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बड़ी खबर -पीएम मोदी ने उठाया क्रांतिकारी कदम, सऊदी समेत सभी मुस्लिम देशों के हुई रोने जैसी हालत

नई दिल्ली : अब आधुनिक युग में विकसित देश बड़ी तेज़ी से तेल को छोड़कर बिजली से चलने वाले वाहन की ओर बढ़ चले हैं. आखिर बढ़े भी क्यों न तेल अब ज़्यादा लम्बे समय तक तो रहेगा नहीं. और कुछ सालों में मध्य एशिया में मुस्लिम देशों के तेल के कुँवे खाली होने ही वाले हैं. सऊदी अरेबिया, ईरान जैसे देश अब खुद दूसरे विकल्पों पर विचार करते हुए अपने देश को पर्यटन में नंबर वन बना रहे हैं. इसी दिशा में अब भारत ने बड़ा क्रन्तिकारी कदम बढ़ा दिया है.


पीएम मोदी के क्रन्तिकारी फैसले से भारत छू रहा नए आयाम

सौभाग्यवश अब हमारे देश में ऐसी सरकार है जिसकी दूरदृष्टि नज़र अपनी तिजोरियां भरने पर न होकर देश को विकासपथ पर दौड़ाने में लगी हुई हैं. भविष्य की चुनौतियों से अभी से निपटने के लिए और तेल की बढ़ती हुई मांग को देखकर अब भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल की शुरुआत हो चुकी हैं. जी हाँ और यह मुमकिन हो सका है पीएम मोदी के “मेक इन इंडिया” योजना से. जिससे हिमाचल प्रदेश आज वो पहला राज्य बन गया है जहाँ इलेक्ट्रिक बस चला दी गयी है. इसे कोई ऐरी-गैरी कंपनी ने नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वीइकल कंपनी बीवाईडी आॅटो इंडस्ट्री और गोल्डस्टोन इन्फ्राटेक लिमिटेड ने मिलकर भारत में और केवल भारत के लोगों के लिए बनाया है.

देश की पहली मेड इन इंडिया इलेक्ट्रिक बस

इस बस का नाम Goldstone eBuzz K7 रखा गया है. 26 सीटर यह बस कुल्लू-मनाली-रोहतांग पास वाले रूट पर 22 सितम्बर से चला दी गयी है. इसे दुर्गम रास्तो से लेकर ढलान वाले पथरीले रास्तों पर भरपूर टेस्ट करा गया है. बस में तेजी से चार्ज करने वाली तकनीक दी गई है. सिर्फ 4 घंटे में यह बस फुल चार्ज हो कर 200 किलोमीटर की दूरी तय कर लेती है. इस बस में सबसे ताक़तवर लीथियम आयरन फॉस्फेट बैटरी लगायी गयी है. यह नए युग की सबसे सुरक्षित, आरामदायक ओर प्रदुषण मुक्त बस है ओर ये गर्व की बात है कि आज भारत में इसकी शुरुआत हुई है. अब जल्द ही मुस्लिम देशों के तेल के रहमोकरम पर नहीं जीना होगा.


मोदी सरकार ने सुना दिया अपना फरमान

ये उस क्रन्तिकारी मुहीम की ओर मोदी सरकार का पहला कदम है जिसमे ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी ने सभी कार कंपनियों को खुली चेतवानी देते हुए कह दिया था कि “हमें पेट्रोल-डीजल को छोड़कर स्वच्छ ईंधन की तरफ बढ़ना ही होगा. और मैं ये कर के रहूंगा. आप लोगों को यह पसंद आए चाहे न आए. मैं आप लोगों को पूछूंगा नहीं, बल्क‍ि सीधे फैसला ले लूंगा.” बहुत जल्द मोदी सरकार ऐसी पालिसी लाएगी जिससे सड़कों पर सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही चलेंगी. जिसकी शुरुआत में इलेक्ट्रिक ऑटो, इलेक्ट्रिक रिक्शा पहले ही चलाये जा चुके हैं.

पीएम मोदी का मुस्लिम देशों को सबसे घातक झटका

इस फैसले से अब उन मुस्लिम देशों की नींव बुरी तरह हिल जायेगी जो तेल के बेशुमार पैसा पर कुंडली जमाये बैठे हैं क्यूंकि आज की तारिख में भारत सबसे बड़ा तेल खरीदने वाला देश है. जिसके लिए सालाना अरबों रुपया देश के बाहर मुस्लिम देशों की जेब में चला जाता है. मोदी सरकार ने कह दिया है कि जो कार कंपनियां इस मिशन में सरकार के साथ होंगी, वे फायदे में रहेंगी. लेकिन जो सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में पेट्रोल-डीजल कार पर ही अटके रहेंगे वे अपने हालत के लिए खुद ज़िम्मेदार होंगी.

वैसे तो मोदी सरकार ने इस मिशन को साल 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है लेकिन अभी से इसकी शुरुआत तेज़ी से हो चुकी है जिससे इसे अब 2024 तक पूरा कर लेने की पूरी सम्भावना है. विकाशील से विकसित देश बनने की ओर यह एक क्रन्तिकारी कदम साबित होगा.


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