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नोटबंदी पर आयी इस रिपोर्ट को पढ़कर आपकी आँखे फटी रह जाएंगी, माफ़ी मांगेंगे अब मनमोहन सिंह और चिदंबरम?

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नई दिल्ली : पीएम मोदी ने कालेधन को ख़त्म करने के लिए नोटबंदी का कडा फैसला लिया था. जिसके बाद देश के कई बड़े अर्थशास्त्रियों और नेताओं ने पीएम मोदी के इस फैसले को सबसे बड़ी गलती बताते हुए कहा था कि इससे भारत की अर्थव्यवस्था तबाह हो जायेगी. लेकिन चीन से अब जो खबर सामने आ रही है उसने देश के कई बड़े अर्थशास्त्रियों के भी होश उड़ा दिए हैं.

चीन को पीछे छोड़ा भारत ने

नोटबंदी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था की गति कम होने का अनुमान लगाने वालों का मुह तब बंद हो गया जब खबर आयी कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.1 फीसदी का आंकड़ा छु लिया. इससे भी ज्यादा हैरानी की बात तो ये है कि सारी दुनिया को अपनी अकड़ दिखाने वाले चीन को भी भारत ने पछाड़ दिया है.

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में चीन की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर केवल 7 प्रतिशत ही रही. दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन ने इस वर्ष अपनी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि का लक्ष्य तकरीबन 6.5 फीसदी रखा है. जबकि पिछले वर्ष चीन का लक्ष्य 6.5 से 7 फीसदी तक था.

पिछले साल चीन की जीडीपी वृद्धि दर केवल 6.7 फ़ीसदी थी जोकि पिछले 26 साल में सबसे कम थी. वहीँ 2015 में चीन की जीडीपी वृद्धि दर 6.9 फीसदी थी. जीडीपी कम रहने के कारण हाल ही में चीन ने घोषणा की थी कि पांच लाख नौकरियों में कटौती की जायेगी और इन लोगों को अन्य जगहों में रोजगार दिलाया जाएगा.

देश-विदेश में हो रही है चर्चा

चीनी प्रधानमंत्री ली क्विंग ने चीन की शीर्ष विधायिका नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के वार्षिक सत्र के उद्घाटन समारोह में इस रिपोर्ट को पेश करते हुए कहा कि चीन की अर्थव्यवस्था की रफ़्तार धीमी है मगर ये सतत वृद्धि दर्ज कर रही है.

नोटबंदी के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने चीन की अर्थव्यवस्था से ज्यादा अच्छा प्रदशन किया, जिसकी चर्चा देश-विदेश के मीडिया में की जा रही है खासतौर पर चीनी मीडिया इसे अपनी सरकार को दिखा कर भारत की तारीफों के पुल बाँधने में लगा हुआ है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा है कि नोटबंदी के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था की रफ़्तार बनी रहेगी और अगले साल भारत की जीडीपी की वृद्धि दर 8 फ़ीसदी तक हो जायेगी.

हारवर्ड पर हार्ड वर्क की जीत

इस रिपोर्ट ने भारत के कई नेताओं खासतौर पर पूर्व प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह के उन दानवों को गलत साबित कर दिया जो पीएम मोदी को नसीहतें दे रहे थे कि उन्होंने नोटबंदी करके बड़ी गलती करि है और इससे देश बर्बाद हो जाएगा या 10-20 साल पीछे चला जाएगा. पीएम मोदी ने इस कामयाबी पर चुटकी लेते हुए कहा था कि हारवर्ड पर हार्ड वर्क की जीत हुई है.

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