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तो क्या सोनिया गाँधी ने कराया था गुजरात का गोधरा कांड ?

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नई दिल्ली : ये बात तो सभी जानते हैं कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमन्त्री बनने से रोकने के लिए कई राजनीतिक पार्टियों की ओर से पूरी-पूरी कोशिश की गयी थी. प्रधानमन्त्री बनने के बाद पीएम मोदी ने ऐसे-ऐसे कड़े फैसले लिए हैं कि उनके काफी दुश्मन भी बन गए हैं. वहीँ देश पर 60 सालों तक राज करने वाली कांग्रेस की ओर से भी पीएम मोदी पर कई तरह के आरोप लगाए जाते रहे हैं.

लोकसभा चुनाव से पहले खुद सोनिया गांधी ने पीएम मोदी को मौत का सौदागर तक कह दिया था. जिसके बाद तथाकथित मीडिया द्वारा भी इस मुद्दे को खूब उछाला गया था. अब उसी से जुडी एक खबर सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही है. दरअसल ख़बरों के मुताबिक़ 27 फरवरी 2002 को कुछ अज्ञात लोगों ने गोधरा रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन की कुछ बोगियों में आग लगा दी थी.

आग लगने के कारण अयोध्या से वापस लौट रहे 59 कारसेवकों की जलने के कारण मौत हो गयी थी. जिसके बाद गुजरात में भीषण साम्प्रदायिक हिंसा फ़ैल गयी थी. हालांकि पुलिस की जांच में जिन लोगों के नाम सामने आये और गिरफ्तारियां की गयीं उनमे से कुछ लोगों के तार कांग्रेस से जुड़े होने की खबरें भी सामने आयीं.

इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़ गोधरा ट्रेन आगजनी के मामले में गिरफ्तार किये गए आरोपियों में से पांच के नाम मुहम्मद हुसैन अब्दुल रहीम कलोटा, सलीम अब्दुल गफ्फार शेख, अब्दुल रहमान अब्दुल माजिद दांतिया, फारूख भाना और हाजी बिलाल थे.


खबर आयी है कि इसमें शामिल मुहम्मद हुसैन अब्दुल रहीम कलोटा दरअसल गोधरा नगरपालिका का अध्यक्ष और जिला कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का संयोजक था. वहीँ सलीम अब्दुल गफ्फार शेख को पंचमहल युवा कांग्रेस अध्यक्ष बताया जा रहा है. फारूख भाना के जिला कांग्रेस कमेटी का सचिव और अब्दुल रहमान अब्दुल माजिद दांतिया व् हाजी बिलाल के कांग्रेस कार्यकर्ता होने की खबर भी सामने आयी है.

इसके अलावा इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार भी गोधरा ट्रेन कांड मामले में कई कांग्रेस नेताओं का नाम आरोपियों की सूची में शामिल था. इस रिपोर्ट के मुताबिक़ भी कांग्रेस जिला अल्पसंख्यक ईकाई और गोधरा नगरपालिका का अध्यक्ष मेहमूद हुसैन कालोटा, पंचमहल युवा कांग्रेस का अध्यक्ष सलीम अब्दुल गफ्फार शेख और जिला कांग्रेस समिति का सचिव फारुख भाना इस मामले में मुख्य रुप से शामिल थे.

इसके अलावा जब गोधरा कांड के लिए 31 लोगों को दोषी ठहराया गया, तो उनमें दो कांग्रेसी नेता भी शामिल थे जिनमे से एक को अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी थी और दूसरे को फांसी की सजा सुनाई गयी थी.

पाँचों मुख्य आरोपियों के तार कांग्रेस से जुड़े होने की खबर आते ही देशभर में लोग जम के कांग्रेस पर अपना गुस्सा निकाल रहे हैं. सोशल मीडिया में लोग कांग्रेस को धिक्कारते हुए सोनिया गांधी को पीएम मोदी से माफ़ी मांगने के लिए कह रहे हैं वहीँ कई लोगों ने तो भारत को कांग्रेस मुक्त बनाने के दावे भी कर दिए हैं.


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