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मोदी सरकार का जनता को शानदार तोहफा, अब पूरे परिवार के साथ मौज से बाहर खाइये-पीजिये !

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नई दिल्ली : देश के विकास के लिए रात-दिन मेहनत करने वाले पीएम मोदी ने जनता को एक बड़ा तोहफा दिया है, जिससे लोगे काफी खुश नज़र आ रहे हैं. दरअसल ये खुशखबरी है उन लोगों के लिए जो होटल और रेस्टॉरेंट में खाना खाते हैं. अब होटल और रेस्टॉरेंट में खाना-पीना होगा और सस्ता.


बाहर खाना-पीना अब और सस्ता !

दरअसल पिछले काफी वक़्त से देश में सर्विस चार्ज पर एक बहस छिड़ी हुई थी. होटल और रेस्टॉरेंट खाने के बिल में अलग से सर्विस चार्ज जोड़ कर मनमानी वसूली कर रहे थे. सरकार ने अब सभी होटल और रेस्त्रां मालिकों से सर्विस चार्ज नहीं वसूलने के लिए एडवायजरी जारी कर दी है. केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने इसकी जानकारी दी.

गौरतलब है कि इससे पहले जनवरी में भी उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि होटल और रेस्त्रां चलाने वाले ग्राहकों से जबरदस्त सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकते. अब केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से ये स्पष्ट कर दिया गया है कि कोई भी कंपनी, होटल या रेस्‍त्रां अपने ग्राहकों को सर्विस चार्ज देने के लिए बाध्य नहीं कर सकता.

निर्देश हुए जारी !

मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों की सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वो अपने-अपने राज्यों में चल रहे कंपनियों, होटलों और रेस्‍त्रां को इस फैसले से अवगत करा दें. हालांकि बिल में जुड़े सर्विस चार्ज का भुगतान तो पहले से ही वैकल्पिक था, लेकिन होटलों और रेस्‍त्रां मालिकों ने इसे ग्राहकों पर जबरदस्ती थोपना शुरू कर दिया था. शिकायत मिलने पर मंत्रालय की ओर से इसका स्पष्टीकरण पेश किया गया.


कई ग्राहकों ने तो यहाँ तक बताया कि कई होटल और रेस्‍त्रां तो 20 प्रतिशत तक सर्विस चार्ज वसूल रहे हैं, और इस सर्विस चार्ज का सर्विस की कैटिगरी से कोई लेना-देना तक नहीं होता है यानी ग्राहक को सर्विस पसंद आये या ना आये लेकिन कुछ लुटेरे होटल और रेस्‍त्रां जबरदस्ती इसकी वसूली कर रहे है.

वैकल्पिक भी नहीं होगा सर्विस चार्ज !

मंत्रालय की ओर से जारी की गयी एडवाइसरी में साफ़ शब्दों में कहा गया है कि अबसे ये सर्विस चार्ज वैकल्पिक भी नहीं होगा, यानी बिल में टैक्स जोड़ने के बाद होटल व् रेस्‍त्रां सर्विस चार्ज लगा ही नहीं सकते हैं. मंत्रालय के मुताबिक़ ये कोई टैक्स नहीं बल्कि टिप है. ग्राहक सर्विस से संतुष्ट है तो टिप देगा वरना नहीं देगा.

मंत्रालय ने एडवाइसरी जारी कर राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वो अपने-अपने राज्य में चल रहे होटलों से कहें कि सभी होटल उचित जगह पर ये जानकारी चिपका दें जहाँ से ग्राहक आसानी से इसे पढ़ सकें कि सर्विस चार्ज का भुगतान पूरी तरह ग्राहक की मर्जी पर निर्भर करता है, इसमें होटल की ओर से कोई जोर-जबरदस्ती नहीं की जा सकती.


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