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बोफोर्स छोड़िये, गांधी परिवार के एक और कारनामे का पर्दाफ़ाश, देखकर मोदी और योगी भी सन्न !

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नई दिल्ली : देश की सबसे पुरानी और सबसे भ्रष्ट पार्टी के रूप में प्रचलित कांग्रेस का एक और घपला सामने आया है. सबसे हैरानी की बात तो ये है कि ये घपला राहुल गाँधी के संसदीय क्षेत्र में उन्ही के पिता राजीव गांधी के नाम से चल रहा था. ये पहला घपला है, जिसमे कांग्रेस को मुँह की खानी पड़ी है.

राजीव गांधी के नाम पर अमेठी में जमीन पर कब्जा

दरअसल अमेठी में राज्य सरकार द्वारा 1 हेक्टेयर जमीन स्वयं सेवी ग्रुप के सदस्यों को वोकेश्नल ट्रेनिंग देने के लिए आवंटित किया गया था लेकिन इसपर राजीव गांधी ट्रस्ट ने कब्जा कर लिया था. राजीव गांधी ट्रस्ट द्वारा जमीन पर कब्जे का मामला सबसे पहले केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सामने लायी थी. स्मृति ईरानी के आरोप के बावजूद गुंडा-गर्दी और भर्ष्टाचार के आरोपों से घिरी तत्कालीन अखिलेश सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया.

उत्तर प्रदेश में बीजेपी की योगी सरकार बनने के बाद राज्य सरकार ने स्मृति ईरानी के आरोपों पर गौर किया और जांच शुरू की. जांच के दौरान ये पता चला कि गांव की जमीन पर राजीव गांधी ट्रस्ट ने गैरकानूनी तरीके से कब्जा कर रखा था.

घपले का पर्दाफ़ाश

कानूनी लड़ाई शुरू हुई और आखिरकार अमेठी जिला प्रशाषन ने राजीव गांधी के नाम पर चल रहे चैरिटी ट्रस्ट द्वारा गैरकानूनी ढंग के कब्जा की गई जमीन को खाली करने के आदेश जारी कर दिए. राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट ने अमेठी के रोखा गांव में तकरीबन 1 हेक्टेयर जमीन पर सालों से कब्जा जमाया हुआ था.


योगी सरकार ने पूरे मामले की जांच के आदेश देते हुए राजीव गांधी ट्रस्ट को 27 मार्च 2017 को नोटिस भिजवाया. इसके बाद अलग-अलग स्तर से 10 अप्रैल और 28 अप्रैल को ट्रस्ट को राज्य सरकार की ओर से दूसरा व् तीसरा नोटिस भिजवाया गया. नोटिस के जरिये ट्रस्ट से जमीन पर कब्जा करने की वजह और जमीन के इस्तमाल से जुड़े सवाल पूछे गए.

जमीन पर कब्जे को उचित दिखाने के लिए राजीव गांधी ट्रस्ट से जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए भी कहा गया. लेकिन मक्कारों ने राज्य सरकार के तीन नोटिस के बावजूद अधूरा बयान दिया और जमीन पर अपना मालिकाना हक़ साबित नहीं कर सके.

ये साबित हो गया कि कांग्रेस पार्टी वाकई में महाभ्रष्टाचारी पार्टी है, जो कानूनी प्रक्रियाओं में विशवास नहीं रखती है. गैरकानूनी तरीके से जमीनों पर कब्जा जमाने के शायद ये लोग अपना जन्म सिद्ध अधिकार मानने लगे हैं. वहीँ अखिलेश की समाजवादी सरकार ने जांच ना करवा कर साबित कर दिया कि घपले और लूट में वो भी कांग्रेस से कुछ ख़ास पीछे नहीं हैं. तुम मेरी जांच मत करो और मैं तुम्हारी नहीं करूंगा, इस सिद्धांत के आधार पर दोनों एक दुसरे के घपले बचाते आये थे. लेकिन बीजेपी सरकार के आते ही पोल खुलनी शुरू हो गयी है. योगी सरकार ने ट्रस्ट को जल्द से जल्द जमीन से अपना कब्जा हटाने का फैसला सुना दिया है.


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