Home > ख़बरें > आयकर विभाग ने सांसदों पर किया ऐसा खुलासा, जज की भी आँखें रह गयी फटी,इसबार नपेंगे कई राजनेता

आयकर विभाग ने सांसदों पर किया ऐसा खुलासा, जज की भी आँखें रह गयी फटी,इसबार नपेंगे कई राजनेता

नई दिल्ली : पीएम मोदी के नोटबंदी वाले ज़बरदस्त फैसले के बाद कालेधन के कुबेरों में रातोंरात भगदड़ सी मच गयी थी. जिसमें कई धन्ना अधिकारीयों कारोबारियों की धरपकड़ की गयी थी. तो वहीँ गंगा नदियों में 1000 और 500 के नोटों से भरे बोर देखे गए. ऐसे में अब एक बार फिर आयकर विभाग ने कालेधन को लेकर बड़ा खुलासा किया है जिसके बाद फिर से खलबली मच गयी है.


आयकर विभाग के किया बड़ा सनसनीखेज़ खुलासा

अभी-अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर बड़ा खुलासा किया है कि दो चुनावों के बीच कई राजनेताओं की संपत्ति में ‘बेतहाशा बढ़ोतरी’ हुई है. इसमें बताया गया कि देश के 7 लोकसभा सांसदों और राज्य के 98 विधायकों की संपत्तियां आयकर विभाग के रडार पर हैं जिन पर अब एक्शन लिया जायेगा.

दरअसल यह याचिका सुप्रीम कोर्ट में लखनऊ के एक एनजीओ ‘लोक प्रहरी’ ने डाली है जिसमें ये आरोप लगाया गया है कि 26 लोकसभा सांसदों, 11 राज्यसभा सांसद और 257 विधायकों के चुनावी हलफनामे को देखने पर दो चुनावों के बीच उनकी संपत्ति कई सौ गुना बढ़ गयी है. जिस बात को CBDT ने भी अब मान लिया है.

नपेंगे अब कई विधयक और सांसद

गहराई से जांचने पर CBDT ने सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में बताया कि इन आरोपों पर बड़े स्तर पर जांच करने पर सही पाया गया है, साथ ही जिसमें में पता चला कि 26 लोकसभा सांसदों में से 7, तथा 98 विधायकों की संपत्ति में करीब 500 गुना बढ़ोतरी हुई है. इस मामले की अभी आगे और जांच चल रही है.


जस्टिस जे. चेलमेश्वर और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर की बेंच ने सुनवाई के दौरान इस खुलासे को देख आँखें फटी रह गयी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने CBDT को दिया आदेश कि जिन-जिन राजनेताओं की संपत्ति 500 गुना तक बढ़ गयी है उनका पूरा ब्यौरा दिया जाय और रडार पर आए इन नेताओं पर क्या एक्शन लिया गया ये भी बताया जाए.

जवाब में CBDT ने कहा कि वह मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इन लोकसभा सांसदों और विधायकों के नाम को एक सीलबंद लिफाफे में पेश करेगी. अब ये देखना बहुत रोचक होगा कि कल क्या कल सुप्रीम कोर्ट उन नामों का खुलासा जनता के सामने करेगा या किन किन नेताओं की कल पोल खुलेगी ये बतायेगी.

यही नहीं इस एन.जी.ओ ने कोर्ट से यह भी अपील करी है कि चुनाव के दौरान एफिडेविट में सोर्स ऑफ इनकम का कॉलम जोड़ा जाए. जिससे यह भी खुलासा हो सके कि आखिरकार नेताओं के पास इतना पैसा आ कहाँ से रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में चुनाव आयोग को और केंद्र को नोटिस भी भेजा दिया है.

सरकारी वकील ने कहा कि अब वक़्त आ गया है कि राजनीती में भी स्वछता अभियान चलाया जाए. जिससे नेता और जनता के बीच पारदर्शिता रह सके. इस बारे में कोर्ट के निर्देशों का हम स्वागत करते हैं.


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।

सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments