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कश्मीर में फारूक अब्दुल्ला ने पार की नीचता की सभी हदें, देश के साथ-साथ सेना भी आयी गुस्से में !

farooq-kupwara

कश्मीर : देश के जवान देश की रक्षा करते-करते शहीद हो रहे हैं और नेताओं को नेतागिरी और राजनीति से ही फुर्सत नहीं है. कुछ नेता तो राजनीति के लिए इतने नीचे गिर जाते हैं, कि सेना के शहीदों का अपमान करने से भी नहीं कतराते. ऐसे ही एक नेता हैं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व नेशनल कांफ्रेंस के चेयरमैन फारूक अब्दुल्ला, जो आये दिन देश व् सेना के खिलाफ बयानबाजी करके अपनी राजनीति चमकाने में ही व्यस्त रहते हैं.


मुस्लिमों को बदनाम करने के लिए हो रही है कुपवाड़ा की चर्चा !

ख़बरों के मुताबिक़ फारूक अब्दुल्ला ने हाल ही में कश्मीर के कुपवाड़ा में सेना के कैंप में हुए आतंकी हमले में मारे गए शहीदों का अपमान करने वाला एक बयान दिया है. फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि मुसलमानों को बदनाम करने के लिए कुपवाड़ा हमले की जरुरत से ज्यादा चर्चा की जा रही है.

एक तो आतंकी हमलों में सेना के एक कैप्टन समेत तीन सैन्यकर्मी शहीद हो गए और इनके मुताबिक़ इसकी चर्चा भी ना की जाए. इन्हे मीडिया के इस मुद्दे पर चर्चा करने से भी ऐतराज है. इनके मुताबिक़ मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए ही कुपवाड़ा हमले पर चर्चा की जा रही है.

इनके मुताबिक़ सुकमा में नक्सलियों द्वारा किये गए हमले पर वैसा शोरगुल नहीं हो रहा, जैसा कुपवाड़ा पर किया जा रहा है. हालांकि सभी जानते हैं कि सुकमा हमले को लेकर भी मीडिया ने काफी सख्त आवाज उठायी थी, साथ ही कई बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज़ ने भी इस बारे में सरकार से कड़े कदम उठाने की अपील की थी. हालाकि खुद फारूक अब्दुल्ला ने सुकमा हमले पर मौन धारण किया हुआ था. कश्मीर में जवानों के मरने से इन्हे कोई सरोकार नहीं, इन्हे तो इसमें भी केवल राजनीति ही चमकानी है.


गौरतलब है कि गुरुवार को उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में आतंकियों ने सेना के एक कैंप पर हमला कर दिया था, जिसमें एक कैप्टन समेत तीन सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे और पांच अन्य सैनिक घायल हो गए थे. सेना की जवाबी कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी भी मारे गए थे. इससे पहले सोमवार को छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों ने सीआरपीएफ की टीम पर हमला कर दिया था, जिसमे 25 जवान शहीद हो गए थे.

फारूक अब्दुल्ला ने बयान दिया है कि छत्तीसगढ़ में मारे गए सीआरपीएफ के 25 जवानों पर ज्यादा चर्चा नहीं की जा रही, जबकि कुपवाड़ा में मारे गए सेना के तीन जवानों पर बहुत शोरगुल मचाया जा रहा है. उनके मुताबिक़ ऐसा देश में मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए किया जा रहा है.

ये पहली बार नहीं है जब फारूक अब्दुल्ला ने देश विरोधी बयानबाजी की है. अभी कुछ ही वक़्त पहले कश्मीर में उपचुनाव से पहले फारूक ने कश्मीर में पत्थरबाजी का समर्थन करते हुए भी बयान जारी किया था. फारूक ने कहा था कि कश्मीर के पत्थरबाज युवक घाटी में टूरिज्म के लिए अपनी जान नहीं दे रहे हैं. जिसके बाद फारूक अब्‍दुल्‍ला 10 हजार से ज्‍यादा वोटों से चुनाव जीत भी गए थे.


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