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भारतीय सेना के बारे में आयी ऐसी रिपोर्ट जिसने पूरी दुनिया में मचा दी खलबली, चीन के उड़े होश

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नई दिल्ली : ये बात तो सर्व विदित है कि भारत ने आज तक कभी भी किसी भी अन्य देश पर पहले हमला करके उसपर कब्जा नहीं किया. लेकिन भारत के साथ ऐसा कई बार हो चुका है, 1200 साल मुग़ल, 200 साल अंग्रेजों ने शासन किया और आजादी के बाद भारत के ही पडोसी देश चीन व् पाकिस्तान ने भी दगा देकर भारत की हजारों वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा किया हुआ है. ऐसे में अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने के लिए भारत सरकार ने एक नया मुकाम हासिल किया है.

हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार बना भारत

दरअसल एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक़ दुनिया में हथियारों की होड़ पिछले 5 सालों में पिछले 27 सालों के सर्वाधिक स्तर पर पहुंच चुकी है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ साल 2012 से 2016 के बीच पूरी दुनिया में खरीदे गए कुल हथियारों के 13 फ़ीसदी हथियार अकेले भारत ने खरीदे हैं.

अपनी सुरक्षा को लेकर भारत इतना गंभीर है कि पूरी दुनिया में हथियार खरीदने के मामले में भारत पहले स्थान पर पहुंच गया है. भारत के बाद सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, चीन और अल्जीरिया का नंबर आता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2007 से 2011 के बीच भारत ने दुनिया के कुल हथियारों की बिक्री के 9.7 फ़ीसदी हथियार खरीदे थे जो किसी भी देश द्वारा इस दौरान खरीदे गए हथियारों से ज्यादा थे.


चीन-पाक मिलकर भी कुछ नहीं बिगाड़ सकते

वहीँ पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्म निर्भर बनाने के लिए रक्षा क्षेत्रों में प्राइवेट कंपनियों पर भरोसा जताया है, जीएसके सकारात्मक नतीजे हो सकते हैं. हालांकि मोदी सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के बावजूद स्वदेशी हथियार कंपनियां भारत की रक्षा जरूरतों को पूरा करने में अबतक सक्षम नहीं हो पायीं हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने सेना के आधुनिकीकरण के लिए 250 अरब डॉलर यानी तकरीबन 167 लाख करोड़ रुपए खर्च करने का इरादा जताया है.

मोदी सरकार ऍफ़-16 बनाने वाली कंपनी “लोकहीड मार्टिन कॉर्प” व् हथियार बनाने वाली मशहूर कंपनी एसएएबी एबी जैसी कई कंपनियों को भारत में हथियार बनाने का ठेका देना चाहती है. हालांकि अबतक ये कंपनियां देश की लालफीताशाही के डर से हिचक रही थी. बताया गया है कि भारत सबसे ज्यादा हथियार रूस, अमेरिका और इसराइल से खरीदता है.

अभी हाल ही में सिक्किम में चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद के दौरान पीएम मोदी ने इजराइल के साथ 17000 करोड़ की सैन्य डील भी की है, जिसके तहत इजराइल भारत को घातक हमला करने वाले ड्रोन देगा और साथ ही भारत में कई हथियारों का निर्माण मेक इन इंडिया के तहत भी करेगा.


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