत और रूस जल्द ही मिलकर पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को विकसित करेंगे. जानकारी के मुताबिक़ लगभग 25 अरब डॉलर के इस प्रॉजेक्ट के तहत 125 बेहद उन्नत लड़ाकू विमान बनाये जाएंगे. पाकिस्तान को लगा था कि रूस के साथ भारत के सम्बन्ध कमजोर होते जा रहे हैं, वहीँ उसे चीन पर भी काफी भरोसा था कि वो युद्ध की स्थित में उसका साथ देगा लेकिन ये खबर पाकिस्तान के लिए बड़े झटके वाली है.

चीन ने भी पिछले दिनों पाकिस्तान का साथ देने का फैसला बदल लिया है और भारत-पाकिस्तान के मामले में दखल ना देने की बात दोहराई है. 6 महीने बाद पीएम मोदी और पुतिन की मुलाक़ात होनी है, जिसमे केंद्र सरकार द्वार प्रस्तावित मल्टी बिलियन डालर प्रोजेक्ट के अंतर्गत भारत और रूस एक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे.

बराबर होंगे तकनीक अधिकार

इस समझौते के तहत दोनों देश मिल कर पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को विकसित करेंगे. ये लड़ाकू विमान दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमान होंगे और इनकी मारक क्षमता भी दुनिया में सबसे ज्यादा होगी. भारत की ओर से इस समझौते का पूरा मसौदा तैयार कर लिया गया है. इसके अंतर्गत भारत के पास तकनीकी अधिकार रूस के बराबर ही होंगे.

इस समझौते से भारतीय वायुसेना की ताकत कई गुना बढ़ जायेगी. पांचवी पीढ़ी के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों से लैस भारतीय वायुसेना की ताकत चीन से भी कई गुना अधिक बढ़ जायेगी.

भारत की ब्रह्मोस मिसाइल का फैन है रूस

गौरतलब है कि रूस पहले से भारत की ब्रह्मोस मिसाइल की तारीफ़ करता आया है. रूस को पीएम मोदी के “मेक इन इंडिया” के तहत बनी ब्रह्मोस-3 मिसाइल इतनी बेहतरीन लगी है कि ब्रह्मोस-3 मिसाइल खरीदने के लिए उसने भारत को आर्डर भी दे दिया है. भारतीय वैज्ञानिक रूस को ब्रह्मोस मिसाइल सप्लाई करने की तैयारी भी कर चुके हैं.

ब्रह्मोस को प्राप्त है वर्ल्ड क्लास मिसाइल का दर्जा

गौरतलब है कि भारत की ब्रह्मोस मिसाइल को दुनिया की सबसे तेज और सटीक निशाना लगाने वाली मिसाइल का दर्जा मिला हुआ है. इसकी सबसे ख़ास बात तो ये है कि ब्रह्मोस जमीन से केवल 10 मीटर की उंचाई पर उड़ सकती है, इसलिए दुनिया के अत्याधुनिक रडार सिस्टम भी इसे पकड़ नहीं सकते. बिना किसी की नज़र में आये ये विनाशक मिसाइल दुश्मन के इलाके में घुस कर तबाही मचाने में सक्षम है.

रूस, भारतीय वैज्ञानिकों की तकनीक से बेहद प्रभावित है, इसलिए पांचवी पीढ़ी के लड़ाकू विमान उसने भारत के साथ मिलकर बनाने का फैसला लिया है. इसे भारत के लिए एक बेहद अहम् उपलब्धि माना जा रहा है.

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