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आप चैन की नींद ले रहे थे वहां हो गयी ताबड़तोड़ कार्यवाही, पकड़ा गया गोरखपुर हादसे का असली मुज़रिम


गोरखपुर : गोरखपुर के ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के चलते 30 से ज़्यादा बच्चों की मौत तड़प-तड़प के हो गयी थी. यह खबर मिलते ही यूपी समेत पूरे देश में बड़ी हलचल शुरू हो गयी थी. जिसके तुरंत बाद सीएम योगी ने इस पर कड़ी कार्यवाही करने का भरोसा और सही आरोपी को सजा दिलाने की बात कही थी. तो इसी मामले में अभी बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है.

टीवी मीडिया के फ़रिश्ते पर हुई बड़ी कार्यवाही

आपको बता दें गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में टीवी चैनलों ने वहां के इन्सेफेलाइटिस डिपार्टमेंट के चीफ डॉक्टर कफील खान को ऊपर वाले का फरिश्ता बता जा रहा था. जिसने रात भर दौड़ दौड़ कर ऑक्सीजन के सिलिण्डर का इंतज़ाम किया. लेकिन असल में परदे के पीछे कुछ और ही कहानी चल रही थी. इसी मामले में अब बड़ी कार्यवाही की खबर आ रही है जिसके तहत मुख्या आरोपी डॉ. कफील खान को आज सुबह यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है. दरअसल वो जो ऑक्सीजन किलिंदर दौड़ दौड़ के ला रहे रहे थे असल में वो सरकारी अस्पताल से चुरा के अपने प्राइवेट क्लिनिक में ही खुद कफील खान ने ही लगाए थे. पोल खुलने के डर से रात भर में सबूत साफ़ कर डाले.

बच्चों के कातिल डॉक्टर को धर दबोचा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉक्टर कफील खान को लखनऊ से धर-दबोचा गया है. TV मीडिया का ये फरिश्ता पिछले पंद्रह दिनों से फरार चल रहा था. उन पर आरोप है कि वो अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर चुराकर अपने निजी क्लीनिक पर इस्तेमाल किया करता थे, जानकारी के मुताबिक कफील और प्रिंसिपल राजीव मिश्रा के बीच गहरी साठगांठ थी और दोनों इस हादसे के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं. यही नहीं कफील खान की कई पत्रकारों से भी अच्छी मित्रता के चलते ही उन्हें फ़रिश्ते की तरह बिकाऊ मीडिया ने दिखाया.


खबर के सही होने का सबूत मांगने वालों के लिए नीचे ट्वीट लगाया गया है

आपको बता दें बीआरडी मेडिकल कॉलेज मामले में अब तक कुल 9 लोग आरोपी बनाए गए हैं. लेकिन कफील खान की गिरफ़्तारी से अब इस मामले की परत दर परत असल सच्चाई सामने आएगी. बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 29 अगस्त की रात 12 बजे से 30 अगस्त की रात 12 बजे तक 24 घंटे में 13 बच्चों की मौत हुई थी. इनमें एनआईसीयू में 08 और पीआईसीयू में अलग-अलग बीमारियों से 5 बच्चों की मौत हुई है. बता दें कि एनआईसीयू में कुल 114 और पीआईसीयू में 240 मरीज भर्ती हैं. अगस्त महीने में अब तक 399 बच्चों की मौत हुई है.

बड़ा खुलासा आया अब सामने

इस मामले में सबसे बड़ी खबर जो अब सामने आयी उसमें पता चला है कि डॉ. कफील मेडिकल कॉलेज की खरीद कमेटी का मेंबर था.उसको ऑक्सीजन सप्लाई न होने की पूरी जानकारी थी. कुछ वक़्त पहले जब सीएम योगी आदित्यनाथ मेडिकल कॉलेज के दौरे पर आए थे वो भी उनके इर्द-गिर्द घूम रहे थे. लेकिन उसने भी उन्हें ऑक्सीजन की बकाया रकम के बारे में कुछ नहीं बताया.

यही नहीं सबसे बड़ा सच तो खुद मेडिकल कॉलेज के कई कर्मचारियों और डॉक्टरों ने बताया है कि डॉक्टर कफील खान वहां होने वाली हर खरीद में कमीशन लेता था और उसका एक तय हिस्सा प्रिंसिपल राजीव मिश्रा तक पहुंचाता था. ऑक्सीजन कंपनी पुष्पा सेल्स के साथ चल रहे विवाद में भी राजीव मिश्रा के साथ कफील का बड़ा हाथ था. हमने जितने लोगों से भी बात की उनमें से सभी का यही कहना था कि डॉक्टर राजीव मिश्रा, उनकी पत्नी पूर्णिमा शुक्ला और डॉ. कफील खान अहमद ही इन बच्चों की मौत के असली दोषी हैं.


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