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खुशखबरी : भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत, पाकिस्तान ने कराई फिर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेइज़्ज़ती


नई दिल्ली : 3 मार्च 2016 को ईरान से पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को अवैध घुसपैठ के चलते गिरफ्तार कर लिया था. पाकिस्तानी आर्मी एक्ट के तहत कुलभूषण पर मुकदद्मा चलाया गया और ये आरोप लगाया कि जाधव रॉ का एजेंट है. इसके बाद जासूसी का आरोप लगाकर पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने जाधव को फांसी की सजा सुना दी. भारत ने पाकिस्तान से अनेक बार जाधव से राजनैयिक मुलाक़ात करने की इजाज़त मांगी, लेकिन पाकिस्तान ने हर बार भारत की मांग को ठुकरा दिया. जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय अदालत इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस (ICJ) में अपील करी.

अभी कुछ ही दिन पहले अंतर्राष्ट्रीय अदालत ने भारत और पाकिस्तान दोनों देशों की दलील सुनी थी. इस मामले पर भारत और पाकिस्तान समेत दुनिया भर की निगाहें टिकी हुई थी. अंतर्राष्ट्रीय अदालत ने भारत के पक्ष में फैसला सुनाते हुए पाकिस्तान के दावों को खारिज करा और जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है. साथ ही कुलभूषण जाधव को जासूस मानने की पाक की दलील को भी खारिज कर दिया है और उसतक भारत की काउंसलर एक्सेस की भारत की मांग को सही ठहराया है. एक बार फिर 18 साल बाद पाकिस्तान को भारत के सामने अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर करारी हार का सामना करना पड़ा है.

जस्टिस रोनी अब्राहम ने फैसला सुनाते हुए कहा भारत और पाकिस्तान दोनों देशों ने वियना समझौते पर हस्ताक्षर किये हुए हैं. वियना संधि के तहत पाकिस्तान को जाधव तक भारतीय राजनैयिक मुलाक़ात करने की इजाज़त देनी चाहिए थी. पाकिस्तान ने जो भी दलीलें दी वो भारत के दलीलों के सामने बहुत कमज़ोर हैं. जज अब्राहम ने आगे अपने फैसले में कहा की पाकिस्तान जाधव को फांसी नहीं दे सकता है और साथ ही पाकिस्तान ये गारंटी भी दे की कुलभूषण जाधव को फांसी नहीं दी जाएगी.

भारत के वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे का पक्ष

पाकिस्तान की तरफ से ब्रिटिश वकील खवर कुरैशी की दलीलें भारत के वकील हरीश साल्वे के सामने बहुत कमज़ोर थी.भारत ने पक्ष रक्खा कि पाकिस्तान ने अवैध तरीके से गिरफ्तारी की और अन्यायपुर्ण तरीके से मुकद्दमा चला कर फांसी की सजा सुनाई. यही नहीं भारत को राजनैयिक मुलाक़ात करने की इजाज़त भी नहीं दी गयी और न ही जाधव को कोई न्यायिक मदद दी गयी.


पाकिस्तान की दलील 

पाकिस्तान ने पक्ष रक्खा कि, उसने कोई वियना संधि का उल्लंघन नहीं किया है. ये पाकिस्तान का आतंरिक मामला है और अंतर्राष्ट्रीय अदालत को इसमें दखल देने का कोई हक़ नहीं है. भारत बिना वजह इस मामले को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा चढ़ा रहा है.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस फैसले को कुलभूषण जाधव के परिवार को सुनाया और ख़ुशी जाहिर करी. उन्होंने ट्वीट कर के कहा “आईसीजे का फ़ैसला कुलभूषण जाधव के परिवार और भारतीय को लिए बड़ी राहत. भारत का पक्ष मजबूती से रखने के लिए हरीश साल्वे की आभारी हूं” .साथ ही पीएम मोदी ने भी अंतर्राष्ट्रीय अदालत के इस फैसले पर खुश जाहिर करी है.


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