Home > ख़बरें > जांच में सामने आया डॉक्टर कफील का ऐसा घिनौना चेहरा, जिसे देख आपकी आँखें फटी रह जाएंगी

जांच में सामने आया डॉक्टर कफील का ऐसा घिनौना चेहरा, जिसे देख आपकी आँखें फटी रह जाएंगी

dr-kafeel-khan-gorakhpur-tragedy

लखनऊ : गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में जिस डॉक्टर कफील अहमद खान को मीडिया ने रातों-रात मसीहा बना दिया है. उसके बारे में अब एक के बाद एक बेहद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिसे देख देशभर की जनता को अपनी आँखों पर भरोसा नहीं हो रहा है कि कल तक जिसे वो भगवान् का रूप समझ रहे थे, वो तो छठा हुआ बदमाश निकला. सात खुलासों से अपने फैलाये जाल में खुद ही फंस गया मीडिया का मसीहा.

पहला खुलासा – बलात्कार का आरोप !

अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक डॉक्टर कफील बलात्कार का आरोपी है और एक साल तक जेल की हवा भी खा चुका है. एक मुस्लिम महिला नर्स ने उस पर आरोप लगाया था कि उसने अपने क्लीनिक में उसका बलात्कार किया था.

दूसरा खुलासा – सरकारी नौकरी से इतर खुद का नर्सिंग होम चलाना !

डॉक्टर काफिल गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में नौकरी करता है लेकिन गोरखपुर में ही वो अपना बड़ा नर्सिंग होम भी चलाता है, जिसमें वो सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक मरीजों को देखता है. सवाल ये है कि जब ये बईमान डॉक्टर सुबह से रात तक अपने प्राइवेट नर्सिंग होम में मरीजों को देखता है तो मेडिकल कॉलेज में क्या करता है? सरकारी मेडिकल कॉलेज मेंनौकरी केवल कमीशनखोरी के लिए ज्वाइन की हुई है?

img

तीसरा खुलासा – बीजेपी और पीएम मोदी से नफरत !

यूपी चुनाव के वक़्त इस डॉक्टर कफील ने खुलकर पीएम मोदी के खिलाफ जहर उगला था. इस पोस्ट के अंत में इस बात के सबूत आप देख सकते हैं. ये कभी नहीं चाहता था कि बीजेपी सरकार सत्ता में आये, इसीलिए मोदी को हत्यारा बताते हुए इसने अखिलेश के समर्थन में वोट करने की अपील भी की थी.

img

चौथा खुलासा – सरकार को बदनाम करने के लिए मीडिया को मैनेज करना !

डॉक्टर कफील ने लोकल मीडिया में कई दोस्त बनाये हुए हैं और उन्हीं के दम पर उसने बच्चों की मौत के बाद अपने पक्ष में खबरें छपवा लीं. सरकार को बदनाम करने का पूरा प्रोपगंडा चलाया गया. हमेशा ‘एक ख़ास धर्म के मसीहा’ की खोज में रहने वाली भ्रष्ट मीडिया को टीआरपी के लिए मसाला मिल गया. जिसके बाद शुरू हो गया ख़बरों का बाजार, जिसमे सच को छिपाते हुए और कफील का इतिहास जाने बिना उसे हीरो बना दिया गया.

पांचवा खुलासा – राजनीतिक साठगांठ

इस बईमान की पहुंच का अन्दाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि एक मुस्लिम महिला नर्स जब थाने में इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने गयी कि 15 मार्च 2015 को कफील और उसके भाई कासिफ जमील ने नौकरी के बहाने उसे क्लीनिक में बुलाकर उसके साथ बलात्कार किया, तो उस पीड़ित नर्स को पुलिस ने भगा दिया.

दरअसल उस वक़्त प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और पुलिस को जैसे ही पता चला कि डॉक्टर साहब तो समाजवादी पार्टी के करीबी हैं. तो पुलिस ने उलटा नर्स को ही वहां से भगा दिया. नर्स द्वारा काफी सिफारिशें लगाने के बाद 19 अप्रैल को पुलिस ने केस तो दर्ज किया लेकिन केस को दबाने की कोशिशों में जुट गयी. एफआईआर की कॉपी आप नीचे देख सकते हैं.

img4

पीड़ित नर्स ने इंसाफ के लिए कई जगह चक्कर लगाए, आखिर में थक-हारकर वो हाईकोर्ट की शरण में गई. इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज ने पुलिस को 3 महीने के अंदर कार्रवाई का आदेश दिया, लेकिन कोर्ट के आदेश के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई. 6 महीने बाद पीड़ित नर्स ने हाईकोर्ट में अवमानना की याचिका दी और एक बार फिर इंसाफ की गुहार लगाई.


कोर्ट के ऑर्डर पर जेल गया काफिल

30 जनवरी 2016 को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इसे अवमानना का मामला मानते हुए तत्कालीन गोरखपुर के एसएसपी लव कुमार को आदेश दिया कि वो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराएं. तब जाकर एसएसपी ने कोतवाली थाने के एसओ को आदेश दिए और बलात्कारी डॉक्टर कफील अहमद को गिरफ्तार किया गया.

img3

हालांकि कुछ ही दिन बाद कफील जमानत लेकर बाहर आ गया और फिर से अपने उसी धंधे में लग गया. बलात्कार का मामला अभी भी कोर्ट में चल रहा है. मेडिकल कॉलेज के उच्च अधिकारियों को भी कफील के दुश्चरित्र और इस केस की पूरी जानकारी है लेकिन सपा नेताओं के आशीर्वाद के कारण उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि उसे अस्पताल की परचेज कमेटी का इंचार्ज बना दिया गया. जहाँ भ्रष्टाचार की संभावनाएं सबसे ज्यादा होती हैं.

कफील के खिलाफ रेप का आरोप लगने के बावजूद राजनीतिक सांठ-गाँठ के चलते देश के मीडिया ने इस खबर को चुपके से दबा दिया. यहां तक कि उसकी गिरफ्तारी और जेल जाने की खबर भी किसी अखबार ने नहीं छापी. बदले में कफील ने अखबारों को अपने क्लीनिक का विज्ञापन दिया.

छठा खुलासा – दिल्ली पुलिस भी कर चुकी है गिरफ्तार

2009 में कफील किसी और व्यक्ति के लिए एग्जाम पेपर लिखता हुआ रंगे हाथों पकड़ा गया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था.

सातवां खुलासा – चरित्रहीन और बेहद घटिया मानसिकता

कफील के ट्विटर अकाउंट की ओर नज़र डालेंगे तो दिखेगा कि ये आये दिन लड़कियों और बॉलीवुड हीरोइनों को लेकर अभद्र और अश्लील ट्वीट करता है. हालांकि ये बात सामने आते ही इसने अपने ट्विटर अकाउंट को प्राइवेट कर लिया है, लेकिन हमने स्क्रीनशॉट ले लिए हैं. जिन्हे आप नीचे पढ़ सकते हैं.

img2


इस न्यूज़ को अपने मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें। आपकी सुविधा के लिए शेयर बटन्स नीचे दिए गए हैं।
सब्सक्राइब करें हमारा यू-ट्यूब चैनल


हिंदी न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें


फेसबुक पेज लाइक करें

loading...

Comments