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हिंदुस्तान के ये ख़ास 423 बाहुबली हो गए हैं तैयार, सरहद पर देंगे आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब

देहरादून : एक दिन पहले ही कश्मीर के उरी सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश करते हुए भारतीय सेना ने पांच आतंकियों को मार गिराया था. कश्मीर में आये दिन आतंकवादियों की बढ़ती घुसपैठ को देखते हुए अब सेना और भी ज़्यादा सतर्क हो गयी है. जिसकी बदौलत पिछले 48 घंटे में दो दर्ज़न से ज़्यादा आतंकियों को मार गिराया गया है. इसी बीच अब सेना ने आतंकवाद को जड़ से ख़त्म करने के मिशन में खास 423 बाहुबली तैयार करें हैं, अब ये बॉर्डर पर आतंकियों को मुँहतोड़ जवाब देंगे.

भारतीय सेना को मिले 423 जांबाज अफसर

ये वो खास जाबांज़ हैं जो अब देश के लिए सेना में जाने को तैयार है और आतंकियों को मुहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं. ये जाबांज़ जवानों ने कल उस अग्निपरीक्षा को पास किया है, जिससे अब देश की सुरक्षा, अपने मज़बूत कन्धों पर लेकर चलेंगे. देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड से देश के 423 जेंटलमेंट कैडेट पासआउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट बन गए. शनिवार को आईएमए में “भारत माता तेरी कसम, तेरे रक्षक बनेंगे हम” इस गीत पर कदमताल करते जेंटलमैन कैडेट ड्रिल स्क्वायर पहुंचे, नज़ारा कुछ ऐसा लगा जैसे विशाल सागर सा उमड़ आया हो. एक साथ उठते कदम और गर्व से तने सीने दर्शक दीर्घा में बैठे हर व्यक्ति के भीतर तीव्र ऊर्जा का संचार हो रहा था.सिर्फ हिंदुस्तानी ही नहीं बल्कि विदेश जांबाज जवान भी सेना में शामिल हुए, जो ट्रेनिंग के बाद बेहद अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहे थे.

भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत बतौर रिव्यूइंग अफसर ने परेड की सलामी ली. पासआउट होने वाले कैडेटों में सबसे ज्यादा यूपी के, दूसरे नंबर पर हरियाणा और तीसरे नंबर पर उत्तराखंड के कैडेट रहे. कश्मीर में अब पत्थरबाजों में महिलाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आर्मी चीफ बिपिन रावतने अब महिला ब्रिगेड को भी पत्थरबाज महिलाओं को सबक सीखने के लिए सेना में शामिल किया है. अलगाववादी महिला नेता आसिया अंद्राबी इन महिला पत्थरबाज़ों को तैयार करती है और देश और सेना के विरुद्ध उनके मन में ज़हर घोलने का काम करती है.

शनिवार को ही जनरल बिपिन रावत ने मीडिया से कहा कि देश विरोधी ताकतों द्वारा जम्मू-कश्मीर में युवाओं को गलत सूचना दी जा रही है और गुमराह किया जा रहा है. वह भारतीय सैन्य अकादमी में जेंटलमेन कैडेट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा आतंकवाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है और उन्होंने कैडेट से कहा कि वे स्थिति से निपटने के लिए अपने आप को पहले से तैयार करके रख लें.

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